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Ujjain News: महाकाल मंदिर में कंपनी पर धोखाधड़ी के आरोप, पुजारी बनकर श्रद्धालुओं को ठगने का मामला
Wed, 15 Oct 2025 03:16 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Wed, 15 Oct 2025 03:16 PM IST
सार
पुरोहितों ने कहा कि वीआर कंपनी ऑनलाइन विज्ञापन और प्रलोभन के जरिए श्रद्धालुओं को बरगला रही है, जिससे स्थानीय पुजारियों की छवि धूमिल हो रही है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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ऐसे जताया विरोध
विस्तार
महाकाल मंदिर में संचालित हो रही वीआर कंपनी दुर्लभ दर्शन के नाम पर 150 रुपये दर्शनार्थियों से लेती है और बरगलाने का काम कर रही है। वीआर कंपनी के कर्मचारी ही पुजारी बनकर श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। उन्हें दर्शन पूजन, कुंडली मिलान आदि की बात कहते हुए ठग रहे हैं। इसलिए इस पूरे मामले के साथ ही महाकाल मंदिर और कंपनी का जो संदिग्ध अनुबंध हुआ है, उसकी भी जांच की जाना चाहिए। श्री रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी के सदस्यों ने कुछ ऐसी ही मांग कलेक्टर से लेकर कमिश्नर तक ज्ञापन के माध्यम से की है।
यह लगाए आरोप
इन दिनों रामघाट से सिद्धनाथ, मंगलनाथ से महाकाल मंदिर और अन्य स्थानों पर जो पात्र और अधिकृत पंडित पुजारी पुरोहित हैं, उनके नाम पर वीआर कंपनी श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी कर रही है। ऑनलाइन सोशल मीडिया पर विज्ञापन करते हुए पूजन कराए जाने का झांसा कंपनी द्वारा दिया जा रहा है। इसके प्रमाण भी पुरोहित समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकृत पुजारियों ने स्वयं वीआर कंपनी के नंबर पर श्रद्धालु बनकर फोन लगाया तो उन्होंने कहा कि आपको 50 रुपये देना है और कुंडली लाना है, उसके बाद राशि और कुंडली के हिसाब से आपका पूजन कराया जाएगा और यदि संतुष्टि न मिली तो रुपये वापस कर दिए जाएंगे। इस प्रकार के प्रलोभन वीआर कंपनी द्वारा दिए जा रहे हैं और जो अधिकृत पंडित पुजारी पुरोहित हैं, उन्हें इस फ्रॉड की जानकारी भी नहीं रहती है।
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भस्म आरती दर्शन का देते हैं प्रलोभन
वीआर के कर्मचारी पीले कुर्ते पहनकर घूमते हैं और खुद को पंडित बता रहे हैं। होटल धर्मशाला लॉज बुकिंग से लेकर भस्म आरती दर्शन और विभिन्न तरह के पूजन भी कराए जाने का प्रलोभन वे वीआर कंपनी के कर्मचारियों द्वारा दिया जा रहा है। भोपाल से संचालित कंपनी ने उज्जैन की धर्मधरा को दूषित किया है। वीआर कंपनी द्वारा किसी तरह का फ्रॉड होने पर उज्जैन के स्थानीय पंडे पुजारी और तीर्थ पुरोहित बदनाम होते हैं। इनके पेम्पलेट में हर पूजन की कीमत स्थान समय भी दशार्या है, जोकि गलत और अनुचित है कीमत बाजार के सामान की हो सकती है पूजन आदि की नहीं।
ये भी पढ़ें- धीरेंद्र शास्त्री बोले- 'आई लव मोहम्मद' से हमें गुरेज नहीं तो 'आई लव महादेव' से आपको भी दिक्कत न हो
उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
पुरोहित समिति द्वारा वीआर कंपनी और उनके कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान अ.भा. ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र चतुवेर्दी, पं. विजय दीक्षित, पण्डित यश गुरु, पंडित गौरव उपाध्याय, पं अमृतेश गुरु, पं मोहित त्रिवेदी, पं आनंद गुरु, पं वेदप्रकाश त्रिवेदी, पं शिवशंकर भट्ट, पं हेमंत पंड्या, पं विक्रम शुक्ल, पं परिवल शास्त्री आदि ने संभाग आयुक्त आशीष सिंह से लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के नाम पर वीआर कंपनी के विरुद्ध ज्ञापन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा गया है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
