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Ujjain Mahakal: बाबा महाकाल ने धारण की मुंडमाला, दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्त हुए निहाल
Mon, 05 Feb 2024 08:55 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 05 Feb 2024 08:55 AM IST
सार
मुंड माला पहनाकर बाबा महाकाल का शृंगार किया गया। उसके बाद भस्म रमाई गई। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन हजारों भक्तों ने किए।
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बाबा महाकाल।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
माघ कृष्ण पक्ष की दशमी सोमवार पर आज भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का निराला स्वरूप देखने को मिला। त्रिपुंड, सूर्य, चंद्र और मुंडमाला धारण करने के बाद बाबा महाकाल ने मुकुट धारण किया और आभूषण भी पहने जिसने भी इस शृंगार को देखा देखते ही रह गया। इस दौरान पहले बाबा महाकाल का शृंगार किया गया। उसके बाद भस्म रमाई गई। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन हजारों भक्तों ने किए।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर मे सोमवार सुबह हुई भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही मंदिर में सर्वप्रथम पुजारी और पुरोहितों के द्वारा भगवान श्री गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया। उसके बाद कपूर आरती की गई। उसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से किया गया। भगवान को सूर्य, चन्द्र अर्पित कर और मस्तक पर त्रिपुंड और आभूषण से शृंगारित करने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर महानिवार्णी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को मुंडमाला के साथ मुकुट धारण करवाए गए। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर मे सोमवार सुबह हुई भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही मंदिर में सर्वप्रथम पुजारी और पुरोहितों के द्वारा भगवान श्री गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया। उसके बाद कपूर आरती की गई। उसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से किया गया। भगवान को सूर्य, चन्द्र अर्पित कर और मस्तक पर त्रिपुंड और आभूषण से शृंगारित करने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर महानिवार्णी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई।
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भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को मुंडमाला के साथ मुकुट धारण करवाए गए। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
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