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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Teaching Girls Fight Fear: Ujjain Story of MAMTA SANGTE, Who Empowered 1200 with Self-Defense

Mother's Day: निर्भया कांड से प्रेरित होकर ममता सांगते ने शुरू किया मिशन, दिया नि:शुल्क मार्शल आर्ट प्रशिक्षण

Sun, 10 May 2026 06:31 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sun, 10 May 2026 06:31 AM IST
सार

उज्जैन की समाजसेविका ममता सांगते ने निर्भया कांड से प्रेरित होकर 1200 बच्चियों को निशुल्क मार्शल आर्ट प्रशिक्षण दिया। वे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, सैनिकों की सहायता, आपदा राहत और जरूरतमंद परिवारों की मदद जैसे सेवा कार्यों में लगातार सक्रिय हैं।

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Teaching Girls Fight Fear: Ujjain Story of MAMTA SANGTE, Who Empowered 1200 with Self-Defense
सतत कर रही सेवाकार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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धार्मिक नगरी उज्जैन की समाजसेविका ममता सांगते पिछले 30 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। निर्भया कांड के बाद उन्होंने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को अपना मिशन बना लिया। अब तक वे 1200 बच्चियों को निशुल्क मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दे चुकी हैं, वहीं 300 महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रशिक्षित कर चुकी हैं।

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ममता सांगते ने बताया कि निर्भया कांड ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया था। इसके बाद उन्होंने संकल्प लिया कि बेटियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाया जाए। उनका मानना है कि वर्तमान समय में युवतियों को अपनी सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाली घटनाएं चिंता का विषय हैं, इसलिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण समय की आवश्यकता बन चुका है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ममता ने सामाजिक न्याय मंत्रालय के सहयोग से स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण भी शुरू किया। इसके माध्यम से सैकड़ों महिलाओं को रोजगार से जोड़कर अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला।

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सतत कर रही सेवाकार्यबचाव और राहत कार्यों में भी सक्रिय

ममता सांगते के सेवा कार्य सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं हैं। वे देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए राखी और राहत सामग्री भेजती हैं। इसके अलावा भूकंप, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी अपनी टीम के साथ राहत कार्यों में जुटी रहती हैं। उत्तराखंड की बाढ़ हो या केरल में अतिवृष्टि से आई तबाही, हर संकट के समय ममता सांगते जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रही हैं। वे कश्मीरी पंडितों की सहायता के लिए भी लगातार कार्य करती हैं। हर वर्ष सर्दियों में वे जम्मू पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों को कपड़े, राशन, कंबल और अन्य सामग्री वितरित करती हैं।

दीपावली पर जरूरतमंद परिवारों की मदद
उज्जैन में जन्मी और शिक्षित ममता सांगते ने समाजसेवा को ही अपना जीवन उद्देश्य बना लिया। उन्होंने “संगिनी ग्रुप” की स्थापना की, जिसके माध्यम से महिलाओं और बच्चियों के लिए कई सामाजिक अभियान चलाए जा रहे हैं।

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कोरोना काल के दौरान उन्होंने 51 आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को चिन्हित किया। तब से हर वर्ष दीपावली पर वे इन परिवारों को “शगुन की टोकरी” भेंट करती हैं, ताकि वे भी त्योहार को खुशी और सम्मान के साथ मना सकें। ममता सांगते के उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए उन्हें मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विजयाराजे सिंधिया सेवा सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

 

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