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Ujjain Mahakal: भस्मआरती में महाकाल का हुआ राजसी शृंगार, नवीन मुकुट पहनाया, त्रिपुंड संग मस्तक पर लगाया सर्प
Sun, 24 Mar 2024 08:17 AM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 24 Mar 2024 08:17 AM IST
सार
आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज चतुर्दशी की भस्मआरती में बाबा महाकाल का नवीन मुकुट पहनाकर त्रिपुंड के साथ मस्तक पर सर्प लगाकर मखाने की माला और पगड़ी पहनकर राजसी शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और गुजिया का भोग भी लगाया गया।
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उज्जैन महाकाल भस्म आरती दर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी रविवार तड़के भस्म आरती की गई। इस दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से कर पूजन अर्चन किया।
प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व कमल के पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज चतुर्दशी की भस्मआरती में बाबा महाकाल का नवीन मुकुट पहनाकर त्रिपुंड के साथ मस्तक पर सर्प लगाकर मखाने की माला और पगड़ी पहनकर राजसी शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और गुजिया का भोग भी लगाया गया।
भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
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चांदी का छत्र दान दिया
श्री महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी इंद्रनारायण शर्मा की प्रेरणा से राजस्थान के जयपुर के कपिल सोनी द्वारा 400 ग्राम चांदी का छत्र भगवान श्री महाकालेश्वर को अर्पित किया गया। इसे गर्भगृह निरीक्षक कमल जोशी द्वारा प्राप्त कर दानदाता का सम्मान कर विधिवत रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी कोठार प्रभारी मनीष पांचाल द्वारा दी गई।
रजत सामग्री दान में दी
श्री महाकालेश्वर मंदिर में छत्तीसगढ़ के रायपुर से पधारीं नीलम शर्मा द्वारा मंदिर के पुजारी विकास शर्मा की प्रेरणा से 1 नग चांदी का छत्र, 1 नग मुकुट व 1 नग नाग भगवान श्री महाकालेश्वर को अर्पित किया गया। जिसका कुल वजन लगभग 886 ग्राम है। इसे मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त कर विधिवत रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी कोठार प्रभारी मनीष पांचाल द्वारा दी गई।
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प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और रुद्राक्ष व कमल के पुष्पों की माला धारण करवाई गई। आज के शृंगार की विशेष बात यह रही कि आज चतुर्दशी की भस्मआरती में बाबा महाकाल का नवीन मुकुट पहनाकर त्रिपुंड के साथ मस्तक पर सर्प लगाकर मखाने की माला और पगड़ी पहनकर राजसी शृंगार किया गया। शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्मी रमाई गई और गुजिया का भोग भी लगाया गया।
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भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
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चांदी का छत्र दान दिया
श्री महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी इंद्रनारायण शर्मा की प्रेरणा से राजस्थान के जयपुर के कपिल सोनी द्वारा 400 ग्राम चांदी का छत्र भगवान श्री महाकालेश्वर को अर्पित किया गया। इसे गर्भगृह निरीक्षक कमल जोशी द्वारा प्राप्त कर दानदाता का सम्मान कर विधिवत रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी कोठार प्रभारी मनीष पांचाल द्वारा दी गई।
रजत सामग्री दान में दी
श्री महाकालेश्वर मंदिर में छत्तीसगढ़ के रायपुर से पधारीं नीलम शर्मा द्वारा मंदिर के पुजारी विकास शर्मा की प्रेरणा से 1 नग चांदी का छत्र, 1 नग मुकुट व 1 नग नाग भगवान श्री महाकालेश्वर को अर्पित किया गया। जिसका कुल वजन लगभग 886 ग्राम है। इसे मंदिर प्रबंध समिति द्वारा प्राप्त कर विधिवत रसीद प्रदान की गई। यह जानकारी कोठार प्रभारी मनीष पांचाल द्वारा दी गई।
