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उज्जैन: 'छात्रों की गूंज' में सवाल पूछने वाली निकलीं कांग्रेसी नेता, भाजपा ने साधा निशाना- मैनेज था कार्यक्रम
Mon, 21 Sep 2026 06:39 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 06:39 PM IST
सार
राहुल गांधी के इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में सवाल उठाने वाली उज्जैन की राधा मालवीय की राजनीतिक पृष्ठभूमि सामने आने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा ने कार्यक्रम की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
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छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ राधा मालवीय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम अब विवादों के घेरे में आ गया है। दावा किया गया था कि यह कार्यक्रम पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहेगा और इसमें केवल आम विद्यार्थी ही अपनी समस्याएं साझा करेंगे। हालांकि मंच पर पीएचडी छात्रा बनकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली उज्जैन की राधा मालवीय की राजनीतिक पृष्ठभूमि सामने आने के बाद प्रदेश में नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है।
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कार्यक्रम के दौरान राधा मालवीय ने पीएचडी विद्यार्थियों के आवास और किराए का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी से सवाल किया था कि जब उद्योगों को एक रुपये में लीज पर जमीन दी जा सकती है तो विद्यार्थियों को एक रुपये में कमरा क्यों नहीं दिया जा सकता....? बाद में खुलासा हुआ कि राधा मालवीय महज एक छात्रा नहीं बल्कि उज्जैन से जिला पंचायत सदस्य, युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव और शाजापुर जिला प्रभारी भी हैं। इस खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। वहीं कांग्रेस के भी कई युवा कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर अंदरूनी नाराजगी देखी जा रही है।
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राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर सवालों के घेरे में राधा
इसी बीच राधा मालवीय की राजनीतिक पृष्ठभूमि सामने आने के बाद भाजपा ने कार्यक्रम की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया ने आरोप लगाया कि राधा मालवीय को उज्जैन की छात्रा के तौर पर राहुल गांधी के सामने सवाल पूछने के लिए मंच पर लाया गया, जबकि वे जिला पंचायत सदस्य भी हैं। उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और कार्यक्रम की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। फिरोजिया ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम निष्पक्ष नहीं बल्कि मैनेज प्रोग्राम था।
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राधा मालवीय ने दी सफाई
विवाद के बीच राधा मालवीय ने अपने पक्ष में कहा कि वे जिला पंचायत सदस्य होने के साथ ही शोध छात्रा भी हैं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे उठाना उनका अधिकार है। उन्होंने बताया कि वे पॉलिटिकल साइंस से एमए और पीएचडी कर रही हैं।
राधा के मुताबिक राहुल गांधी के साथ उनकी करीब 10 मिनट से अधिक बातचीत हुई। उन्होंने मुख्य रूप से छात्र आवास भत्ते और उससे जुड़ी जटिल कागजी प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। राहुल गांधी से मंच पर बातचीत के अनुभव को लेकर राधा ने कहा कि शुरुआत में उन्हें थोड़ा डर लगा था लेकिन बातचीत आगे बढ़ने पर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने बड़े भाई से बात कर रही हों।
गैर-राजनीतिक मंच पर जनप्रतिनिधि के तौर पर शामिल होने के सवाल पर राधा मालवीय ने कहा कि उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियां अपनी जगह हैं, लेकिन वे एक शोध छात्रा भी हैं। उनके अनुसार उच्च शिक्षा और शोध से जुड़े मुद्दे व्यक्तिगत रूप से उनके अनुभव का हिस्सा हैं और उन्हें मंच पर उठाना इसी छात्र पहचान के तहत था।
इस पूरे विवाद के बीच ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मंच पर सवाल पूछने वाले प्रतिभागियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर अब राजनीतिक बहसबाजी शुरू हो गई है।
