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Umaria News: कलेक्टर की कार्रवाई से मचा अधिकारियों में हड़कंप, 54 अधिकारियों का रुका वेतन
Wed, 16 Oct 2024 06:19 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 06:19 PM IST
सार
MP: उमरिया कलेक्टर ने कार्रवाई कर 54 अधिकारियों के वेतन अगले आदेश तक रोक दिये हैं। ये कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत प्राप्त शिकायतों में संतोषजनक एवं समाधानकारक निराकरण में सुधार नहीं करने को लेकर है।
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कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया जिले में कलेक्टर की कार्रवाई ने अधिकारियों पर हड़कंप मचा दिया है। जहां कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने समय सीमा की बैठक में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान ग्रेडिंग में सुधार (ए ग्रेड) हेतु निर्देशित किया गया था, किंतु संबंधित विभागों की ग्रेडिंग में सुधार नहीं पाया गया। जबकि पूर्व में अनेको बार सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत प्राप्त शिकायतों में संतोषजनक एवं समाधानकारक निराकरण कराया जाकर शिकायतों को संतुष्टिपूर्ण बंद कराये जाने हेतु निर्देशित किया जाता रहा है, किंतु विभागीय अधिकारियों द्वारा लंबित शिकायतों के निराकरण में रुचि नहीं लिये जाने एवं शिकायतें संतुष्टपूर्ण बंद नहीं कराये जाने पर विभाग की प्रगति अत्यंत न्यून है। जिससे जिले एवं विभाग की ग्रेडिंग प्रभावित हुई। कलेक्टर ने जिले के 54 अधिकारियों का माह अक्टूबर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका है।
बता दें कि जिले में अधिकारी बेलगाम होने के कारण ग्रामीणों और पीड़ितों को मजबूर होकर सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ता है और उसके बाद अधिकारियों की दादागिरी शुरू हो जाती है। गरीब ग्रामीणों को धमका कर उनका मोबाइल जबरन लेकर उससे ओटीपी लेकर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें बन्द करवाई जाती हैं, यही कारण है कि लोग दुबारा से रिपीट शिकायत करते हैं और अधिकारी उसका निराकरण करने में रुचि नहीं लेते, जिसके कारण जिले की ग्रेडिंग घटती जाती है, यदि ईमानदारी से आवेदनों का निराकरण किया जाय तो सीएम हेल्पलाइन तक लोगों को शिकायत करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
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बता दें कि जिले में अधिकारी बेलगाम होने के कारण ग्रामीणों और पीड़ितों को मजबूर होकर सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ता है और उसके बाद अधिकारियों की दादागिरी शुरू हो जाती है। गरीब ग्रामीणों को धमका कर उनका मोबाइल जबरन लेकर उससे ओटीपी लेकर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें बन्द करवाई जाती हैं, यही कारण है कि लोग दुबारा से रिपीट शिकायत करते हैं और अधिकारी उसका निराकरण करने में रुचि नहीं लेते, जिसके कारण जिले की ग्रेडिंग घटती जाती है, यदि ईमानदारी से आवेदनों का निराकरण किया जाय तो सीएम हेल्पलाइन तक लोगों को शिकायत करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
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