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Ujjain News: सेवाधाम आश्रम में हुआ पिता और बेटी का मिलन, कुछ ऐसा हुआ कि निकल पड़े आंसू; जानिए पूरा मामला

Tue, 26 Nov 2024 07:54 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Tue, 26 Nov 2024 07:54 PM IST
सार

Ujjain: पिता को देख वह भावुक हो गई और बेटी व पिता दोनों रोने लगे और पिता कहने लगे कि वह विगत 3 माह से बेटी को ढूंढते-ढूंढते थक गए थे। आश्रम में सुरक्षित देख मेरा खुशी का ठिकाना नहीं रहा और आंसू निकल पड़े।

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Father and daughter met in Sevadham Ashram in ujjain
सेवाधाम आश्रम में हुआ पिता और बेटी का मिलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंकित ग्राम, सेवाधाम आश्रम, उज्जैन में कुछ दिनों पूर्व थाना प्रभारी तराना की अनुशंसा पर डिप्रेशन की शिकार महाराष्ट्र परभणी निवासी शमका राठौर को आश्रम दिया गया था। वह महाराष्ट्र से भटकते-भटकते यहां कैसे आई पता नहीं और वह स्वयं थाने पर चली गई थी। आश्रम में रहते हुए उसने आश्रम संस्थापक सुधीर भाई से अपने परिवार से मोबाइल नंबर याद आने पर फोन लगवाया तो उसके परिवार ने उसकी आवाज सुन रोने लगे। तब सुधीर भाई ने कहा कि आपकी बेटी अंकितग्राम सेवाधाम आश्रम में सुरक्षित है। आप कभी भी आकर उसे अपने साथ ले जा सकते हैं।
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पिता सावू राठौर निवासी तेलांगान एवं भाई रतनावत उसे अपने साथ लेने आए। पिता को देख वह भावुक हो गई और बेटी व पिता दोनों रोने लगे और पिता कहने लगे कि वह विगत 3 माह से उसे ढूंढ रहे थे और उसके तीन बच्चे हैं, जो उसके लिए तड़प रहे हैं। हम बेटी को ढूंढते-ढूंढते थक गए थे। इनकी जब सेवाधाम में होने की सूचना मिली, बेटी से बात की और आश्रम में सुरक्षित देख मेरा खुशी का ठिकाना नहीं रहा और आंसू निकल पड़े। आश्रम की परंपरानुसार गोरी दीदी ने मंगल तिलक, माला एवं मिष्ठान्न खिलाकर परिवार में पुनर्वसित किया।
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मानव सेवा का धाम सेवाधाम
सेवाधाम के प्रमुख सुधीर भाई गोयल को बच्चों, युवाओं और वृद्वजनों के साथ कार्य करते हुए अनेक दशक हो गए है। अंकितग्राम, सेवाधाम आश्रम परिवार जैसी संस्था के माध्यम से सभी आयु वर्ग की सेवा का कार्य हो रहा है। माता पिता ने जिन्हें मान मन्नतों से पाला-पौसा वे ही गलत संगतों एवं आदतों के कारण डिप्रेशन में चले जाकर परिवार से स्वत: ही चले जाते है और असहाय स्थिति में में अपनी रूठी किस्मत को मनाने के लिए सेवाधाम जैसे इसी कार्य को समर्पित आश्रय गृहों का सहारा लेते हैं। सेवाधाम आश्रम विगत 36 वर्षों से समाज से बेसहारा-बेघर-निराश्रित-मरणासन्न-समाज और परिवार से बहिष्कृत-तिरस्कृत बुजुर्गों की सेवा का कार्य कर रहा है, जिन्हें आश्रम के 950 से सदस्यीय परिवार में मान सम्मान के साथ जीवन यापन का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
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