Ujjain News: सरकारी गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर प्रर्दशन, रहवासी बोले- पशु भूख से मर रहे हैं
Ujjain: शासकीय गौचर भूमि पर अतिक्रमणकारियों द्वारा खेती की जा रही है। यहां गेहूं की फसल बोने एवं गोचर भूमि पर अवैध अतिक्रमण के कारण गाय व अन्य पशुओं के चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। यहां तक की पशुओ ने दम तोड़ दिया है।
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शासकीय गौचर भूमि पर कब्जे के विरोध में दड़िया गांव के रहवासी कोठी पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारियों द्वारा गौचर भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही है। गेहूं की फसल बोने के कारण पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है, जिससे कई गायों की भूख से मौत हो गई है। रहवासियों ने मृत गायों के चित्र भी अधिकारियों को दिखाए।
दड़िया तहसील खाचरौद में सर्वे नंबर 194/2, 195/2, 200/2, 192, 193, 196/1, 200/1, 202, 210, 211 की शासकीय चरनोई भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। लगभग 25 बीघा 9 बिस्वा भूमि पर निर्मला रानी दुबे, मधु शुक्ला, विनोद चौधरी और श्यामसुंदर द्वारा गेहूं की फसल बोई गई है। इससे गांव के पशुओं को चरने में कठिनाई हो रही है, और पर्याप्त चारा न मिलने के कारण उनकी हालत दयनीय हो गई है।
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कलेक्टर कार्यालय पहुंचे कैलाश चौधरी, गिरवर चौधरी, संजय चौधरी, पवन, लोकेश, नागेश्वर, गौरव, दीपक, राधेश्याम, राम सिंह, दिनेश, रोहित, रमेश, श्याम लाल, अजय, हीरालाल समेत ग्रामीणों ने भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की। कैलाश चौधरी ने बताया कि 4 मार्च 2025 को अनुविभागीय अधिकारी, खाचरौद के समक्ष जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण दड़िया के निवासी उज्जैन कोठी पैलेस पर फिर पहुंचे और उचित कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कोई कदम न उठाने और पशुओं की भूख से मौत होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जल्द से जल्द शासकीय चरनोई भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध करवाने की मांग की। इस पर अधिकारियों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
