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निस्वार्थ प्रेम: शवयात्रा के साथ तीन किमी का सफर कर शमशान पहुंचा श्वान, अंतिम संस्कार के बाद घाट पर गमगीन दिखा
Fri, 31 Mar 2023 10:04 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 31 Mar 2023 10:04 AM IST
सार
अंतिम संस्कार के बाद श्वान जिस तरक्ती पर शव लाया गया उस पर बहुत देर तक उदास बैठा रहा। पूरे समय वह शव के आसपास ही रहा जैसे उस श्वान और मृतक का कोई अटूट सम्बन्ध रहा हो।
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शमशान घाट में बैठा श्वान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बेजुबान जानवरों से लोगों को मोह होना और उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानकर ना उनका ध्यान रखना और उनके अच्छे बुरे समय में उनके साथ रहना, ऐसे कई नजारे आपने देखे होंगे। लेकिन रविवार को उज्जैन में एक अनोखी घटना देखने को मिली, जिसमें एक व्यक्ति की मौत पर गली में घूमने वाला स्वान ना सिर्फ शवयात्रा के साथ लगभग तीन किलोमीटर तक पैदल चला, बल्कि मृतक से ना जाने उसका क्या रिश्ता था कि चक्रतीर्थ पर भी वह मृतक को लाई गई तरक्ती और उसके कपड़ों के पास बैठकर रोता रहा।
भरावा बाखल नयापुरा उज्जैन में रविवार को कैलाश गहलोत की शवयात्रा प्रारंभ हुई तो शवयात्रा के साथ-साथ एक श्वान भी पूरी यात्रा के साथ घर से लेकर श्मशान तक साथ चलता रहा। जब शरीर को पंचमहाभूत को समर्पित किया गया, तो वह श्वान जिस तरक्ती पर शव लाया गया उस पर बहुत देर तक उदास बैठा रहा। पूरे समय वह शव के आसपास ही रहा जैसे उस श्वान और मृतक का कोई अटूट सम्बन्ध रहा हो।
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भरावा बाखल नयापुरा उज्जैन में रविवार को कैलाश गहलोत की शवयात्रा प्रारंभ हुई तो शवयात्रा के साथ-साथ एक श्वान भी पूरी यात्रा के साथ घर से लेकर श्मशान तक साथ चलता रहा। जब शरीर को पंचमहाभूत को समर्पित किया गया, तो वह श्वान जिस तरक्ती पर शव लाया गया उस पर बहुत देर तक उदास बैठा रहा। पूरे समय वह शव के आसपास ही रहा जैसे उस श्वान और मृतक का कोई अटूट सम्बन्ध रहा हो।
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