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Ujjain: मां शिप्रा का जल फिर हुआ मैला, प्री-मानसून की बारिश में ही ड्रेनेज का नाला उफनाया, श्रद्धालु नाराज
Sun, 25 Jun 2023 10:42 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 25 Jun 2023 10:42 AM IST
सार
Ujjain Shipra River : अंडरग्राउंड सीवरेज सहित खान डायवर्सन व अन्य कई योजनाओं को लागू किया गया है, जिससे कि शिप्रा में गंदे नाले नहीं मिल सके, लेकिन करोड़ों के खर्च के बाद भी लगातार शिप्रा में गंदे नालों के पानी के मिलने का क्रम लगातार जारी है।
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शिप्रा नदी में मिला नाले का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उज्जैन में प्री-मानसून की बारिश में ही शिप्रा नदी में फिर गंदा पानी मिलना शुरू हो गया है। इसकी जानकारी जिम्मेदारों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर निगम कमिश्नर तुरंत रामघाट पहुंचे। शिप्रा में गंदा नाले का पानी मिलने से वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।
तीर्थ पुरोहितों ने किया विरोध
शहर में इन दिनों रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बारिश से शिप्रा नदी का जल स्तर तो नहीं बढ़ा, लेकिन रामघाट स्थित नाले के चेंबर में जरूर उफान आ गया, जिससे शिप्रा नदी में मलमूत्र और नाले का गन्दा पानी मिलने लगा। इसको लेकर रामघाट पर तीर्थ पुरोहितों द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। वहीं, स्नान करने आने वाले श्रद्धालु भी गंदा पानी को मिलता देख शिप्रा में नहाने से बचते नजर आए। कुछ दिनों पहले ही शिप्रा नदी में नगर निगम की गलती से हजारों गैलन सीवरेज का पानी मिल गया था। और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई थी। इस बार भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
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लाखों खर्च लेकिन शिप्रा नहीं हो पा रही शुद्ध
शासन एवं प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर शिप्रा को शुद्ध करने के लिए कई तरह की योजनाएं बनाई गई हैं। शहर में भी स्मार्ट सिटी के माध्यम से अंडरग्राउंड सीवरेज सहित खान डायवर्सन व अन्य कई योजनाओं को लागू किया गया है। जिससे कि शिप्रा में गंदे नाले नहीं मिल सके, लेकिन करोड़ों के खर्च के बाद भी लगातार शिप्रा में गंदे नालों के पानी के मिलने का क्रम लगातार जारी है।
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तीर्थ पुरोहितों ने किया विरोध
शहर में इन दिनों रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बारिश से शिप्रा नदी का जल स्तर तो नहीं बढ़ा, लेकिन रामघाट स्थित नाले के चेंबर में जरूर उफान आ गया, जिससे शिप्रा नदी में मलमूत्र और नाले का गन्दा पानी मिलने लगा। इसको लेकर रामघाट पर तीर्थ पुरोहितों द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है। वहीं, स्नान करने आने वाले श्रद्धालु भी गंदा पानी को मिलता देख शिप्रा में नहाने से बचते नजर आए। कुछ दिनों पहले ही शिप्रा नदी में नगर निगम की गलती से हजारों गैलन सीवरेज का पानी मिल गया था। और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की गई थी। इस बार भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
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लाखों खर्च लेकिन शिप्रा नहीं हो पा रही शुद्ध
शासन एवं प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर शिप्रा को शुद्ध करने के लिए कई तरह की योजनाएं बनाई गई हैं। शहर में भी स्मार्ट सिटी के माध्यम से अंडरग्राउंड सीवरेज सहित खान डायवर्सन व अन्य कई योजनाओं को लागू किया गया है। जिससे कि शिप्रा में गंदे नाले नहीं मिल सके, लेकिन करोड़ों के खर्च के बाद भी लगातार शिप्रा में गंदे नालों के पानी के मिलने का क्रम लगातार जारी है।
