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Umaria News: रात भर तड़पती रही महिला, दोपहर में इलाज के लिए आए डॉक्टर, फिर हो गई मौत, परिजनों ने किया हंगामा
Thu, 28 Nov 2024 12:02 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2024 12:02 PM IST
सार
जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में लापरवाही के कारण हुई मौत की सूचना दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया जिले का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर कभी डॉक्टरों की लापरवाही तो कभी बीएमओ की अनुपस्थिति के कारण अक्सर सुर्खियों में रहता है। ऐसा ही एक मामला 25 नवम्बर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में सामने आया। जहां, बुखार से पीड़ित ग्राम कछौन्हा निवासी इंद्रपाल पटेल अपनी पत्नी हेमा पटेल (उम्र 30 वर्ष) को लेकर पहुंचे थे। ड्यूटी डॉक्टर ने हेमा पटेल को अस्पताल में भर्ती करने को कहा तो इंद्रपाल ने पत्नी को भर्ती करा दिया। इसके बाद डॉक्टर भूल गए कि अस्पताल में कोई मरीज भर्ती है। जिसका नजीता यह रहा कि बुखार से तपती हेमा पटेल रातभर चिल्लाती रही और उसका पति इंद्रपाल डॉक्टरों से इलाज की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने नहीं सुना।
26 नवंबर की दोपहर में डॉक्टर पहुंचे तो हेमा पटेल की हालत देखकर डॉक्टर के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल उमरिया रेफर किया गया। रेफर करने के तीन घंटे बाद तक जिला अस्पताल लाने का कोई साधन नहीं मिला, और न ही 108 एम्बुलेंस का पता चला। इस बीच हेमा की मौत हो गई और डॉक्टर परिजनों को दिलासा देते रहे। शरीर में कोई हलचल नहीं होने पर परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने डॉक्टर से सवाल जवाब किए। तब, डॉक्टर ने बताया कि वह अब नहीं रहीं। यह सुनकर हेमा के पति ने घरवालों और रिश्तेदारों को जानकारी दी।
रात होने तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर पर परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ लग गई। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और शव को वहीं रखकर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग की थी बीएमओ डॉक्टर निशांत सिंह परिहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। समाजसेवी, नेता और अन्य लोग भी इस घटना की जानकारी मिलने पर वहां एकत्रित हो गए। मानपुर एसडीएम कमलेश राम नीरज और मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मर्शकोले भी अपने स्टाफ के साथ मौके पहुंचे। देर रात तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में हलचल रही। मानपुर थाना प्रभारी और एडीएम की समझाइश पर परिजन शव ले जाने के लिए तैयार हुए। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार ने आश्वासन दिया कि जांच के बाद लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मर्शकोले ने वाहन की व्यवस्था करके शव और परिजनों को उनके गांव कछौन्हा भेजवा दिया।
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प्रदेश यूथ कांग्रेस की महासचिव और जनपद सदस्य रोशनी सिंह ने कहा कि चार दिन के भीतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर की व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। अगर, ऐसा नहीं होता और बीएमओ डॉक्टर निशांत सिंह पर कार्रवाई नहीं होती है तो जनता धरना, प्रदर्शन और आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएगी।
मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मर्शकोले ने बताया कि देर रात तक भारी संख्या में आक्रोशित लोग अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे। परिजनों की समझाइश के बाद में शव गांव भेजा गया। जहां, पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों की मांग है कि बीएमओ डॉक्टर निशांत सिंह पर सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल की व्यवस्था सुधारी जाए। जिससे भविष्य में कोई और ऐसी घटना न हो। जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में लापरवाही के कारण हुई मौत की सूचना दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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26 नवंबर की दोपहर में डॉक्टर पहुंचे तो हेमा पटेल की हालत देखकर डॉक्टर के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल उमरिया रेफर किया गया। रेफर करने के तीन घंटे बाद तक जिला अस्पताल लाने का कोई साधन नहीं मिला, और न ही 108 एम्बुलेंस का पता चला। इस बीच हेमा की मौत हो गई और डॉक्टर परिजनों को दिलासा देते रहे। शरीर में कोई हलचल नहीं होने पर परिजनों को शक हुआ तो उन्होंने डॉक्टर से सवाल जवाब किए। तब, डॉक्टर ने बताया कि वह अब नहीं रहीं। यह सुनकर हेमा के पति ने घरवालों और रिश्तेदारों को जानकारी दी।
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रात होने तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर पर परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ लग गई। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और शव को वहीं रखकर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग की थी बीएमओ डॉक्टर निशांत सिंह परिहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। समाजसेवी, नेता और अन्य लोग भी इस घटना की जानकारी मिलने पर वहां एकत्रित हो गए। मानपुर एसडीएम कमलेश राम नीरज और मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मर्शकोले भी अपने स्टाफ के साथ मौके पहुंचे। देर रात तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में हलचल रही। मानपुर थाना प्रभारी और एडीएम की समझाइश पर परिजन शव ले जाने के लिए तैयार हुए। कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार ने आश्वासन दिया कि जांच के बाद लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मर्शकोले ने वाहन की व्यवस्था करके शव और परिजनों को उनके गांव कछौन्हा भेजवा दिया।
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प्रदेश यूथ कांग्रेस की महासचिव और जनपद सदस्य रोशनी सिंह ने कहा कि चार दिन के भीतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर की व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। अगर, ऐसा नहीं होता और बीएमओ डॉक्टर निशांत सिंह पर कार्रवाई नहीं होती है तो जनता धरना, प्रदर्शन और आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएगी।
मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मर्शकोले ने बताया कि देर रात तक भारी संख्या में आक्रोशित लोग अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहे। परिजनों की समझाइश के बाद में शव गांव भेजा गया। जहां, पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों की मांग है कि बीएमओ डॉक्टर निशांत सिंह पर सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पताल की व्यवस्था सुधारी जाए। जिससे भविष्य में कोई और ऐसी घटना न हो। जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में लापरवाही के कारण हुई मौत की सूचना दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
