{"_id":"678f871f182d571d20058e77","slug":"vandana-thakur-won-the-title-of-miss-india-bodybuilder-won-gold-ujjain-news-c-1-1-noi1228-2543850-2025-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain News: वंदना ठाकुर ने जीता मिस इंडिया बॉडी बिल्डर का खिताब, जीता गोल्ड मेडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain News: वंदना ठाकुर ने जीता मिस इंडिया बॉडी बिल्डर का खिताब, जीता गोल्ड मेडल
Tue, 21 Jan 2025 06:57 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 06:57 PM IST
सार
वंदना ठाकुर की यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि देशभर की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह दिखाया कि कठिन मेहनत और आत्मविश्वास से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
विज्ञापन
वंदना ठाकुर ने जीता मिस इंडिया बॉडीबिल्डर का ख़िताब
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंडियन बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन मुंबई के तत्वावधान में कर्नाटक बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन द्वारा शूगर सिटी बेलगावी में 33 लाख केश प्राइज 16वीं सीनियर मेंस एंड वूमेंस फिटनेस बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें मध्यप्रदेश की प्रथम महिला बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल के साथ मिस इंडिया का खिताब अर्जित किया। स्वर्णिम उपलब्धि के साथ मध्य प्रदेश की प्रथम महिला बॉडी बिल्डर के रुप मिस इंडिया बॉडी बिल्डिंग एंड फिटनेस का अलंकरण प्राप्त किया।
मध्यप्रदेश की बेटी और प्रसिद्ध महिला बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर ने एक और मेडल अपने नाम कर लिया है। दरअसल, वंदना ने नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप 2025 में महिला बॉडी बिल्डिंग कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर मिस इंडिया बॉडी बिल्डर का खिताब अपने नाम किया है। यह प्रतियोगिता कर्नाटक के बेलगाम में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से 2000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
विज्ञापन
अपने अद्वितीय प्रदर्शन से वंदना ने न केवल इस प्रतियोगिता को जीता बल्कि भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं। कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि भारतीय बॉडी बिल्डिंग के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति और उनकी क्षमताओं का प्रतीक है। वंदना ठाकुर को गोल्ड मेडल, 50 हजार कैश, क्राउन,आकर्षक उपहार प्रदान किए गए।
गौरवमयी उपलब्धि पर इंडिया बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन मुंबई के अध्यक्ष स्वामी रमेश (तेलंगाना), इंटरनेशनल जनरल सेक्रेटरी चेतन पठारे (मुंबई), पद्मश्री पूर्व मिस्टर यूनिवर्स प्रेमचंद ढींगरा (पंजाब) ने टीम मध्य प्रदेश के महासचिव अतिन तिवारी, चेयर मेन प्रेम सिंह यादव, अध्यक्ष जितेंद्र सिंह कुशवाह, नेशनल जज शैलेंद्र व्यास स्वामी मुस्कुराके, रोहित जेठवा, डॉ. कुलदीप त्रिवेदी का विशिष्ट खेल अभिनंदन किया।
इस पल के लिए मैने वर्षों इंतजार किया
यह मेरे लिए एक गौरवपूर्ण अवसर है। मैंने इसके लिए दिन-रात कड़ी मेहनत की है। यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की है, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया। मैं आभार व्यक्त करती हूं अतुल मलिकराम सर, नेहा गौर मैम, अतिन तिवारी सर, उज्जैन एसोसिएशन और गोल्ड जिम भंवरकुआ का, जिन्होंने मुझे हर कदम पर सहयोग किया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस मेडल को पाने के लिए मैने में कड़ी मेहनत, सही डाइट और अनुशासन के साथ खुद को तैयार किया। इस जीत के लिए उन्होंने अपनी ताकत, फिटनेस और बॉडी पॉश्चर के हर पहलू को निखारा। उनके इस सफर में उज्जैन एसोसिएशन और गोल्ड जिम, भंवरकुआ का भी बड़ा योगदान रहा।
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं- ठाकुर
वंदना ठाकुर की यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि देशभर की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह दिखाया कि कठिन मेहनत और आत्मविश्वास से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। अपनी इस उपलब्धि के बाद वंदना का कहना है कि वह आगे भी बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। वह युवा महिलाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने और बॉडीबिल्डिंग में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके लिए यह मेडल पाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मध्यप्रदेश की बेटी और प्रसिद्ध महिला बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर ने एक और मेडल अपने नाम कर लिया है। दरअसल, वंदना ने नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप 2025 में महिला बॉडी बिल्डिंग कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर मिस इंडिया बॉडी बिल्डर का खिताब अपने नाम किया है। यह प्रतियोगिता कर्नाटक के बेलगाम में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से 2000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था।
विज्ञापन
अपने अद्वितीय प्रदर्शन से वंदना ने न केवल इस प्रतियोगिता को जीता बल्कि भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं। कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि भारतीय बॉडी बिल्डिंग के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति और उनकी क्षमताओं का प्रतीक है। वंदना ठाकुर को गोल्ड मेडल, 50 हजार कैश, क्राउन,आकर्षक उपहार प्रदान किए गए।
गौरवमयी उपलब्धि पर इंडिया बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन मुंबई के अध्यक्ष स्वामी रमेश (तेलंगाना), इंटरनेशनल जनरल सेक्रेटरी चेतन पठारे (मुंबई), पद्मश्री पूर्व मिस्टर यूनिवर्स प्रेमचंद ढींगरा (पंजाब) ने टीम मध्य प्रदेश के महासचिव अतिन तिवारी, चेयर मेन प्रेम सिंह यादव, अध्यक्ष जितेंद्र सिंह कुशवाह, नेशनल जज शैलेंद्र व्यास स्वामी मुस्कुराके, रोहित जेठवा, डॉ. कुलदीप त्रिवेदी का विशिष्ट खेल अभिनंदन किया।
इस पल के लिए मैने वर्षों इंतजार किया
यह मेरे लिए एक गौरवपूर्ण अवसर है। मैंने इसके लिए दिन-रात कड़ी मेहनत की है। यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की है, जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया। मैं आभार व्यक्त करती हूं अतुल मलिकराम सर, नेहा गौर मैम, अतिन तिवारी सर, उज्जैन एसोसिएशन और गोल्ड जिम भंवरकुआ का, जिन्होंने मुझे हर कदम पर सहयोग किया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस मेडल को पाने के लिए मैने में कड़ी मेहनत, सही डाइट और अनुशासन के साथ खुद को तैयार किया। इस जीत के लिए उन्होंने अपनी ताकत, फिटनेस और बॉडी पॉश्चर के हर पहलू को निखारा। उनके इस सफर में उज्जैन एसोसिएशन और गोल्ड जिम, भंवरकुआ का भी बड़ा योगदान रहा।
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं- ठाकुर
वंदना ठाकुर की यह सफलता न केवल उनके लिए, बल्कि देशभर की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह दिखाया कि कठिन मेहनत और आत्मविश्वास से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। अपनी इस उपलब्धि के बाद वंदना का कहना है कि वह आगे भी बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। वह युवा महिलाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने और बॉडीबिल्डिंग में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके लिए यह मेडल पाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
