{"_id":"64cfa8e0bdab7333e407a263","slug":"tomorrow-fifth-ride-of-shri-mahakaleshwar-god-will-give-darshan-to-the-devotees-in-the-form-of-shri-holkar-2023-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain Mahakal: श्री महाकालेश्वर की पांचवीं सवारी कल, श्री होलकर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे भगवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain Mahakal: श्री महाकालेश्वर की पांचवीं सवारी कल, श्री होलकर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे भगवान
Sun, 06 Aug 2023 07:36 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 06 Aug 2023 07:36 PM IST
सार
महाकाल बाबा की पांचवीं सवारी सोमवार को निकाली जाएगी। हमेशा की तरह इस सवारी में भी बाबा का एक नया रूप शामिल होगा। भगवान पांच रूपों में दर्शन देंगे।
विज्ञापन
महाकाल की पांचवीं सवारी कल
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण/भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम पांचवीं सवारी 7 अगस्त 2023 को निकाली जाएगी। इस बार पांच रूपों में महाकाल के दर्शन होंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर संदीप कुमार सोनी ने बताया कि श्री महाकालेश्वर भगवान की 7 अगस्त को निकलने वाली पंचम सवारी में पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव और नंदी रथ पर उमा-महेश, डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी। उसके बाद सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
सवारी के दौरान इन बातों पर रहेगा प्रतिबंध
सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि, कृपया सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारीगण भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कढ़ाव रखें। दर्शनार्थी सवारी में उल्टी दिशा में न चलें और सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें। दर्शनार्थी कृपया गलियों में वाहन न रखें। श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंकें। सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र वितरण न करें। इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें। सभी भजन मंडलियों के प्रमुख अपनी भजन मंडलियों में निर्धारित संख्या में रहने, ड्रेसकोड का पालन करने व मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जारी किए गए अनुमति पत्र अनिवार्य रूप से धारण करने हेतु निर्देशित करें| सवारी में झांकी, शोभारथ, डीजे, मुखौटे, ठेले, फोटो, भजन मंडली के नाम व भगवान के बैनर के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति विशेष का प्रचार-प्रसार संबंधित बैनर, होर्डिंग आदि नहीं लगाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी। उसके बाद सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहां शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
विज्ञापन
सवारी के दौरान इन बातों पर रहेगा प्रतिबंध
सवारी के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि, कृपया सवारी मार्ग में सड़क की ओर व्यापारीगण भट्टी चालू न रखें और न ही तेल का कढ़ाव रखें। दर्शनार्थी सवारी में उल्टी दिशा में न चलें और सवारी निकलने तक अपने स्थान पर खड़े रहें। दर्शनार्थी कृपया गलियों में वाहन न रखें। श्रद्धालु सवारी के दौरान सिक्के, नारियल, केले, फल आदि न फेंकें। सवारी के बीच में प्रसाद और चित्र वितरण न करें। इसके अलावा पालकी के आसपास अनावश्यक संख्या में लोग न रहें। सभी भजन मंडलियों के प्रमुख अपनी भजन मंडलियों में निर्धारित संख्या में रहने, ड्रेसकोड का पालन करने व मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जारी किए गए अनुमति पत्र अनिवार्य रूप से धारण करने हेतु निर्देशित करें| सवारी में झांकी, शोभारथ, डीजे, मुखौटे, ठेले, फोटो, भजन मंडली के नाम व भगवान के बैनर के अतिरिक्त अन्य किसी व्यक्ति विशेष का प्रचार-प्रसार संबंधित बैनर, होर्डिंग आदि नहीं लगाया जाए।
विज्ञापन