तीर्थ पुरोहित बोले झांसे से बचें
इस घटना के बाद श्री रामघाट तीर्थपुरोहित अवन्तिकापुरी ने देशभर के सनातनी श्रद्धालुओं से एक भावुक अपील की है। पुरोहितों ने अनुरोध किया है कि श्रद्धालु ऐसी कर्ड कंपनियों के बहकावे में न आएं जो ऑनलाइन पूजन का लालच देकर आकर्षित करती हैं और धर्म शास्त्र विरुद्ध कार्य करके यजमान की हानि करती हैं, महाकाल प्रांगण में श्रद्धालुओं को भड़काती है। पण्डितजनों ने स्पष्ट कहा, श्रद्धालु इसके चक्करों में न पड़ें, बल्कि स्वयं तीर्थ पर जाएं और वहां के परम्परागत, शासन द्वारा अधिकृत स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, पंडों व पुजारियों के माध्यम से ही सही स्थान पर अनुष्ठान करवाएं।
कर्मचारी ही पुजारी का वेश धारण करके घूम रहे हैं
धर्माधिकारी एवं तीर्थ पुरोहित पंडित गौरव उपाध्याय ने बताया कि महाकाल दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की कुंडली का विश्लेषण करने के सब्जबाग दिखाए जाते हैं। साथ ही महंगे धार्मिक अनुष्ठान करवाने का प्रलोभन भी दिया जाता है। मंदिर परिसर में क्योंकि कंपनी का सेटअप लगा है इसिलिए श्रद्धालु जब इन पर विश्वास करते हैं तो यह कंपनी एक मोटी रकम श्रद्धालुओं को भ्रमित कर ले लेती है। हम सभी स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने इस गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही तत्काल मामले की जांच की। अनियमितता स्पष्ट होने पर, तुरंत मंदिर के अधिकृत पुजारियों और पुरोहितों के माध्यम से मंदिर समिति के अधिकारियों को अवगत कराया गया। तीर्थ पुरोहितों ने उक्त कंपनी के संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी उजागर किया गया है कि यह कंपनी न केवल बिना अनुमति के अनुष्ठान करवा रही है, बल्कि भस्मारती के नाम पर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी कर रही थी। इसके अलावा, यात्रियों को मंदिर समिति की धर्मशाला में रुकवाने का झूठा प्रलोभन देकर भी ठगा जा रहा है। आपत्तिजनक बात यह भी है कि कंपनी के कर्मचारी ही पुजारी का वेश धारण करके घूम रहे हैं।
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यह लगाए आरोप
इन दिनों रामघाट से सिद्धनाथ, मंगलनाथ से महाकाल मंदिर और अन्य स्थानों पर जो पात्र और अधिकृत पंडित पुजारी पुरोहित हैं, उनके नाम पर वीआर कंपनी श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी कर रही है। ऑनलाइन सोशल मीडिया पर विज्ञापन करते हुए पूजन कराए जाने का झांसा कंपनी द्वारा दिया जा रहा है। इसके प्रमाण भी पुरोहित समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकृत पुजारियों ने स्वयं वीआर कंपनी के नंबर पर श्रद्धालु बनकर फोन लगाया तो उन्होंने कहा कि आपको 50 रुपये देना है और कुंडली लाना है, उसके बाद राशि और कुंडली के हिसाब से आपका पूजन कराया जाएगा और यदि संतुष्टि न मिली तो रुपये वापस कर दिए जाएंगे। इस प्रकार के प्रलोभन वीआर कंपनी द्वारा दिए जा रहे हैं और जो अधिकृत पंडित पुजारी पुरोहित हैं, उन्हें इस फ्रॉड की जानकारी भी नहीं रहती है।
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भस्म आरती दर्शन का देते हैं प्रलोभन
