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Ujjain: 10 भुजाधारी गणेश मंदिर में मकर संक्रांति की विशेष सजावट, 5001 पतंगों से दिया आकर्षक रूप
Wed, 10 Jan 2024 06:13 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 10 Jan 2024 06:13 PM IST
सार
मकर संक्रांति पर्व के चलते श्मशान चक्रतीर्थ पर विराजित 10 भुजाधारी गणेश जी के मंदिर में 5001 छोटी छोटी पतंगों और डोर से सजावट की गई है। सजावट आकर्षक है और दर्शनार्थियों का ध्यान खींच रही है।
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10 भुजाधारी गणेश मंदिर में पतंग से की गई सजावट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उज्जैन के श्मशान चक्रतीर्थ पर विराजित 10 भुजाधारी गणेश जी के मंदिर में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी मकर सक्रांति पर्व के पहले पतंगों से विशेष आकर्षक सज्जा की गई है। पांच हजार से ज्यादा पतंग से साज-सज्जा की गई है। संक्रांति पर ये पतंग बच्चों में बांट दी जाएगी।
मंदिर के पुजारी हेमंत इंगले ने बताया कि गणेश जी के मंदिर में सभी त्योहार को उनकी मान्यता अनुसार मनाया जाता है। चार दिन बार संक्राति का पर्व है। इसलिए मंदिर को तीन दिन पहले से सजाना शुरू कर दिया था। करीब 5001 छोटी छोटी पतंगों और डोर से गणेश जी के मंदिर में सजावट की गई। गणेश जी के पास हनुमान जी के मंदिर में भी पतंगों से सजावट की गई है। पंडित हेमंत इंगले ने यह भी बताया कि संक्रांति वाले दिन हम बच्चों को पतंग भी बांटते हैं।
इन मंदिरों में भी होगी विशेष सजावट
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर मे हर त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। 15 जनवरी को आने वाला मकर संक्रांति का त्योहार भी यहां उसी उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन बाबा को तिल्ली के उबटन से स्नान कराने के बाद तिल्ली के पकवानों का भोग लगाकर विशेष आरती की जाएगी। मकर संक्रांति के मौके पर हमेशा ही मंदिर में खास सजावट भी की जाती है। इस बार भी रंग बिरंगी पतंगों से मंदिर परिसर को सजाया जाएगा। गर्भगृह और नंदी हॉल में यह का सजावट होगी।
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इसके अलावा श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में भी विशेष उत्सव मनाया जाने वाला है। साथ ही शिप्रा तट पर पर स्नान भी किया जाएगा। महाकालेश्वर के आंगन से शुरू होने वाले मकर संक्रांति के पर्व में सबसे पहले बाबा महाकाल को उबटन से स्नान करवाने के बाद विशेष शृंगार कर आरती की जाएगी। सर्दी का मौसम होने की वजह से बाबा को इन दिनों वैसे भी गर्म जल से स्नान करवाया जा रहा है। इस दिन भी स्नान के बाद सूखे मेवे और भांग से विशेष शृंगार होगा। इसके पश्चात बाबा को तिल्ली के पकवानों का भोग लगाया जाएगा।
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मंदिर के पुजारी हेमंत इंगले ने बताया कि गणेश जी के मंदिर में सभी त्योहार को उनकी मान्यता अनुसार मनाया जाता है। चार दिन बार संक्राति का पर्व है। इसलिए मंदिर को तीन दिन पहले से सजाना शुरू कर दिया था। करीब 5001 छोटी छोटी पतंगों और डोर से गणेश जी के मंदिर में सजावट की गई। गणेश जी के पास हनुमान जी के मंदिर में भी पतंगों से सजावट की गई है। पंडित हेमंत इंगले ने यह भी बताया कि संक्रांति वाले दिन हम बच्चों को पतंग भी बांटते हैं।
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इन मंदिरों में भी होगी विशेष सजावट
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर मे हर त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। 15 जनवरी को आने वाला मकर संक्रांति का त्योहार भी यहां उसी उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन बाबा को तिल्ली के उबटन से स्नान कराने के बाद तिल्ली के पकवानों का भोग लगाकर विशेष आरती की जाएगी। मकर संक्रांति के मौके पर हमेशा ही मंदिर में खास सजावट भी की जाती है। इस बार भी रंग बिरंगी पतंगों से मंदिर परिसर को सजाया जाएगा। गर्भगृह और नंदी हॉल में यह का सजावट होगी।
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इसके अलावा श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में भी विशेष उत्सव मनाया जाने वाला है। साथ ही शिप्रा तट पर पर स्नान भी किया जाएगा। महाकालेश्वर के आंगन से शुरू होने वाले मकर संक्रांति के पर्व में सबसे पहले बाबा महाकाल को उबटन से स्नान करवाने के बाद विशेष शृंगार कर आरती की जाएगी। सर्दी का मौसम होने की वजह से बाबा को इन दिनों वैसे भी गर्म जल से स्नान करवाया जा रहा है। इस दिन भी स्नान के बाद सूखे मेवे और भांग से विशेष शृंगार होगा। इसके पश्चात बाबा को तिल्ली के पकवानों का भोग लगाया जाएगा।
