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Baba Mahakal: श्रम विभाग आदेश की आड़ में महाकाल कर्मचारियों से रुपये की रिकवरी कर रही KSS, डर से कर्मचारी चुप

Thu, 10 Oct 2024 07:35 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Thu, 10 Oct 2024 07:35 PM IST
सार

श्रम विभाग के एक आदेश का डर दिखाकर सितंबर महीने में पूर्व में बढ़ाकर दी गई सैलरी को वापस लिए जाने की सहमति कर्मचारियों से ली जा रही थी। कर्मचारी इस पर अपनी सहमति देना तो नहीं चाहते थे।

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Baba Mahakal KSS is recovering money from Mahakal employees under guise of Labor Department order
श्रम विभाग आदेश और महाकाल मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रतिदिन किसी न किसी खबर के कारण चर्चाओं में बना रहता है। गुरुवार सुबह से महाकालेश्वर मंदिर में केएसएस कंपनी का एक पत्र काफी चर्चाओं में बना रहा, जिसमें मंदिर की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों से श्रम विभाग के एक आदेश का डर दिखाकर सितंबर महीने में पूर्व में बढ़ाकर दी गई सैलरी को वापस लिए जाने की सहमति कर्मचारियों से ली जा रही थी। कर्मचारी इस पर अपनी सहमति देना तो नहीं चाहते थे, लेकिन उन्हें नौकरी से निकाले जाने का भय कुछ इतना था कि इसे कंपनी का दबाव कहो या प्रभाव कर्मचारी न चाहकर भी सितंबर महीने में रुपये की कटौती किए जाने की स्वीकृति हस्ताक्षर कर रहे थे।

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पूरा मामला कुछ ऐसा है कि महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था केएसएस यानी की भोपाल की कृष्णा सिक्योरिटी एंड लेबर सुपरवाइजर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास है। इनके कर्मचारियों के द्वारा ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था संभाली जाती है। बताने के लिए तो इन कर्मचारियों का वेतन 10 से 12,000 रुपये है। लेकिन फिर भी कर्मचारी कम वेतन को लेकर परेशान हैं। इसी समस्या को लेकर कुछ महीने पूर्व इन कर्मचारियों द्वारा कलेक्टर के आगमन पर अपनी पीड़ा से उन्हें अवगत करवाया था, जिस पर जिलाधीश ने कंपनी को वेतनवृद्धि के आदेश दिए थे।
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इसके बाद कंपनी ने अप्रैल 2024 में बढ़ी हुई तनख्वाह कर्मचारियों को दी। कर्मचारियों को लगा था कि अब उन्हें प्रत्येक महीने इसी प्रकार से वेतन मिलेगा। लेकिन अप्रैल 2024 के बाद आज दिनांक तक इन कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन फिर प्राप्त नहीं हुआ। कर्मचारी पुराने वेतन में ही अपना काम कर रहे थे। लेकिन सुबह केएसएस कंपनी के द्वारा पहुंचाए गए एक पत्र ने कर्मचारियों की परेशानी उस समय बढ़ा दी, जब उनसे श्रम विभाग के एक आदेश को बताकर अप्रैल 2024 में डाले गए वेतन को वापस लेने की सहमति मांगी गई। इस कटौती के पीछे कंपनी का कहना है कि श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक 6/11/अन्वेषण 5/2024/15-08-2017-16066 इंदौर दिनांक 24-05-2024 से वेतन काटने का आदेश प्राप्त हुआ है।
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श्रम विभाग का यह आदेश दिखाकर ली जा रही स्वीकृति
मैं कृष्णा सिक्योरिटी एंड लेबर सप्लायर्स सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड भोपाल के माध्यम से श्री महाकालेश्वर मंदिर में कार्यरत है। हमें कंपनी द्वारा माह अप्रैल 2024 में श्रम विभाग से जारी वेतनवृद्धि के आदेश के क्रम में बढ़ा हुआ वेतन प्राप्त हुआ था। परंतु मई 2024 में श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक 6/11/अन्वेषण/पांच/2024/15817-16066 इंदौर दिनांक 24.05.2024 से वेतन कम कर दिया गया था, जिसमें अप्रैल 2024 की राशि मंदिर द्वारा काटी गई है। इसके क्रम में बढ़े हुऐ वेतन की राशि मेरे सितम्बर 2024 के माह के वेतन से कटौती करने की सहमति प्रदान करता/करती हूं।


यह बोले जिम्मेदार
इस पूरे मामले को लेकर जब श्री महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि वेतन के मामले में यह केएसएस कंपनी और कर्मचारियों के बीच का मामला है। इससे श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति का कोई लेना-देना नहीं है। इस बारे में जब महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ से चर्चा करना चाही गई तो उनका फोन बंद आया।

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