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Virat Sant Sammelan: साध्वी ऋतम्भरा बोलीं- जो लोग भेड़ बन गए उन्हें अपनी परंपरा याद दिलाकर शेर बनाने की जरुरत

Thu, 04 Jan 2024 10:40 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 04 Jan 2024 10:40 PM IST
सार

विराट संत सम्मेलन की मुख्य वक्ता परम पूज्य साध्वी ऋतम्भरा ने सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। युग पुरुष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद ने आशीवर्चन देते हुए कहा, देश के लिए मरने का अवसर तो नहीं मिला, परंतु हमारा सौभाग्य है कि हमें देश के लिए जीने का अवसर मिला।

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Statement of Sadhvi Ritambhara in Virat Sant Sammelan Ujjain
पूज्य साध्वी ऋतम्भरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समय श्रेष्ठ है, समय नहीं बदलता हम बदल जाते हैं। एक प्रसंग का संस्मरण कराते हुए दीदी मां ने कहा, चालीस वर्ष पूर्व जिस दर्पण को देख इठलाते थे, आज उसी दर्पण में चेहरा बदल गया। दर्पण वही है, रूप बदल गया, दर्पण नहीं बदला हम बदल गए। दीदी मां ने कहा, हम जिस परंपरा से जुड़े हैं, वो परंपरा ज्ञान दान देने की परंपरा है। शिवहोम का डंका बजाने वाली परंपरा है। भेड़ बन गए शेर को दोबारा सिंहस्तव (शेर) याद दिलाने वाली परंपरा है। एकात्मकता के सूत्र में बांधने की परंपरा है।

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विराट संत सम्मेलन की मुख्य वक्ता परम पूज्य साध्वी ऋतम्भरा ने सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। युग पुरुष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद ने आशीवर्चन देते हुए कहा कि देश के लिए मरने का अवसर तो नहीं मिला, परंतु हमारा सौभाग्य है कि हमें देश के लिए जीने का अवसर मिला है। महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिमर्यानन्द गिरिजी ने कहा कि हमारे दादा गुरु ने ही देश में अध्यात्मिक क्रांति का शंखनाद किया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाया। हमारे गुरु युग पुरुष जी ने जो वेदना का सरलीकरण कर अंगूठा दिखा कर वेदानन्द को समझा देते हैं। दादा गुरु की परंपरा के शिष्यों ने राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दिया है।
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रामजन्मभूमि के लिए गुरुजी के सानिध्य में सभी शिष्यों ने अपना योगदान दिया है। राजनीति का ऐसा प्रभाव की हम सभी को जातियों में बांट दिया। समय का दसवां हिस्सा ध्यान में लगाओ, मोक्ष मिल जाएगा। उमेशनाथ जी ने कहा, 1992 में रामजन्मभूमि के आन्दोलन का शंखनाद उज्जैन से महामंडलेश्वर श्रीस्वामी शान्ति स्वरूपानंद गिरिजी ने किया था। पूज्य महामंडलेश्वर श्रीस्वामी परमानंद गिरि, पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा जी, महामंडलेश्वर श्री स्वामी शान्ति स्वरुपानंद गिरि जी, महामंडलेश्वर श्रीस्वामी ज्योतिमर्यानन्द गिरि जी के साथ ही मंच पर महामंडलेश्वर श्रीस्वामी अनन्त दैव गिरि, महामंडलेश्वर श्री स्वामी जगत प्रकाश त्यागी (चित्रकूट), श्रीस्वामी महेशानंद हरिद्वार, स्वामी वेदानन्द, साध्वी सत्यप्रिया दीदी, वृन्दावन, साध्वी चैतन्य सिंघु इन्दौर, राजा रामशरण जी जयपुर, श्री स्वामी सत्यश्रेय गिरि महाराज।
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कमलेश ब्रह्मचारी मानसपुष्प भगवानशरण बापू कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष अशोक प्रजापत ने किया। जानकारी मीडिया प्रवक्ता राजेश करे व प्रबन्धक पंडित रामलखन शर्मा ने दी। आज सम्मेलन में माखन सिंह, तरुण मित्तल, सुरेश आहूजा, डॉ. सत्यनारायण जटिया, संत सम्मेलन में परमानंद शर्मा, मनसुख शर्मा, सुनील उपाध्याय, जमना प्रसाद दुबे, महेन्द्र शास्त्री, गोपाल शर्मा, संजय शर्मा कमलेश पंचोली, प्रोफेसर अंजनी कुमार द्विवेदी सहित बडी़ संख्या में भक्त गण मौजूद रहे।

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