दोस्तों का जमघट: रीयूनियन में 25 साल बाद मिले 50 विद्यार्थी, पुराने दिनों को यादकर खूब की मस्ती; खिल उठे चेहरे
वर्षों की दूरी मिटाते हुए उज्जैन पब्लिक स्कूल के मिलेनियम बैच साल 2000 के पूर्व छात्रों ने एक यादगार रीयूनियन समारोह आयोजित किया। देश-विदेश से 50 से अधिक पूर्व विद्यार्थी एकत्र होकर पुरानी स्मृतियों को ताजा किया। साथ ही नए अनुभव भी साझा किए।
विस्तार
दोस्ती जितनी पुरानी हो, वह उतना ही एक-दूसरे के प्रति विश्वास और भरोसा पैदा करती है, और यदि यह दोस्ती स्कूल के समय की हो, तो फिर बात ही क्या। पुराना दोस्त यदि अचानक मिल जाए तो उसे देखते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। लेकिन यदि 50 दोस्त वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलें तो इसे आप क्या कहेंगे? जरा सोचिए वो नजारा क्या होगा, लेकिन ऐसा नजारा हकीकत में देखने मिला। उज्जैन के उज्जैन पब्लिक स्कूल में साल 2000 की मिलेनियम बैच के लिए सभी इकट्ठा हुए।
वर्षों की दूरी मिटाते हुए उज्जैन पब्लिक स्कूल के मिलेनियम बैच के पूर्व छात्रों ने एक यादगार रीयूनियन समारोह आयोजित किया। देश-विदेश से 50 से अधिक पूर्व विद्यार्थी एकत्र होकर न केवल पुरानी स्मृतियों को ताजा किया, बल्कि विद्यालय की प्रगति पर गर्व भी व्यक्त किया। एक समान रीयूनियन टी-शर्ट में सजे पूर्व छात्रों का विद्यालय परिसर में प्रवेश होते ही ढोल और शिक्षकों द्वारा तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
'परिवर्तन आवश्यक, अपनी जड़ों को याद रखें'
विद्यालय के चेयरमैन एवं निदेशक मुंगी ने कहा, “एक अच्छा इंसान बनिए।” यह संदेश न केवल व्यक्तिगत विकास पर जोर देता है, बल्कि जीवन के मूल्यों को भी रेखांकित करता है। वहीं, डायरेक्टर नंदिता मुगी ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की। साथ ही कहा कि परिवर्तन आवश्यक है, लेकिन इतना भी नहीं कि हम अपनी जड़ों को भूल जाएं। प्राचार्य विवेक शर्मा ने इस पुनर्मिलन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
समारोह का भावुक मोड़ तब आया जब पूर्व छात्रों ने अपने पुराने शिक्षकों का सम्मान शॉल, गुलदस्ते और श्रीफल से किया। सभी शिक्षकगण इस प्रेमभाव से भावुक हो गए। करंदीकर सर ने बड़े ही रोचक अंदाज़ में एक बार फिर विद्यार्थियों को जीवन जीने का ज्ञान दिया। सूत्र (a+b)² के माध्यम से जीवन का अनोखा उपमान प्रस्तुत किया: यहां ‘a’ और ‘b’ पति-पत्नी का प्रतीक हैं, ‘a²’ और ‘b²’ उनके व्यक्तिगत जीवन को दर्शाते हैं, जबकि ‘2ab’ बच्चों और परिवार के स्नेहपूर्ण सामंजस्य का प्रतिनिधित्व करता है। आयोजन की सफलता के पीछे पूर्व छात्रों की टीम का अहम योगदान रहा।
विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
कार्यक्रम की रूपरेखा और सहसंयोजन में प्रसाद डांगे, अर्पित चेलावत, सौरभ माहेश्वरी तथा नितिन खामगल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समग्र आयोजन के प्रबंधन में नेहा रघुवंशी, स्वाति नामजोशी, सोनल गौड़, ऋतु तिवारी समेत सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूर्व छात्रों ने आश्वासन दिया कि वे स्कूल से जुड़े रहेंगे और आने वाले आयोजनों में योगदान देंगे। उज्जैन पब्लिक स्कूल का यह समारोह साबित करता है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है।
गुरुजनों का किया सम्मान
आपको बता दें कि इस बैच में पढ़ने वाले छात्र अपने जीवन में व्यस्त हैं। अलग-अलग प्रोफेशन के ये छात्र अपनी मेहनत से सफलता के पायदान पर हैं। कोई इंजीनियर है, कोई आर्मी में अफसर है, तो कोई विदेश में अच्छी पोस्ट पर नौकरी कर रहा है, तो कोई शिक्षक बनकर बच्चों का भविष्य उज्ज्वल कर रहा है। यह सारी उपलब्धियाँ कहीं ना कहीं इसी विद्यालय से, इन्हीं गुरुजनों की सीख और शिक्षा से हासिल हुई हैं। यह विद्यार्थी उस शिक्षा और ज्ञान का महत्व समझते हैं। लिहाज़ा, इस ज्ञान के बदले में छात्रों ने अपने गुरुजनों का आदर, सम्मान और अभिनंदन किया।
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पुराने दिनों में चले गए छात्र
25 साल बाद पुराने छात्र मिले तो इन्हें देखकर ज़रा भी यह नहीं लग रहा था कि ये उम्रदराज़ हो चुके हैं। कोई बच्चों की तरह उछल रहा था, तो कोई मस्ती के मूड में था। एक-दूसरे से मिलकर इन्होंने अपने पुराने दिनों को याद किया। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे के प्रति वही दोस्ताना व्यवहार किया जो बरसों पहले किया करते थे। यह सारा नज़ारा अद्भुत था। खुशी के माहौल का आकर्षण इतना ज़्यादा था कि आसपास मौजूद लोग, जो उस वक्त के नहीं थे, वे भी इसमें शामिल हो गए।
