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Ujjain News:नववर्ष सत्संग के लिए उज्जैन आएंगे जय गुरुदेव बाबा उमाकांत महाराज, भक्तों को देंगे नामदान
Tue, 27 Dec 2022 03:06 PM IST
अर्पित याग्निक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अर्पित याग्निक
Updated Tue, 27 Dec 2022 03:06 PM IST
सार
बाबा जयगुरुदेव के आश्रम में 31 दिसंबर और एक जनवरी को आयोजित दो दिवसीय सत्संग व नाम दान कार्यक्रम में जय गुरुदेव बाबा उमाकांत महाराज अपने अनुयायियों को नामदान देंगे।
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बाबा उमाकांत महाराज
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
हर साल की तरह इस बार भी मक्सी रोड स्थित बाबा जयगुरुदेव के आश्रम में 31 दिसंबर और एक जनवरी को नववर्ष सत्संग व नाम दान का दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित होगा। इस मौके पर जय गुरुदेव बाबा उमाकांत महाराज उपस्थित रहकर अपने अनुयायियों को नाम दान देंगे। साथ ही भक्तों को ईश्वर की भक्ति कर सभी संकटों से मुक्त करने का मार्ग भी बताएंगे। कार्यक्रम को लेकर उज्जैन के आश्रम में तैयारियां चल रही हैं। कार्यक्रम में लाखों श्रद्धालु बाबा उमाकांत महाराज के दर्शन उनके आशीर्वचन सुनने के साथ ही नाम दान कार्यक्रम में शामिल होंगे। 31 दिसंबर 2022 शनिवार को दोपहर 1 बजे से और 1 जनवरी 2023 को प्रात: 8 बजे से इस सत्संग व नाम दान कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
स्वयं संभालेंगे व्यवस्था
जय गुरुदेव सत्संग की खास बात यह है कि यहां सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त रहते हैं। यहां कोई निजी सुरक्षा एजेंसी नहीं है और न पुलिस की तैनाती। स्वयं अनुयायी ही इसकी कमान संभालते हैं। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक महिलाएं हाथों में लाठियां लिए तैनात रहती हैं। युवा पंडाल, कैंप, भंडारों सहित हर जगह नजर रखकर वॉकी-टॉकी से आपस में बात कर व्यवस्था संभालते हैं।
शाकाहारी जीवन का समझाएंगे महत्व
बाबा उमाकांत महाराज पंडाल में उपस्थित भक्तों को शाकाहारी और सदाचारी जीवन का महत्व समझाएंगे और सभी को शाकाहारी बनने के लिए प्रेरित भी करेंगे। इसके पश्चात भक्तों पर नामदान की अमृत वर्षा की जाएगी।
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जहां जरूरत वहां पहुंच जाऊंगा
महाराज जी ने रेवाड़ी (हरियाणा) में बताया था कि जहां रुकता हूं वहां भी दिन-रात कुछ न कुछ करता रहता हूं। अभी पुराने आश्रम उज्जैन जाऊंगा जहां प्रतिवर्ष नए वर्ष का कार्यक्रम होता है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी का कार्यक्रम वहां करूंगा। उसके बाद नए वर्ष में कई जगह कार्यक्रम होता है। उधर, मुंबई में जाऊंगा फिर गुजरात और अन्य जगह पर जहां-जहां पर हमारी मांग है, उन जगहों पर जाने का मेरा विचार बना हुआ है। बीच में जरूरत पड़ेगी तो यहां रेवाड़ी आ जाऊंगा।
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स्वयं संभालेंगे व्यवस्था
जय गुरुदेव सत्संग की खास बात यह है कि यहां सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त रहते हैं। यहां कोई निजी सुरक्षा एजेंसी नहीं है और न पुलिस की तैनाती। स्वयं अनुयायी ही इसकी कमान संभालते हैं। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक महिलाएं हाथों में लाठियां लिए तैनात रहती हैं। युवा पंडाल, कैंप, भंडारों सहित हर जगह नजर रखकर वॉकी-टॉकी से आपस में बात कर व्यवस्था संभालते हैं।
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शाकाहारी जीवन का समझाएंगे महत्व
बाबा उमाकांत महाराज पंडाल में उपस्थित भक्तों को शाकाहारी और सदाचारी जीवन का महत्व समझाएंगे और सभी को शाकाहारी बनने के लिए प्रेरित भी करेंगे। इसके पश्चात भक्तों पर नामदान की अमृत वर्षा की जाएगी।
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जहां जरूरत वहां पहुंच जाऊंगा
महाराज जी ने रेवाड़ी (हरियाणा) में बताया था कि जहां रुकता हूं वहां भी दिन-रात कुछ न कुछ करता रहता हूं। अभी पुराने आश्रम उज्जैन जाऊंगा जहां प्रतिवर्ष नए वर्ष का कार्यक्रम होता है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी का कार्यक्रम वहां करूंगा। उसके बाद नए वर्ष में कई जगह कार्यक्रम होता है। उधर, मुंबई में जाऊंगा फिर गुजरात और अन्य जगह पर जहां-जहां पर हमारी मांग है, उन जगहों पर जाने का मेरा विचार बना हुआ है। बीच में जरूरत पड़ेगी तो यहां रेवाड़ी आ जाऊंगा।
