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Sanchi Product Selling Case: तत्कालीन थाना-चौकी प्रभारी, RPF और उनके सहयोगी को चार-चार साल की सजा, जानें मामला
Sat, 27 May 2023 11:07 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन/शाजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन/शाजापुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 27 May 2023 11:07 AM IST
सार
सांची के प्रोडेक्ट प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में बेचने के लिए रिश्वत मांगने वालों को लोकायुक्त ने ट्रैप किया था। मामले में 10 साल बाद फैसला आया है। फैसले में तत्कालीन थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, आरपीएफ और उनके सहयोगी को चार-चार साल की सजा हुई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजेश बौरसी की ओर से 16 मई 2013 को लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन में उपस्थित होकर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था। बताया था कि सांची पांइट रेलवे स्टेशन मक्सी में ठेकेदार प्रफुल शुक्ला से किराए से ले रखा है। वह मक्सी रेलवे स्टेशन पर तथा ट्रेनों के अंदर सांची पांइट के प्रोडेक्ट बेचने का उसके बडे भाई किशन बौरसी और हेल्परों की मदद से कार्य करता है।
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प्रोडक्ट को प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के अंदर बेचने के लिए उससे थाना प्रभारी आरपीएफ बैरागढ़ का निरीक्षक शैलेन्द्र यादव 5,000 रुपये एजेंट जीवन चौधरी कैंटीन संचालक मक्सी प्लेटफॉर्म नम्बर दो के माध्यम से रिश्वत मांग रहा है तथा आरपीएफ मक्सी चौकी प्रभारी सुरेश यादव 1,000 रुपये रिश्वत मांग रहा है।
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जिला मीडिया प्रभारी सचिन रायकवार ने बताया, 16 मई 2013 को लोकायुक्त उज्जैन द्वारा ट्रैप कार्रवाई के अंतर्गत संपादित डिजिटल वाइस रिकार्डर कार्रवाई में आरपीएफ़ के निरीक्षक थाना प्रभारी शैलेन्द्र यादव ने राजेश बौरसी से सांची पांइट के प्रोडेक्ट मक्सी रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के अंदर बेचने के लिए तथा परेशान न करने के एवज में आरोपी शैलेन्द्र यादव ने अपने लिए 5,000 रुपये रिश्वत आरोपी जीवन चौधरी रेलवे कैंटीन संचालक रेलवे प्लेनट फॉर्म नम्बर दो मक्सी के माध्यम से तथा आरोपी सुरेश यादव सहायक उपनिरीक्षक रेलवे सुरक्षा आउट पोस्ट मक्सी को देने के लिए 1,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
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उसके बाद 18 मई 2013 को आरोपी सुरेश कुमार यादव आरपीएफ चौकी प्रभारी आउट पोस्ट मक्सी की ओर से 1,000 रुपये की रिश्वत राशि किशन बौरसी से तथा जीवन चौधरी रेलवे कैंटीन संचालक रेलवे प्लेटफॉर्म मक्सी द्वारा आरोपी शैलेन्द्र यादव निरीक्षक थाना प्रभारी रेलवे सुरक्षा बल बैरागढ़ के लिए 5,000 की रिश्वत राशि आवेदक राजेश बौरसी से प्राप्त की। लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के द्वारा सम्पूर्ण अनुसंधान के बाद चालान विशेष न्यायालय शाजापुर में प्रस्तुत किया गया।
माननीय न्यायालय के समक्ष विशेष लोक अभियोजक सचिन रायकवार के द्वारा लिखित में अंतिम तर्क भी प्रस्तुत किए। अभियोजन के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा दंडित किया गया। प्रकरण में ट्रैप कार्रवाई तत्कालीन डीएसपी पदम सिंह बघेल, निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव विपुस्था लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन के द्वारा की गई थी।
इन्हें मिला चार साल का सश्रम कारावास...
विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जिला शाजापुर (श्रीमती नीतूकांता वर्मा) के द्वारा आरोपी गण शैलन्द्र यादव निरीक्षक थाना प्रभारी रेलवे सुरक्षा बल बैरागढ़ को धारा सात भ्र.नि.अधि. में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदण्ड, धारा 13 (1) डी सहपठित धारा 13 (2) भ्र.नि.अधि. में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदण्ड तथा धारा-120बी भादवि में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
वहीं आरोपी सुरेश कुमार यादव सहायक उपनिरीक्षक आरपीएफ चौकी प्रभारी मक्सी थाना बैरागढ़ भोपाल को धारा-सात भ्र.नि.अधि. में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदण्ड, धारा 13 (1) डी सहपठित धारा 13 (2) भ्र.नि.अधि. में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदण्ड तथा धारा-120 बी भादवि में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। वहीं, आरोपी जीवन चौधरी टी स्टॉल कॉन्ट्रैक्टर प्लेटफॉर्म नम्बर दो मक्सी रेलवे स्टेशन को धारा-7 भ्र.नि.अधि. में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदण्ड, धारा-8 भ्र.नि.अधि. में चार साल का सश्रम कारावास और 3,000 रुपये अर्थदण्ड, धारा 13 (1)डी सहपठित धारा 13 (2) भ्र.नि.अधि. में चार साल का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदण्ड तथा धारा-120बी भादवि में चार साल का सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
