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Ujjain News: उज्जैन में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत, अस्पताल सील
Mon, 10 Mar 2025 07:10 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Mon, 10 Mar 2025 07:10 AM IST
सार
घटना के बाद अस्पताल संचालक तैयबा शेख और दलाल माया फरार हो गए। परिजनों ने पंवासा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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पंवासा थाना उज्जैन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपने पति और सास के साथ एक प्रसूता डिलीवरी करवाने के लिए चरक चिकित्सालय आगर रोड तो पहुंची थी, लेकिन यहां ऐसा कुछ हुआ कि प्रसूता के परिजनों ने चरक अस्पताल की बजाय पांड्याखेड़ी स्थित अस्पताल में प्रसूता की डिलीवरी करवाई। जहां डिलीवरी तो हो गई लेकिन फिर यह मामला कुछ इतना उलझा की इस पूरे घटनाक्रम में नवजात की जान चली गई।
उज्जैन में एक फर्जी अस्पताल में झोला छाप डॉक्टर की वजह से एक नवजात शिशु की मौत हो गई। घटना को लेकर हंगामा होने के बाद स्वास्थ विभाग ने फर्जी अस्पताल को सील कर दिया गया, लेकिन डॉक्टर और दलाल फरार हो गए।
दरअसल, सदावल निवासी श्यामू बाई अपने बेटे संजू मालवीय की पत्नी को डिलीवरी के लिए चरक के सरकारी अस्पताल लेकर गई थीं। यहां से उन्हें माया मालवीय एक निजी अस्पताल में नॉर्मल डिलिवरी का वादा कर पांड्याखेड़ी स्थित फर्जी डॉक्टर तैयबा शेख के अस्पताल ले गई। वहां डॉ. तैयबा ने 10 हजार रुपये लेकर डिलीवरी करवा दी, लेकिन नवजात की स्थिति खराब होने पर उसे फिर चरक अस्पताल भेज दिया।
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इस दौरान शिशु की मौत हुई तो शेख और माया फरार हो गए। नतीजतन परिजन पंवासा थाने पहुंच गए और अपने साथ ही घटना से पुलिस को अवगत कराया। इस पूरे मामले की जानकारी लगते ही स्वास्थ विभाग के आदेश पर माधव नगर अस्पताल प्रभारी डॉ. विक्रम रघुवंशी तुरंत डॉ. शेख के अस्पताल पर पहुंचे और छापामार कर इसे सील कर दिया। पीड़ित की मां श्यामू बाई और पति संजू ने बताया कि वह डिलीवरी के लिए सरकारी अस्पताल चरक ले गए थे। यहां से उनकी रिश्तेदार माया उन्हें निजी अस्पताल ले गई थी, लेकिन केस बिगड़ने के बाद भाग गई।
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उज्जैन में एक फर्जी अस्पताल में झोला छाप डॉक्टर की वजह से एक नवजात शिशु की मौत हो गई। घटना को लेकर हंगामा होने के बाद स्वास्थ विभाग ने फर्जी अस्पताल को सील कर दिया गया, लेकिन डॉक्टर और दलाल फरार हो गए।
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दरअसल, सदावल निवासी श्यामू बाई अपने बेटे संजू मालवीय की पत्नी को डिलीवरी के लिए चरक के सरकारी अस्पताल लेकर गई थीं। यहां से उन्हें माया मालवीय एक निजी अस्पताल में नॉर्मल डिलिवरी का वादा कर पांड्याखेड़ी स्थित फर्जी डॉक्टर तैयबा शेख के अस्पताल ले गई। वहां डॉ. तैयबा ने 10 हजार रुपये लेकर डिलीवरी करवा दी, लेकिन नवजात की स्थिति खराब होने पर उसे फिर चरक अस्पताल भेज दिया।
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इस दौरान शिशु की मौत हुई तो शेख और माया फरार हो गए। नतीजतन परिजन पंवासा थाने पहुंच गए और अपने साथ ही घटना से पुलिस को अवगत कराया। इस पूरे मामले की जानकारी लगते ही स्वास्थ विभाग के आदेश पर माधव नगर अस्पताल प्रभारी डॉ. विक्रम रघुवंशी तुरंत डॉ. शेख के अस्पताल पर पहुंचे और छापामार कर इसे सील कर दिया। पीड़ित की मां श्यामू बाई और पति संजू ने बताया कि वह डिलीवरी के लिए सरकारी अस्पताल चरक ले गए थे। यहां से उनकी रिश्तेदार माया उन्हें निजी अस्पताल ले गई थी, लेकिन केस बिगड़ने के बाद भाग गई।
