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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   This year's Pitru Paksha will begin with the immersion of Shri Ganesh's

Ujjain News: गणपति बप्पा के विसर्जन का मूहूर्त सुबह 10.49 से शाम इतने बजे तक, आज से ही पितृ पक्ष की शुरुआत

Tue, 17 Sep 2024 07:57 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Tue, 17 Sep 2024 07:57 AM IST
सार

ज्यो. पं चंदन श्यामनारायण व्यास के अनुसार श्रद्धा से किया गया कर्म श्राद्ध होता है। हमारे सनातन धर्म में अपने पूर्वजों की आत्म शांति और मोक्ष के लिए श्राद्ध पर्व अर्थात पितृपक्ष का समय अत्यंत विशेष माना गया है।  

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This year's Pitru Paksha will begin with the immersion of Shri Ganesh's
पंडित चंदन श्यामनारायण व्यास, ज्योतिषाचार्य

विस्तार

श्री गणेश पार्थिव विसर्जन का मूहूर्त आज 17 सितंबर मगंलवार को सुबह 10.49 से 12.21 तक लाभ, दोपहर 12.21 से 1.52 अमृत और दोपहर 2.34 से 4.56 शुभ रहेगा। इसी के साथ आज इस वर्ष का पितृ पक्ष प्रारंभ होगा जो 2 अक्टूबर तक रहेगा।
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ज्यो. पं चंदन श्यामनारायण व्यास के अनुसार श्रद्धा से किया गया कर्म श्राद्ध होता है। हमारे सनातन धर्म में अपने पूर्वजों की आत्म शांति और मोक्ष के लिए श्राद्ध पर्व अर्थात पितृपक्ष का समय अत्यंत विशेष माना गया है।
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मान्यता अनुसार इन दिनों किया गया श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करने से हमारे पूर्वज संतुष्ट होते हैं। इसीलिए पितरों की पूजा तर्पण एवं पिंडदान श्राद्ध में करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन दिनों पितृ तर्पण व पिंड दान करने से पितृ संतुष्ट हो कर उनके वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते है। ज्यो. पं चंदन श्यामनारायण व्यास के अनुसार पितृ पक्ष 2024 शास्त्र सम्मत श्राद्ध तिथि निर्णय में पूर्णिमा का श्राद्ध 17 सितंबर, प्रतिपदा श्राद्ध 18 सितंबर, द्वितीया श्राद्ध 19 सितंबर, तृतीया श्राद्ध 20 सितंबर, चतुर्थी श्राद्ध 21 सितंबर, पंचमी का श्राद्ध 22 सितंबर, षष्टी का श्राद्ध 23 सितंबर, सप्तमी का श्राद्ध 23 सितंबर, अष्टमी श्राद्ध 24 सितंबर, नवमी श्राद्ध 25 सितंबर, दशमी का श्राद्ध 26 सितंबर, एकादशी का श्राद्ध 27 सितंबर, 28 सितंबर को कोई श्राद्ध नही रहेगा। द्वादशी (सन्यासियों) का श्राद्ध 29 सितंबर, त्रयोदशी का श्राद्ध 30 सितम्बर, चतुर्दशी का श्राद्ध 1 अक्टूबर, सर्व पितृ अमावस्या 2 अक्टूबर को होगा। इस पितृ पक्ष में भरणी नक्षत्र का श्राद्ध 21 सितंबर को और मघा श्राद्ध 29 सितम्बर को रहेगा। यह विशेष श्राद्ध कहे गए हैं इन नक्षत्रों में तर्पण और श्राद्ध का अधिक फल प्राप्त होता है। इसके अलावा अपनी अपनी कुल परंपरा और रीति अनुसार श्राद्ध करना चाहिए।
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