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कार्तिक पूर्णिमा: आस्था के दीपों से रोशन हुई मां शिप्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया दीपदान

Fri, 15 Nov 2024 08:51 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Fri, 15 Nov 2024 08:51 PM IST
सार

कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार को शिप्रा नदी का किनारा श्रद्धालुओं के दीपदान से आलोकित हो उठा। विशेष योग में पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने स्नान, पूजन और दीपदान कर परंपरा निभाई, जिससे नदी का दृश्य दिव्य और मनमोहक बन गया। 

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Mother Shipra was illuminated with lamps of faith on Kartik Purnima, a large number of devotees donated lamps
कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था के दीपों से रोशन हुई मां शिप्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया द

विस्तार

कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार शाम को शिप्रा नदी का किनारा दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में शिप्रा नदी में दीपदान किया, आटे के दीपक जलाकर प्रवाहित करने की परंपरा निभाई। नदी का किनारा भक्तों की भीड़ से भरा रहा। इस बार विशेष योग में कार्तिक पूर्णिमा होने के कारण शुक्रवार सुबह से ही मोक्षदायिनी शिप्रा में स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे। ग्रामीण अंचलों से आए श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद देव दर्शन किए। हजारों दीपक नदी में जगमगाते नजर आए, जिससे मां शिप्रा का आंचल रोशनी से आलोकित हो गया।

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शिप्रा नदी में दीपदान की परंपरा को लेकर दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं। पुराणों के अनुसार, जो व्यक्ति मंदिरों और घर में दीपदान करता है, वह सभी सुखों को प्राप्त करता है। पद्मपुराण के अनुसार, मंदिरों और नदियों के किनारे दीपदान करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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मनोकामनाएंं होती हैं पूर्ण
पंडित राकेश जोशी ने बताया कि मान्यता है कि छह कृतिकाएं—शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसुइया और क्षमा—के पूजन और श्रद्धा अनुसार दान से सुख, संपन्नता और सुयोग्य संतान का आशीर्वाद मिलता है। त्रिपुरासुर नामक राक्षस के वध के उपलक्ष्य में इस पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। भगवान शिव की पूजा-अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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जाम की स्थिति भी बनी
ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि कार्तिक मास में पवित्र नदियों में दीपदान का महत्व है। जो श्रद्धालु पूरे महीने दीपदान नहीं कर पाते, वे कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान करते हैं और पूरे मास की तपस्या का फल प्राप्त करते हैं।स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने कार्तिक मेले का आनंद लिया। मेले में झूलों और खानपान की चीज़ों का लुत्फ उठाया। भीड़ से व्यापारियों के चेहरे खिल उठे। जगह-जगह जाम की स्थिति बन गई, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


देखें तस्वीरें

कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था के दीपों से रोशन हुई मां शिप्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया द

कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था के दीपों से रोशन हुई मां शिप्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया द

 

कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था के दीपों से रोशन हुई मां शिप्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया द

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कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था के दीपों से रोशन हुई मां शिप्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया द

कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था के दीपों से रोशन हुई मां शिप्रा, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किया द

 

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