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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   On the occasion of Shanishari Amavasya, devotees reached Ujjain to take holy dip in shipra river

Shani Amavasya 2025: शनि अमावस्या पर त्रिवेणी संगम में उमड़ा जन सैलाब, किया दान

Sat, 29 Mar 2025 09:52 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क,अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sat, 29 Mar 2025 09:52 PM IST
सार

शनि अमावस्या के मौके पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में उज्जैन में क्षिप्रा नदी में स्नान के लिए पहुंचे।अमावस्या पर त्रिवेणी संगम का स्नान महत्वपूर्ण होता है। डेढ़ साल बाद शनि अमावस्या का संयोग बना। इस वजह से श्रद्धालुओं ने जमकर दान पुण्य किया।

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On the occasion of Shanishari Amavasya, devotees reached Ujjain to take holy dip in shipra river
शनिश्चरी अमावस्या पर लोगों ने पूजा-पाठ किया

विस्तार

शनि अमावस्या के मौके पर शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन स्थित पवित्र क्षिप्रा नदी में स्नान के लिए पहुंचे। जहां त्रिवेणी मुख्य घाट पर फव्वारों से ही स्नान हुआ। घाट पर महिला एवं पुरुषों के स्नान के लिए पृथक-पृथक व्यवस्था की गई थी, साथ ही जो श्रद्धालु स्नान के बिना सीधे दर्शन करना चाहते थे, उनके लिए अलग बेरिकेटिंग की व्यवस्था की गई। जो लोग स्नान के उपरांत दर्शन करना चाहते थे। उनके लिए पृथक से व्यवस्था की गई। 
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त्रिवेणी शनि मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शर्मा ने बताया कि यह राजा विक्रमादित्य द्वारा स्थापित लगभग 2000 वर्ष पुराना मंदिर है।  शुक्रवार रात 12 बजे से ही मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे जिन्होंने रात्रि में ही आस्था की डुबकी भी लगाई।  भगवान शनि देव का पूजन अर्चन कर उनका आशीर्वाद भी लिया। पंडित शर्मा ने बताया कि डेढ़ वर्ष बाद शनिचरी अमावस्या का संयोग आया है यही कारण है कि लाखों श्रद्धालु स्नान करने आए।  पंडित शर्मा ने बताया कि शनि देव की साड़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए  लाखों श्रद्धालुओं स्नान किया और उसके बाद पनौती के रूप में पहने हुए कपड़े और चप्पल मंदिर क्षेत्र में ही छोड़ कर चले गए।
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व्यवस्थाओं से खुश नजर आए श्रद्धालु
परिवार के साथ दर्शन करने आए सुभाष चौधरी ने बताया कि उन्हें पहली बार यहां पर बहुत ही सुकून से दर्शन हुए। कहीं कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि महिलाएं-पुरुषों के स्नान के लिए अलग-अलग घाटों पर की गई व्यवस्था बहुत ही कारगर सिद्ध हुई है। इस बार अलग-अलग तरह की रखी गई डस्टबिन से भी लोगों को सुविधा हुई। दर्शनार्थियों को अपने कपड़े व जूते दान करने में आसानी हुई। पीने के लिये ठण्डा पानी भी उपलब्ध करवाया गया। श्रद्धालु प्रदीप शर्मा ने बताया कि स्नान के लिये घाट पर अच्छी व्यवस्था थी। घाट एकदम नजदीक थे, इसलिये दूर नहीं जाना पड़ा। श्रद्धालु कृष्णा ने बताया कि घाटों पर बहुत ही अच्छी व्यवस्था की गई है। आने-जाने में किसी को कोई परेशानी नहीं आई।

शनिश्चरी अमावस्या - शनि देव की पीड़ा से मुक्ति के लिए त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्
शनि देव की पीड़ा से मुक्ति के लिए त्रिवेणी संगम में श्रद्धालु ने स्नान किया।

इसीलिए त्रिवेणी संगम पर उमड़ी भीड़
वैसे तो अमावस्या पितरों को समर्पित मानी जाती है। इस दिन स्नान, तर्पण और पिंडदान करने से पितर प्रसन्न होते हैं। जब अमावस्या शनिवार को पड़े, तो इसे शनि अमावस्या या शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है। इस दिन शनिदेव की पूजा से शनि दोष, ढैय्या और साढ़ेसाती के प्रभाव कम होते हैं। इस दिन सरसों का तेल अर्पित करें, शनि मंत्र का जप करें और काले तिल, उड़द, लोहे व तेल का दान करें।

 

 

 

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