Ujjain News: पानी के लिए उज्जैन में हाहाकार, बाल्टी लेकर महापौर बंगले पहुंचे कांग्रेसी, पानी दो के लगे नारे
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का गृह नगर है, लेकिन शहर के प्रथम नागरिक, महापौर मुकेश टटवाल को शायद उज्जैन की समस्याएं नजर नहीं आ रही हैं। गंभीर डेम में पर्याप्त जल होने के बावजूद पिछले दो दिनों से शहर में जलप्रदाय नहीं हो पा रहा है।
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'महापौर पानी दो... पानी दो... प्यासा शहर करे पुकार, नींद से जागो महापौर... महापौर की तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी...' कुछ ऐसे ही नारों के साथ आज मंगलवार को उज्जैन में कांग्रेस के पदाधिकारी, पार्षद और कार्यकर्ताओं ने महापौर बंगले पर पहुंचकर हाथों में खाली बाल्टियां लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने महापौर को ज्ञापन सौंपते हुए शहर में जलप्रदाय न होने पर आक्रोश व्यक्त किया और उन्हें यह सीख दी कि अगर आपका अधिकारियों-कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं है तो आप पद पर क्यों बने हुए हैं।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने प्रदर्शन की जानकारी देते हुए बताया कि यह मुख्यमंत्री का गृह नगर है, लेकिन शहर के प्रथम नागरिक, महापौर मुकेश टटवाल को शायद उज्जैन की समस्याएं नजर नहीं आ रही हैं। गंभीर डेम में पर्याप्त जल होने के बावजूद पिछले दो दिनों से शहर में जलप्रदाय नहीं हो पा रहा है। जलप्रदाय की समस्या के साथ ही शहरवासी आवारा मवेशियों, बिजली कटौती, गड्ढों से भरी सड़कों और मच्छरों की समस्या से भी त्रस्त हैं, लेकिन यह समस्याएं महापौर मुकेश टटवाल को शायद नजर नहीं आतीं। उन्हें उनके कर्तव्यों की याद दिलाने और नींद से जगाने के लिए हमने बाल्टियां लेकर महापौर बंगले पर यह प्रदर्शन किया है।
भ्रष्टाचारियों को करो सस्पेंड
प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने महापौर मुकेश टटवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर के प्रथम नागरिक को जनता की समस्याएं दिखाई नहीं देतीं। इसलिए, उन्हें नींद से जगाने के लिए यह प्रदर्शन किया गया। राय ने बताया कि महापौर को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह प्रदर्शन किया गया, साथ ही यह भी बताया गया कि अगर अधिकारी और कर्मचारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए। राय ने महापौर को यह सलाह भी दी कि एमआईसी की बैठक बुलाकर दोषी कर्मचारियों और भ्रष्टाचारियों को सस्पेंड करने की कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में कई समस्याओं से शहरवासी परेशान हो रहे हैं।
गंदे पानी के वीडियो दिखाए, बाल्टी बजाकर किया प्रदर्शन
कांग्रेस का आरोप है कि कई बार महापौर मुकेश टटवाल को ज्ञापन देने और समस्या बताने का प्रयास किया गया, लेकिन वे जनता की समस्या सुनना ही नहीं चाहते। इसलिए, आज बाल्टी बजाकर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कुछ ऐसे वीडियो भी दिखाए, जिनमें नलों से आने वाला पानी इतना गंदा और मटमैला नजर आ रहा था कि पीने से शहरवासी डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं और अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
शहरवासियों को साफ-स्वच्छ जल मिलेगा-महापौर
जब जलप्रदाय न होने के मुद्दे पर महापौर मुकेश टटवाल से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि डीपी में फॉल्ट होने के कारण पिछले दो दिनों से जलप्रदाय नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब इसे सही कर दिया गया है। उज्जैन की जनता को साफ-स्वच्छ जल मिले, इसके लिए मैं कार्य कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा।
जलसंकट के कारण जनता को भी सड़कों पर उतरना पड़ा
पुराने शहर के वार्ड-25 में कम दबाव से जलप्रदाय होने पर 26 अक्टूबर को रहवासियों को सड़कों पर उतरना पड़ा और उन्हें क्षीरसागर पानी की टंकी का घेराव करना पड़ा। इसके अलावा, विक्रमनगर में पूरी क्षमता से जलप्रदाय न होने के कारण परेशान लोगों ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को जलप्रदाय की समस्या से अवगत करवाया। शिकायत और आग्रह करने के बाद भी क्षेत्र की पानी की समस्या दूर नहीं हुई, तो आक्रोशित रहवासियों ने 30 अक्टूबर को सड़कों पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। वहीं, वार्ड-6 में भी पूरी क्षमता से जलप्रदाय न होने पर नाराज लोगों ने आगर रोड स्थित इंदिरानगर पानी की टंकी का घेराव कर दिया। सेठीनगर से अलकापुरी तक भी केवल 10 से 15 मिनट ही जलप्रदाय हो रहा है, वह भी कम प्रेशर के साथ, जिससे लोगों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।
