{"_id":"69523ea79e9f4848c80cfcc6","slug":"life-imprisonment-for-raping-a-woman-at-home-and-making-an-obscene-video-ujjain-news-c-1-1-noi1228-3785141-2025-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain News: घर बुलाकर महिला से दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने वाले को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain News: घर बुलाकर महिला से दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने वाले को आजीवन कारावास
Mon, 29 Dec 2025 05:56 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 05:56 PM IST
सार
बड़नगर में दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी बबलेश केवट को दोषी ठहराया। पीड़िता से अश्लील वीडियो बनाकर शोषण करने पर उसे आजीवन कारावास सहित विभिन्न धाराओं में कुल सजा और 13 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
विज्ञापन
अदालत का फैसला
- फोटो : ANI
विस्तार
विशेष न्यायालय के न्यायाधीश प्रतापसिंह चौहान ने दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के एक गंभीर मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी बबलेश पिता मांगीलाल केवट, निवासी खोप दरवाजा बड़नगर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। घटना बड़नगर की है।
विज्ञापन
आरोपी बबलेश ने तीन बच्चों की मां (पीड़िता) को अपने घर यह कहकर बुलाया था कि वह उसके बेटे के लिए एक अच्छा रिश्ता (लड़की) बताएगा। जब महिला फोटो देखने उसके घर पहुंची, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और मोबाइल से अश्लील वीडियो बना लिया। आरोपी ने उक्त वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर महिला के साथ दो से तीन बार गलत काम किया। जब पीड़िता ने उसके पास जाने से मना किया, तो आरोपी ने उसके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी और फोटो-वीडियो परिवार के सदस्यों को भेजना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- 'तुम्हारे फूफा चाहे प्रेसिडेंट होंं, चालान तो होगा ही', IPS अनु बेनीवाल का वीडियो हुआ वायरल
विज्ञापन
प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। विशेष न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3 (2) (5) में आजीवन कारावास, धारा 376 (2) (एन) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास और धारा 66ई (आईटी एक्ट) में 2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। कुल 13 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक ईश्वरसिंह केलकर द्वारा की गई।
