{"_id":"64dc5df350569f9bc30daf75","slug":"ujjain-meeting-of-hari-har-took-place-on-completion-of-more-months-baba-mahakal-had-56-bhog-2023-08-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain: अधिक मास पूर्ण होने पर हुआ हरि-हर का मिलन, भस्मारती में बाबा महाकाल को लगा 56 भोग, महापंचामृत पूजन हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain: अधिक मास पूर्ण होने पर हुआ हरि-हर का मिलन, भस्मारती में बाबा महाकाल को लगा 56 भोग, महापंचामृत पूजन हुआ
Wed, 16 Aug 2023 10:56 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 16 Aug 2023 10:56 AM IST
सार
Ujjain Mahakal: बुधवार को अधिक मास पूर्ण होने पर महाकाल मंदिर में विशेष पूजन अर्चन किया गया। बाबा महाकाल का महापंचामृत अभिषेक हुआ और भस्मारती में बाबा को 56 भोग लगाए गए।
विज्ञापन
बाबा महाकाल को लगे 56 भोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैसे तो प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और श्रद्धालु बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन करते हैं। लेकिन बुधवार को अधिकमास की समाप्ति पर बाबा महाकाल के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे।
बुधवार रात तीन बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया। भस्मआरती के पूर्व मंदिर में पुजारी, पुरोहितों ने जलाभिषेक कर भगवान महाकाल का भांग से श्रृंगार किया, जिसके बाद अधिकमास के पूर्ण होने पर श्री महाकालेश्वर पुजारी परिवार की ओर से बाबा महाकाल को छप्पन भोग अर्पित किया गया। पूजन के बाद महानिवार्णी अखाड़े के द्वारा भस्म अर्पित की गई। मंदिर के पुजारी पंडित गौरव शर्मा ने बताया कि अधिक मास के पूर्ण होने पर मंदिर में हरि और हर का मिलन हुआ। श्रावण मास शिव को समर्पित होता है, जबकि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को। हरि और हर की कृपा सभी पर बनी रहे इसी कामना के साथ मंदिर में विशेष पूजन अर्चन हुआ। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने चलायमान दर्शन व्यवस्था के तहत अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार रात तीन बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया। भस्मआरती के पूर्व मंदिर में पुजारी, पुरोहितों ने जलाभिषेक कर भगवान महाकाल का भांग से श्रृंगार किया, जिसके बाद अधिकमास के पूर्ण होने पर श्री महाकालेश्वर पुजारी परिवार की ओर से बाबा महाकाल को छप्पन भोग अर्पित किया गया। पूजन के बाद महानिवार्णी अखाड़े के द्वारा भस्म अर्पित की गई। मंदिर के पुजारी पंडित गौरव शर्मा ने बताया कि अधिक मास के पूर्ण होने पर मंदिर में हरि और हर का मिलन हुआ। श्रावण मास शिव को समर्पित होता है, जबकि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को। हरि और हर की कृपा सभी पर बनी रहे इसी कामना के साथ मंदिर में विशेष पूजन अर्चन हुआ। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने चलायमान दर्शन व्यवस्था के तहत अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया।
विज्ञापन
