Ujjain News: महाकाल में VIP लोग सुविधाएं तो ले रहे पर नहीं कर रहे दान, पुजारियों ने उठाया मुद्दा
उज्जैन के महाकाल मंदिर में VIP दर्शन और दान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। महाकाल मंदिर के पुजारियों और महाकाल सेना ने सवाल उठाया है कि फिल्मी सितारे और बड़े नेता विशेष सुविधाओं के साथ दर्शन तो करते हैं, लेकिन मंदिर विकास के लिए दान नहीं देते।
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उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर मंदिर में VIP दर्शन और दान को लेकर नई बहस छिड़ गई है। महाकाल मंदिर के पुजारियों और महाकाल सेना ने सवाल उठाया है कि करोड़ों-अरबों की कमाई करने वाले फिल्मी सितारे और बड़े नेता मंदिर में विशेष सुविधाएं तो लेते हैं, लेकिन मंदिर के विकास और व्यवस्थाओं के लिए दान नहीं करते। पुजारियों का कहना है कि आम श्रद्धालु घंटों लाइन में लगकर बाबा महाकाल के दर्शन करता है, जबकि सेलिब्रिटी और VIP लोग सीधे गर्भगृह तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में सक्षम लोगों को मंदिर की व्यवस्थाओं में आर्थिक सहयोग भी देना चाहिए।
महाकाल लोक बनने के बाद बढ़ी VIP श्रद्धालुओं की संख्या
महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, गोविंदा, आशुतोष राणा और गायक सुरेश वाडकर समेत कई बड़े सितारे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। वहीं अभिनेत्री निधि अग्रवाल और सिमरत कौर जैसी कलाकार भी अपनी सफलता का श्रेय बाबा महाकाल के आशीर्वाद को देती रही हैं। मंदिर समिति इन VIP श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आसान दर्शन के लिए विशेष इंतजाम करती है। कई बार आम श्रद्धालुओं के दर्शन भी कुछ समय के लिए रोक दिए जाते हैं।
पुजारी महेश शर्मा ने उठाए सवाल
अखिल भारतीय पुजारी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने VIP कल्चर पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले के समय में राजा-महाराजा मंदिरों के संरक्षण और विकास के लिए बड़ा दान देते थे। उन्होंने कहा कि आज भी मंदिर के शिखर पर लगा स्वर्ण कलश और चांदी की प्रतिमाएं दानदाताओं के सहयोग से ही स्थापित हुई हैं। लेकिन आज के कई सेलिब्रिटी मंदिर में दर्शन के बाद अपनी सफलता की चर्चा तो करते हैं, लेकिन मंदिर के विकास कार्यों और अन्न क्षेत्र के लिए उनका योगदान बहुत कम दिखाई देता है।
दान से कम होगा मंदिर समिति पर आर्थिक भार
महाकाल सेना और पुजारियों का कहना है कि जब मंदिर समिति VIP श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं करती है, तो आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को भी मंदिर के लिए दान देना चाहिए। उनका तर्क है कि अगर संपन्न लोग दान करेंगे तो मंदिर समिति पर पड़ने वाला वित्तीय भार कम होगा और उस राशि का उपयोग गरीब श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में किया जा सकेगा।
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दानदाताओं के सहयोग से हुए थे विकास कार्य
पंडित महेश शर्मा ने बताया कि जब वह मंदिर समिति के सदस्य थे, तब दानदाताओं के सहयोग से मंदिर के शिखर पर स्वर्ण कलश सहित कई विकास कार्य करवाए गए थे, जो आज भी मंदिर की पहचान बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुजारी अपने जजमानों के माध्यम से मंदिर के विकास में योगदान देते रहे हैं, लेकिन अब प्रशासन को भी ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिसमें मंदिर आने वाले VVIP श्रद्धालुओं से दान लेकर उसे विकास कार्यों में लगाया जा सके।
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