फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Umaria News ›   MP News: Padmashree Jodhaiya Bai, a prominent figure of tribal painting, passed away, people in mourning

MP News: आदिवासी चित्रकला की प्रमुख हस्ती पद्मश्री जोधइया बाई का निधन, क्षेत्र में शोक; CM ने जताया दुख

Sun, 15 Dec 2024 09:19 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 15 Dec 2024 09:19 PM IST
सार

Jodhaiya Bai Passed Away: आदिवासी चित्रकला की एक प्रमुख हस्ती पद्मश्री जोधइया बाई का लंबी बीमारी के बाद रविवार को निधन हो गया। उनकी मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। लोग कला के क्षेत्र में उनके योगदान को याद कर भावुक हो रहे हैं।

विज्ञापन
MP News: Padmashree Jodhaiya Bai, a prominent figure of tribal painting, passed away, people in mourning
पद्मश्री जोधइयाबाई का निधन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आदिवासी चित्रकला की एक प्रमुख हस्ती पद्मश्री सम्मानित जोधइया बाई का निधन रविवार की शाम उनके ग्राम लोधा (उमरिया) स्थित आवास पर लंबी बीमारी के बाद हो गया। जोधइया बाई की चित्रकला ने न केवल आदिवासी कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, बल्कि उन्होंने अपने अद्वितीय कार्यों से देश-दुनिया में अपनी छाप छोड़ी। उनकी मौत के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
विज्ञापन


जोधइया बाई के निधन पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने लिखा कि उमरिया जिले के ग्राम लोधा से सुप्रसिद्ध बैगा चित्रकार पद्मश्री जोधइया बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। आज मध्यप्रदेश के साथ देश ने भी एक ऐसी कलाकार को खो दिया, जिन्होंने पूरा जीवन जनजातीय संस्कृति, कला व परंपराओं पर आधारित चित्रकला को देश-विदेश में एक पहचान दिलाई। जनजातीय चित्रकला और समर्पण के माध्यम से आप सदैव याद की जाएंगी। बाबा महाकाल से दिवंगत की पुण्यात्मा को शांति प्रदान करने और परिजनों व प्रशंसकों को अपार दु:ख सहन करने की प्रार्थना करता हूं। ।।ॐ शांति।।
विज्ञापन



 
चित्रकला के क्षेत्र में योगदान
जोद्धइया बाई, जो शिक्षा से वंचित थीं, ने 70 वर्ष की आयु में चित्रकला सीखनी शुरू की थी। उनके गुरु प्रसिद्ध चित्रकार आशीष स्वामी थे, जिनसे उन्होंने चित्रकला की बारीकियों को सीखा। बैगा समुदाय की इस महिला चित्रकार ने अपनी कला से पूरी दुनिया में आदिवासी चित्रकला की पहचान बनाई और उसे एक नया आयाम दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन



 
महत्वपूर्ण सम्मान और उपलब्धियां
अपनी कला के माध्यम से जोधइया बाई ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन किया। 2022 में उन्हें राष्ट्रीय नारी शक्ति सम्मान से नवाजा गया और 2023 में 85 वर्ष की आयु में उन्हें देश का प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान प्राप्त हुआ। यह सम्मान उनके समर्पण और कला के प्रति उनकी निष्ठा की पहचान थी।
 
अंतिम समय और बीमारी
जोधइया बाई पिछले एक साल से पैरालिसिस सहित अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं, जो अंततः उनकी मृत्यु का कारण बनी। 86 वर्ष की आयु में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा ली, लेकिन अपने पीछे उन्होंने एक अमूल्य धरोहर छोड़ दी है– बैगा चित्रकला का वह अद्वितीय रूप जो भारतीय सांस्कृतिक धारा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। जोद्धइया बाई के निधन से न केवल कला जगत में, बल्कि आदिवासी समुदाय में भी एक गहरी रिक्तता पैदा हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed