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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News: 67th Kalidas Festival Begins, Folk Arts Shine in Kalash Yatra, Events to Continue Till November 7

Ujjain News: 67वें कालिदास समारोह का शुभारंभ, कलश यात्रा में लोककलाओं के रंग बिखरे, 7 नवंबर तक होंगे कार्यक्रम

Sat, 01 Nov 2025 12:31 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sat, 01 Nov 2025 12:31 PM IST
सार

शिप्रा तट से पारंपरिक कलश यात्रा के साथ कालिदास समारोह की रंगारंग शुरुआत हुई। नाशिक, झाबुआ और छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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Ujjain News: 67th Kalidas Festival Begins, Folk Arts Shine in Kalash Yatra, Events to Continue Till November 7
67वें कालीदास समारोह का शुभारंभ

विस्तार

उज्जैन में 67वां अखिल भारतीय कालिदास समारोह पारंपरिक कलश यात्रा के साथ शिप्रा तट से विधिवत रूप से आरंभ हुआ। इस भव्य यात्रा में नाशिक के ढोल-ताशे, छत्तीसगढ़ के पंथी नृत्य, झाबुआ के आदिवासी कलाकारों, मालवा और महाराष्ट्र के लोक कलाकारों, एनएसएस तथा स्काउट्स के दल शामिल हुए। यात्रा का स्वागत शहर के विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर किया गया।

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कलश यात्रा में कालिदास संस्कृत अकादमी की केंद्रीय समिति के सदस्य रूप पमनानी, श्रीपाद जोशी, राजेश सिंह कुशवाह, माया बधेका, संजय शर्मा, सुभाष कुमावत, अतिरिक्त संचालक एच.एल. अन्निजवाल, जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा, डॉ. रमण सोलंकी, डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा, एनएसएस संयोजक मेदमवार और प्रदीप लाखरे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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शाम को डीआईजी नवनीत भसीन के आतिथ्य में मालवा की पुरातात्विक धरोहर पर केंद्रित प्राचीन सिक्कों और मुद्राओं की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही कालिदास संस्कृत अकादमी के प्रकाशनों के विक्रय केंद्र और पिछले दस वर्षों में पुरस्कृत चित्रों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन हुआ, जिसे अतिथियों ने सराहा।
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नांदी कार्यक्रम के अंतर्गत 1500 विद्यार्थियों ने कालिदास की रचनाओं से मंगलाचरण प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक संध्या में महाराष्ट्र के रत्नागिरी से आए गोगटे जोगलेकर महाविद्यालय के छात्रों ने संस्कृत ऑर्केस्ट्रा की मनमोहक प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा थे।

67वां अखिल भारतीय कालिदास समारोह का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (आभासी माध्यम से) के मुख्य आतिथ्य में, संस्कृति मंत्री ठा. धर्मेंद्र सिंह लोधी की अध्यक्षता में, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल के विशिष्ट आतिथ्य और श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेशप्रपन्नाचार्य महाराज (अयोध्या) के सारस्वत आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर अकादमी के प्रकाशनों का लोकार्पण और राष्ट्रीय कालिदास चित्र एवं मूर्तिकला प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा की गई। शाम 7 बजे प्रसिद्ध गायिका सुश्री सूर्यगायत्री (केरल) ने भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी।

समारोह के आगामी कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे:

2 नवंबर: प्रातः 10 बजे सुश्री आरती जादौन (उज्जैन) का भक्ति संगीत, इसके बाद ‘कालिदास साहित्य में स्व-बोध विमर्श’ पर शोध संगोष्ठी। शाम 4:30 बजे ‘संस्कृति चिंतक कालिदास’ पर पं. सूर्यनारायण व्यास व्याख्यान (मुख्य वक्ता प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र, प्रयागराज) और शाम 6:30 बजे श्री महेश काले (मुंबई/यूएस) का शास्त्रीय गायन।


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3 नवंबर: सुबह सुश्री भैरवी विश्वरूप (जबलपुर) की ‘शिवलीला’ नृत्य नाटिका, दोपहर में शोध संगोष्ठी का द्वितीय सत्र, शाम को ‘कालिदास का परिवार चिंतन’ पर व्याख्यान (मुख्य वक्ता प्रो. राजेश्वर मिश्र) और सांस्कृतिक संध्या में अनन्या गौड़ (कथक), अमिता खरे (‘शकुंतला’ नाटिका) एवं एकता पोद्दार (‘भोला पार्वती को ब्याव’) की प्रस्तुतियां।

4 नवंबर: वैदेही पंड्या (उज्जैन) का कथक नृत्य, अखिलेश मिश्र (राजदूत, आयरलैंड) का ‘विकसित भारत संकल्प में कालिदास का महत्व’ विषय पर व्याख्यान। शाम को ‘ऋतुसंहार’ और ‘श्रीकृष्ण उज्जयिनी’ नाट्य प्रस्तुतियां।

5 नवंबर: ‘ऑपरेशन सिंदूर के आलोक में कालिदास’ विषय पर संस्कृत कवि सम्मेलन, शाम को पियाल भट्टाचार्य (कोलकाता) के निर्देशन में संस्कृत नाटक ‘शिवभाणकम्’।

6 नवंबर: क्षेत्रीय भाषा-बोली कवि सम्मेलन और शाम को श्रुति अधिकारी (भोपाल) का ‘पंचनाद’ वादन एवं दुर्गा शर्मा (बैंगलोर) का ‘वायलिन’ वादन।

7 नवंबर: दोपहर 4 बजे समापन समारोह, शाम 6:30 बजे दिव्या शर्मा (मुरैना) का शास्त्रीय गायन और प्रेमसिंह देपालपुरिया (सारंगपुर) का लोकगायन।

 

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