फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   MP News 50 day camp will be organized in Ujjain in this not only children but also elders will learn values

MP News: उज्जैन में लगेगा 50 दिवसीय शिविर, इसमें बच्चे ही नहीं बड़े भी सीखेंगे संस्कार

Sat, 06 Apr 2024 09:38 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 06 Apr 2024 09:38 PM IST
सार

उज्जैन में 50 दिवसीय ऐसा शिविर लगेगा, जिसमें शामिल होकर बच्चे ही नहीं बड़े भी संस्कार सीखेंगे। 50 दिनों तक जैन संत जैसा जीवन जीएंगे। सुबह चार बजे उठाकर प्रतिक्रमण करवाया जाएगा। पंखे और बिस्तर का त्याग कर कठिन उपवास करना होगा।

विज्ञापन
MP News 50 day camp will be organized in Ujjain in this not only children but also elders will learn values
50 दिवसीय शिविर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

क्या आप सोच सकते हैं कि हमारे संस्कार, तप, आराधना, संयम और नियम के बारे में सिखाने के लिए भी कोई शिविर आयोजित हो सकता है, जिसमें बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े भी एक-दो दिन नहीं बल्कि पूरे 50 दिनों तक संत जैसा जीवन जीने के साथ ही पंखे, बिस्तर, मोबाइल और परिवार का मोह त्याग कर यह सीखने की कोशिश करते हैं कि धर्म की राह पर चलते हुए साधु-संतों को आखिर किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रभु भक्ति का यह मार्ग आखिर कितना कठिन है। धार्मिक नगरी उज्जैन में आगामी 14 अप्रैल से एक ऐसा ही शिविर आयोजित होने वाला है, जिसमें उज्जैन जिले या संभाग नहीं, बल्कि पूरे देश भर के लोग इस शिविर में शामिल होंगे। 

विज्ञापन


बड़नगर रोड स्थित श्री कल्याण मंदिर नवग्रह 45 जिनालय महातीर्थ अभ्युदयपुरम् जैन गुरुकुल में 14 अप्रैल 2024 रविवार से 50 दिनी उपधान तप प्रारंभ होने जा रहे हैं, जिसमें शामिल होने वाले 6 वर्ष के बच्चों से 80 वर्ष तक के वर्द्धजन जैन साधु संतों जैसा जीवन जीएंगे, जिसमें न बिजली उपकरण का उपयोग होगा और न ही बिस्तर पर विश्राम। अभ्युदयपुरम् के संस्थापक डॉ. आचार्य श्री मुक्तिसागर सूरिश्वर महाराज ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी कुछ समय के लिये संत जैसा जीवन जीने का नाम ही उपधान तप साधना है। आचार्य श्री ने बताया कि अप्रैल और मई स्कूली बच्चों के लिये फ्री टाइम होता है। स्कूल जून महीने में प्रारंभ होती है, अतः स्कूली बच्चे इस तप साधना में विशेष तौर से जुड़े और हमारे संस्कारों के बारे में सीखें। यही इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है।
विज्ञापन


महाराज श्री ने शिविर के बारे में जानकारी देते हुए आगे बताया कि शिविर के दौरान सभी शिविरार्थियों को सुबह 4 बजे उठाकर प्रतिक्रमण करवाया जाएगा। उसके बाद परमात्मा की भक्ति, ज्ञान साधना, प्रवचन सुनने के साथ ही उपवास भी करवाए जाएंगे। शिविर के दौरान 48 घंटे यानी पूरे दो दिन और दो रात ऐसे भी आएंगे, जब शिविरार्थियों को मात्र एक ही बार एक बैठक पर ही भोजन ग्रहण करते हुए शेष समय संपूर्ण रूप से ध्यान, साधना, स्वाध्याय आदि के साथ प्रभु भक्ति में बिताना होगा। यह शिविर 14 अप्रैल से प्रारंभ होकर 2 जून को मालारोपण के साथ इसकी परिसमाप्ति होगी। बताया जाता है कि अब तक मालवा, मेवाड़, राजस्थान, गुजरात आदि से अनेक साधकों की ओर से प्रवेश पत्र भरे जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लड़कियों और महिलाओं को संस्कारित करने का कार्य करेगी पूज्य साध्वी
इस तप साधना मे लड़कियों और महिलाओं को संस्कारित करने का कार्य पूज्य साध्वीजी श्री पद्मलता श्रीजी एवं साध्वी श्री शीलेरखा श्री महाराज आदि 28 साध्वी महाराज करेंगे। सुबह शाम वशिष्ट क्रिया करवाने का कार्य आचार्यश्री के विनीत शिष्य जाप ध्यान निष्ठ आचार्यश्री अचल मुक्तिसागर सूरिजी करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed