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अवैध खनन में जब्त वाहन नहीं होंगे कबाड़: सरकार ने खनिज नियम-2021 में वाहन अनुसार राशि तय कर सुपुर्दगी का बनाया नियम
Wed, 09 Feb 2022 08:44 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 09 Feb 2022 08:44 PM IST
सार
प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्रवाई के लिए बुधवार को कैबिनेट ने खनिज नियम-2021 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब अधिसूचना जारी होने के बाद नए नियम प्रदेश में लागू हो जाएंगे। नए नियमों में सरकार ने वाहनों को कबाड़ होने से बचाने के लिए तय राशि कर सुपुर्दगी का नियम बनाया है।
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सरकार ने वाहनों को कबाड़ होने से बचाने के लिए तय राशि कर सुपुर्दगी का नियम बनाया है।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
प्रदेश में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर कार्रवाई के लिए बुधवार को कैबिनेट ने खनिज नियम-2021 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब अधिसूचना जारी होने के बाद नए नियम प्रदेश में लागू हो जाएंगे। नए नियमों में सरकार ने वाहनों को कबाड़ होने से बचाने के लिए तय राशि कर सुपुर्दगी का नियम बनाया है।
नए नियम के अनुसार वाहन मालिक जब्ती और ट्रायल के दौरान अपने वाहनों की नए प्रावधानों में तय राशि जमा कर कस्टडी में ले सकेंगे। अभी कलेक्टर बांड और बैंक गारंटी के साथ वाहन सुपुर्द करते थे, लेकिन प्रक्रिया जटिल होने से वाहन मालिक वाहनों को छुड़ा नहीं पाते थे। अब नए नियम से वाहनों कबाड़ नहीं हो सकेंगे। सरकार ने अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के तीन अलग-अलग कानून को एक करने के लिए नए नियम-2021 को स्वीकृति दी है।
किस वाहन के लिए कितनी राशि जमा करनी होगी
ट्रैक्टर-ट्राली 50 हजार रुपये, 2 एक्सल छह पहिया वाहन- डेढ़ लाख रुपये, डम्पर हाइड्रोलिक छह पहिया वाहन 2 लाख रुपये, 3 एक्सल दस पहिया वाहन 3 लाख रुपये, 4-6 एक्स दस पहिया वाहन से अधिक 4 लाख रुपये, जेसीबी 2 लाख रुपये, पोकलेन 4 लाख रुपये में वाहन मालिक अपनी कस्टडी में ल सकेंगे।
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रॉयल्टी का 15 गुना और इतना कि पर्यावरण क्षति जुर्माना
नए नियमों में अवैध उत्खनन और भंडारण में रॉयल्टी का 15 गुना और इतना ही पर्यावरण क्षति का समझौता शुल्क देना होगा। यानी रॉयल्टी का 30 गुना राशि जमा करनी होगी। इससे इनकार करने पर समझौता शुक्ला दोगुना हो जाएगा और मशीनरी राजसात की जाएगी।
वहीं, अवैध परिवहन में रॉयल्टी का 15 गुना समझौता शुल्क देना होगा। लेकिन पर्यावरण क्षति पूर्ति वाहनों की क्षमता के अनुसार लगाई जाएगी। इसमें ट्रैक्टर-ट्राली पर 25 हजार रुपये, छह पहिया वाहन पर 50 हजार रुपये, डम्पर पर 1 लाख, दस पहिया वाहन पर 2 लाख ओर दस पहिया वाहन पर 4 लाख रुपये की राशि जमा करना होगा। इसमें भी समझौता नहीं होने पर कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार दोगुना दंड और मशीनरी को राजसात करने की प्रक्रिया की जाएगी।
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नए नियम के अनुसार वाहन मालिक जब्ती और ट्रायल के दौरान अपने वाहनों की नए प्रावधानों में तय राशि जमा कर कस्टडी में ले सकेंगे। अभी कलेक्टर बांड और बैंक गारंटी के साथ वाहन सुपुर्द करते थे, लेकिन प्रक्रिया जटिल होने से वाहन मालिक वाहनों को छुड़ा नहीं पाते थे। अब नए नियम से वाहनों कबाड़ नहीं हो सकेंगे। सरकार ने अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के तीन अलग-अलग कानून को एक करने के लिए नए नियम-2021 को स्वीकृति दी है।
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किस वाहन के लिए कितनी राशि जमा करनी होगी
ट्रैक्टर-ट्राली 50 हजार रुपये, 2 एक्सल छह पहिया वाहन- डेढ़ लाख रुपये, डम्पर हाइड्रोलिक छह पहिया वाहन 2 लाख रुपये, 3 एक्सल दस पहिया वाहन 3 लाख रुपये, 4-6 एक्स दस पहिया वाहन से अधिक 4 लाख रुपये, जेसीबी 2 लाख रुपये, पोकलेन 4 लाख रुपये में वाहन मालिक अपनी कस्टडी में ल सकेंगे।
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रॉयल्टी का 15 गुना और इतना कि पर्यावरण क्षति जुर्माना
नए नियमों में अवैध उत्खनन और भंडारण में रॉयल्टी का 15 गुना और इतना ही पर्यावरण क्षति का समझौता शुल्क देना होगा। यानी रॉयल्टी का 30 गुना राशि जमा करनी होगी। इससे इनकार करने पर समझौता शुक्ला दोगुना हो जाएगा और मशीनरी राजसात की जाएगी।
वहीं, अवैध परिवहन में रॉयल्टी का 15 गुना समझौता शुल्क देना होगा। लेकिन पर्यावरण क्षति पूर्ति वाहनों की क्षमता के अनुसार लगाई जाएगी। इसमें ट्रैक्टर-ट्राली पर 25 हजार रुपये, छह पहिया वाहन पर 50 हजार रुपये, डम्पर पर 1 लाख, दस पहिया वाहन पर 2 लाख ओर दस पहिया वाहन पर 4 लाख रुपये की राशि जमा करना होगा। इसमें भी समझौता नहीं होने पर कोर्ट की प्रक्रिया के अनुसार दोगुना दंड और मशीनरी को राजसात करने की प्रक्रिया की जाएगी।
