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गुप्त नवरात्रि: मां बगलामुखी मंदिर में मिर्ची हवन, दस महाविद्या की आराधना संग शुरू हुआ विश्वकल्याण का अनुष्ठान

Wed, 15 Jul 2026 08:24 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Wed, 15 Jul 2026 08:24 PM IST
सार

उज्जैन में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत बुध पुष्य, हर्षल और गजकेसरी योग के शुभ संयोग में हुई। बगलामुखी, हरसिद्धि और गढ़कालिका मंदिरों में विशेष पूजन, हवन और तंत्र साधना शुरू हुई। नौ दिनों तक विश्व कल्याण, मनोकामना पूर्ति और नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए विशेष अनुष्ठान होंगे। 

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Gupt Navratri in Ujjain: Baglamukhi Temple Hosts Special Rituals with Pushya Nakshatra & Gajkesari Yoga
मां बगलामुखी मन्दिर उज्जैन

विस्तार

धार्मिक नगरी उज्जैन में आज से आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। इस बार गुप्त नवरात्रि और भी खास है, क्योंकि बुध पुष्य नक्षत्र, हर्षल योग और गजकेसरी योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। भैरवगढ़ स्थित बगलामुखी माता मंदिर में संस्थापक रामनाथ महाराज के सान्निध्य में विशेष अनुष्ठान शुरू हुए। यज्ञाचार्य पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि यह उज्जैन का एकमात्र ऐसा शक्तिपीठ है, जहां मां बगलामुखी के साथ प्रत्यंगिरा भगवती और दस महाविद्याओं का मंदिर एक साथ स्थापित है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिन यहां नित्य हवन-पूजन के साथ भारत और विश्व कल्याण के लिए विशेष अर्चन किया जाएगा।

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मंदिर में गुप्त नवरात्रि में ये विशेष अनुष्ठान होंगे
1. मिर्ची हवन - नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं के नाश के लिए
2. मनोकामना हवन - भक्तों की मुराद पूरी करने के लिए
3. विश्व कल्याण हवन - देश-दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए

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रात 12 से 4 बजे तक श्मशान साधना
गुप्त नवरात्रि तंत्र साधना का महापर्व है। रामनाथ महाराज ने बताया कि कुछ साधक कुल परंपरा से दुर्गा सप्तशती, दुर्गा कवच और देवी मंत्रों का पाठ करते हैं। वहीं कुछ साधक अघोर तंत्र से रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक चक्रतीर्थ, ओखलेश्वर श्मशान घाट पर साधना करते हैं। उज्जैन में विक्रांत भैरव, हरसिद्धि शक्तिपीठ और गढ़कालिका पर भी नौ दिन विशेष पूजन-अर्चन होगा। गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व है। शिव-शक्ति की नगरी होने के कारण यहां सिद्धि प्राप्ति का योग सबसे ज्यादा माना जाता है।
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गढ़कालिका में कुमकुम अर्चना, हरसिद्धि में विशेष शृंगार
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार प्रतिपदा तिथि पर बव करण और कर्क राशि के चंद्रमा से गजकेसरी योग बना। ऐसे में देवी साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। गढ़कालिका माता मंदिर के महंत करिश्मानाथ ने बताया कि नौ दिन देवी का अभिषेक-पूजन कर नित नया शृंगार किया जाएगा। मान्यता है कि कुमकुम अर्चना से माता गढ़कालिका शीघ्र प्रसन्न होती हैं। हरसिद्धि शक्तिपीठ में भी माता का विशेष अभिषेक और शृंगार किया गया। 23 जुलाई को महानवमी पर महापर्व की पूर्णाहुति होगी।

साल में 4 नवरात्रि, गुप्त साधना का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार साल में 4 नवरात्रि आती हैं - 2 प्रकट और 2 गुप्त। गुप्त नवरात्रि में की गई साधना गुप्त रखी जाती है और इसका फल साधक को शीघ्र प्राप्त होता है।

 

माँ बगलामुखी मन्दिर उज्जैन

मां बगलामुखी मन्दिर उज्जैन

 

माँ बगलामुखी मन्दिर उज्जैन

मां बगलामुखी मन्दिर उज्जैन में दर्शन करते भक्त

 

माँ बगलामुखी मन्दिर उज्जैन

मां बगलामुखी मन्दिर उज्जैन

 

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