वीआर के कर्मचारी पीले कुर्ते पहनकर घूमते हैं और खुद को पंडित बता रहे हैं। होटल धर्मशाला लॉज बुकिंग से लेकर भस्म आरती दर्शन और विभिन्न तरह के पूजन भी कराए जाने का प्रलोभन वे वीआर कंपनी के कर्मचारियों द्वारा दिया जा रहा है। भोपाल से संचालित कंपनी ने उज्जैन की धर्मधरा को दूषित किया है। वीआर कंपनी द्वारा किसी तरह का फ्रॉड होने पर उज्जैन के स्थानीय पंडे पुजारी और तीर्थ पुरोहित बदनाम होते हैं। इनके पेम्पलेट में हर पूजन की कीमत स्थान समय भी दशार्या है, जोकि गलत और अनुचित है कीमत बाजार के सामान की हो सकती है पूजन आदि की नहीं।
ये भी पढ़ें- धीरेंद्र शास्त्री बोले- 'आई लव मोहम्मद' से हमें गुरेज नहीं तो 'आई लव महादेव' से आपको भी दिक्कत न हो
उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
पुरोहित समिति द्वारा वीआर कंपनी और उनके कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान अ.भा. ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पंडित सुरेंद्र चतुवेर्दी, पं. विजय दीक्षित, पण्डित यश गुरु, पंडित गौरव उपाध्याय, पं अमृतेश गुरु, पं मोहित त्रिवेदी, पं आनंद गुरु, पं वेदप्रकाश त्रिवेदी, पं शिवशंकर भट्ट, पं हेमंत पंड्या, पं विक्रम शुक्ल, पं परिवल शास्त्री आदि ने संभाग आयुक्त आशीष सिंह से लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के नाम पर वीआर कंपनी के विरुद्ध ज्ञापन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा गया है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
तीर्थ पुरोहित बोले झांसे से बचें
इस घटना के बाद श्री रामघाट तीर्थपुरोहित अवन्तिकापुरी ने देशभर के सनातनी श्रद्धालुओं से एक भावुक अपील की है। पुरोहितों ने अनुरोध किया है कि श्रद्धालु ऐसी कर्ड कंपनियों के बहकावे में न आएं जो ऑनलाइन पूजन का लालच देकर आकर्षित करती हैं और धर्म शास्त्र विरुद्ध कार्य करके यजमान की हानि करती हैं, महाकाल प्रांगण में श्रद्धालुओं को भड़काती है। पण्डितजनों ने स्पष्ट कहा, श्रद्धालु इसके चक्करों में न पड़ें, बल्कि स्वयं तीर्थ पर जाएं और वहां के परम्परागत, शासन द्वारा अधिकृत स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, पंडों व पुजारियों के माध्यम से ही सही स्थान पर अनुष्ठान करवाएं।
कर्मचारी ही पुजारी का वेश धारण करके घूम रहे हैं
धर्माधिकारी एवं तीर्थ पुरोहित पंडित गौरव उपाध्याय ने बताया कि महाकाल दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की कुंडली का विश्लेषण करने के सब्जबाग दिखाए जाते हैं। साथ ही महंगे धार्मिक अनुष्ठान करवाने का प्रलोभन भी दिया जाता है। मंदिर परिसर में क्योंकि कंपनी का सेटअप लगा है इसिलिए श्रद्धालु जब इन पर विश्वास करते हैं तो यह कंपनी एक मोटी रकम श्रद्धालुओं को भ्रमित कर ले लेती है। हम सभी स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने इस गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही तत्काल मामले की जांच की। अनियमितता स्पष्ट होने पर, तुरंत मंदिर के अधिकृत पुजारियों और पुरोहितों के माध्यम से मंदिर समिति के अधिकारियों को अवगत कराया गया। तीर्थ पुरोहितों ने उक्त कंपनी के संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी उजागर किया गया है कि यह कंपनी न केवल बिना अनुमति के अनुष्ठान करवा रही है, बल्कि भस्मारती के नाम पर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी कर रही थी। इसके अलावा, यात्रियों को मंदिर समिति की धर्मशाला में रुकवाने का झूठा प्रलोभन देकर भी ठगा जा रहा है। आपत्तिजनक बात यह भी है कि कंपनी के कर्मचारी ही पुजारी का वेश धारण करके घूम रहे हैं।
ऐसे जताया विरोध
