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Ujjain News: कुवैत गए पिता की अनदेखी से नाराज भाई-बहन ने ली अपनी जान, पति को दिखाने मां ने खून फ्रिज में रखा

Tue, 02 Apr 2024 07:43 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 02 Apr 2024 07:43 PM IST
सार

उज्जैन में भाई-बहन की आत्महत्या के मामले में माता-पिता को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने सुसाइड नोट में अपने पैरेंट्स पर उपेक्षा का आरोप लगाया था। दरअसल, भाई-बहन ने मां के साथ मिलकर सुसाइड का नाटक करने का प्लान बनाया। लेकिन ये नाटक हकीकत में बदल गया।

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Ujjain Angered by neglect of their father who had gone to Kuwait Bohra brother sister committed suicide
मृतक भाई-बहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पैसे कमाने की अंधी भूख में अपने परिवार को छोड़कर कुवैत गए एक व्यक्ति ने परिवार से कुछ ऐसा किनारा किया कि बीमारी के कारण बच्चों को दिखाई देना कम हो गया और वह डिप्रेशन में चले गए। बेटी भी धीरे-धीरे मानसिक बीमारी का शिकार होने लगी। बच्चे लगातार पिता से घर लौटने और इलाज करवाने की मिन्नत करते रहे, लेकिन जब पिता ने उनकी बात नहीं मानी तो अंत में उन्होंने हाथ की नस काटकर और जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी।

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बच्चों की पिता से इतनी ज्यादा नाराजगी थी कि उन्होंने मौत के पहले अपनी मां को कहा था कि जब हमारे पिता आएं तो उन्हें हमारा खून जरूर दिखाना, जिसके लिए मां ने दोनों भाई-बहन का खून फ्रिज में रख रखा था।
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ये रहा पूरा मामला
वैसे तो उज्जैन धार्मिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध है, लेकिन यहां होने वाले नए-नए तरीके के अपराधों के कारण भी अब यह शहर चर्चाओं में बना रहता है। रंगपंचमी के एक दिन पहले उज्जैन में एक ऐसा ही अपराध घटित हुआ था, जिसमें भाई ताहेर और बहन जाहरा ने घर में हाथ की नस काटकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। अचानक हुई भाई-बहन के मौत का मामला शुरुआत से ही पुलिस के लिए पेचीदा था। 
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इस मामले को आत्महत्या मानते हुए थाना जीवाजीगंज पुलिस ने मर्ग क्रमांक 12 एवं 13 धारा 174 जा. फौ का मर्ग पंजीबद्ध कर जब जांच शुरू की तो धीरे-धीरे पूरे मामला साफ हो गया। शुरुआत में यह मामला सुसाइड नोट मिलने से आत्महत्या का नजर आ रहा था। लेकिन शॉर्ट पीएम की रिपोर्ट में मृतक भाई-बहनों के पेट में जहर मिला था। मामले में पुलिस द्वारा की गई जांच में जब मृतकों के पिता सादिक और उनकी मां फातिमा से सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि बच्चों के पिता सादिक कुवैत में रुपया कामना तो चाहते थे। लेकिन उन्हें जैसे अपने बीवी बच्चों से कोई लेना-देना नहीं था।

बच्चे नाराज रहते थे
पत्नी और बच्चे बार-बार उन्हें घर बुलाते थे। लेकिन वह कई साल से घर नहीं आए थे। इसके साथ ही सादिक ने बच्चों का इलाज करवाने से भी मना कर दिया था। पिता की इस बेरुखी से बच्चे बुरी तरह नाराज थे। इसलिए उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया, जिसकी जानकारी उनकी मां को भी थी।

घटना के दौरान मां फातिमा भी अपनी जान देना चाहती थी, लेकिन बच्चों ने उसे यह कहकर रोका था कि हमारी मौत के बाद जब पिता घर आएं तो उन्हें हमारा खून जरूर दिखाना। यही कारण था कि ताहेर और जाहरा की मौत के बाद फातिमा ने दोनों बच्चों का खून फ्रिज में रख रखा था। इस मामले में दोनों बच्चों की आत्महत्या के पीछे उनके माता-पिता का हाथ होने से थाना जीवाजीगंज ने सादिक ओर फातिमा के विरुद्ध धारा 306, 305 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर लिया है।

साल 2003 से कुवैत में नौकरी कर रहा था सादिक
बताया जाता है कि मृतकों के पिता सादिक साल 2003 से कुवैत में नौकरी कर रहा था और घर पर कई साल से नहीं आया था। वह परिवार को कम समय देता था और पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन सही से नहीं करता था। बुलाने पर भी वह घर नहीं आता था। घर की स्थिति यह थी कि बच्चे ताहेर को बचपन से आंखों की बीमारी थी, उसे कम दिखाई देता था। साथ ही वह कुछ डिप्रेशन में भी था, उसका भी सही ढंग से इलाज नहीं कराया था। इस कारण से वह मानसिक रूप से तनाव में रहता था।

जबकि लड़की जाहरा भी पारिवारिक समस्या को लेकर मानसिक रूप से परेशान रहती थी। बच्चों का इलाज करने और पति को उज्जैन बुलाने को लेकर पत्नी भी कई बार पति को कह चुकी थी। लेकिन फिर भी सादिक घर नहीं आया और बच्चों की बातों को भी अनसुना कर देता था।

व्हाट्सएप पर किया था मैसेज
कुछ दिनों पहले सादिक ने फातिमा को मोबाइल पर मैसेज किया कि मेरे पास रुपये कम हैं तथा कर्ज ज्यादा है। मुझसे तुम लोग ज्यादा उम्मीद मत रखना। इस मैसेज के बाद से फातिमा ताहिर और जाहरा ने आत्महत्या करने का निर्णय लिया था। बच्चे इस घटना के लिए अपनी मां को आत्महत्या करने देना नहीं चाहते थे। इसीलिए पहले उन्होंने नींद की गोलियां खाकर व हाथों की नस काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। किंतु इससे जब उनकी मौत नहीं हुई तो ताहेर ओर जाहरा ने मां के द्वारा घर में लाकर रखी सल्फॉस की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली।


फातिमा ने लिखा था सुसाइड नोट
घटना के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था। इस सुसाइड नोट की जांच की गई तो पता चला कि सुसाइड नोट पर किए गए हस्ताक्षर तो बच्चों के ही थे। लेकिन इस सुसाइड नोट को फातिमा ने लिखा था।

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