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उज्जैन ट्रिपल मर्डर: दो नहीं चार ने की थी हत्या, आरोपी की पत्नी-बेटा गिरफ्तार, मारने के बाद ले गए थे रुपये, जेवर व चेक
Thu, 21 Apr 2022 05:32 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 21 Apr 2022 05:32 PM IST
सार
उज्जैन में हुई तिहरे हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। वारदात में दो नहीं चार लोग शामिल थे। एक आरोपी की पत्नी व नाबालिग बेटा भी हत्याकांड में शामिल था जिनको पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हत्या के बाद घर से रुपये, जेवरात व कोरे चेक भी ले गए थे।
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मृतक सरोज, राजेश व पार्थ
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शहर में हुए तिहरे हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। अब तक यह बात सामने आई थी कि दो लोगों ने हत्या की है लेकिन पुलिस ने बताया है कि हत्याकांड में चार लोग शामिल थे। एक आरोपी की पत्नी और नाबालिग बेटा भी हत्या में शामिल है। हत्या के बाद चार लाख रुपये और चेक भी लेकर गए हैं।
दरअसल उज्जैन के हरिहर नगर निवासी राजेश नागर व उसके पुत्र पार्थ की इंगोरिया में 8 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी। इसी दिन घर पर राजेश की मां सरोजबाई की हत्या कर शव पलंग पेटी में पटक दिया था। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दो आरोपियों दिनेश जैन निवासी कमल कॉलोनी व जयराम कुशवाह निवासी मोहन नगर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बताया था कि राजेश नागर का ब्याज का कामकाज था। उससे ब्याज पर रुपये ले रखे थे। कोरे चेक उसको दिए थे। ब्याज के रुपयों को लेकर राजेश और उसका बेटा अक्सर टोका करता था। इसके बाद हत्या की योजना बनाई थी।
घर में कोरे चेक तलाशे लेकिन वे नहीं मिले। आरोपियों द्वारा बताई गई कहानी पूरी तरह से पुलिस के गले नहीं उतरी। पुलिस को आशंका थी कि इसमें कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसके चलते पुलिस घटना की सत्यता जानने के लिए दोनों आरोपियों को मृतकों के घर ले गई थी और उनसे पूछा कि किस तरह घटना की। बस इसी दौरान पुलिस को पता चला कि इस हत्याकांड में जयराम की पत्नी सोनू और नाबालिग बेटा भी शामिल था।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे मां-बेटे
पुलिस का शक इसलिए गहराया क्योंकि आरोपियों ने बताया था कि उनको घर से कुछ नहीं मिला। पुलिस को यह समझ नहीं आया कि घर को इतना खंगाला और उसके बाद भी कुछ कैसे नहीं मिला। इसी बिंदू पर पुलिस की जांच चल रही थी। इस दौरान कुछ सीसीटीवी फुटेज पुलिस के साथ लगे जिसमें एक महिला और लड़का नजर आया। इस पर जयराम से सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बता दी और कहा कि उसकी पत्नी और नाबालिग बेटा भी हत्याकांड में शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि नाबालिग बेटे को जयराम इंगोरिया तक ले गया था। जब जयराम और दिनेश जैन ने पिता-पुत्र को पकड़ा तो उस समय उन दोनों की आंख में मिर्ची जयराम के नाबालिग बेटे ने ही डाली थी। इसके बाद उसकी फेंकी हुई मिर्ची की थैली भी पुलिस ने जब्त कर ली है। ताकि उसके फिंगर प्रिंट ट्रेस किए जा सकें। पुलिस को इसलिए शक हुआ था, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से चेक करने पर एक जगह ऑटो से उतरते हुए जयराम की पत्नी और बेटा दिख गए। दोनों के पास एक बेग था। इस पर पुलिस ने पूछताछ की। आखिर में पता चला कि पिता-पुत्र की हत्या में नाबालिग बेटा सहयोगी रहा जबकि मां सरोजबाई की हत्या में जयराम की पत्नी शामिल थी। हत्या के बाद घर में रखे जेवरात, कुछ नकदी और चेक साथ ले गए थे। पुलिस ने उनसे चेक,जेवरात और नकदी बरामद की है।
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दरअसल उज्जैन के हरिहर नगर निवासी राजेश नागर व उसके पुत्र पार्थ की इंगोरिया में 8 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी। इसी दिन घर पर राजेश की मां सरोजबाई की हत्या कर शव पलंग पेटी में पटक दिया था। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दो आरोपियों दिनेश जैन निवासी कमल कॉलोनी व जयराम कुशवाह निवासी मोहन नगर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बताया था कि राजेश नागर का ब्याज का कामकाज था। उससे ब्याज पर रुपये ले रखे थे। कोरे चेक उसको दिए थे। ब्याज के रुपयों को लेकर राजेश और उसका बेटा अक्सर टोका करता था। इसके बाद हत्या की योजना बनाई थी।
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घर में कोरे चेक तलाशे लेकिन वे नहीं मिले। आरोपियों द्वारा बताई गई कहानी पूरी तरह से पुलिस के गले नहीं उतरी। पुलिस को आशंका थी कि इसमें कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसके चलते पुलिस घटना की सत्यता जानने के लिए दोनों आरोपियों को मृतकों के घर ले गई थी और उनसे पूछा कि किस तरह घटना की। बस इसी दौरान पुलिस को पता चला कि इस हत्याकांड में जयराम की पत्नी सोनू और नाबालिग बेटा भी शामिल था।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखे थे मां-बेटे
पुलिस का शक इसलिए गहराया क्योंकि आरोपियों ने बताया था कि उनको घर से कुछ नहीं मिला। पुलिस को यह समझ नहीं आया कि घर को इतना खंगाला और उसके बाद भी कुछ कैसे नहीं मिला। इसी बिंदू पर पुलिस की जांच चल रही थी। इस दौरान कुछ सीसीटीवी फुटेज पुलिस के साथ लगे जिसमें एक महिला और लड़का नजर आया। इस पर जयराम से सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरी कहानी बता दी और कहा कि उसकी पत्नी और नाबालिग बेटा भी हत्याकांड में शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि नाबालिग बेटे को जयराम इंगोरिया तक ले गया था। जब जयराम और दिनेश जैन ने पिता-पुत्र को पकड़ा तो उस समय उन दोनों की आंख में मिर्ची जयराम के नाबालिग बेटे ने ही डाली थी। इसके बाद उसकी फेंकी हुई मिर्ची की थैली भी पुलिस ने जब्त कर ली है। ताकि उसके फिंगर प्रिंट ट्रेस किए जा सकें। पुलिस को इसलिए शक हुआ था, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से चेक करने पर एक जगह ऑटो से उतरते हुए जयराम की पत्नी और बेटा दिख गए। दोनों के पास एक बेग था। इस पर पुलिस ने पूछताछ की। आखिर में पता चला कि पिता-पुत्र की हत्या में नाबालिग बेटा सहयोगी रहा जबकि मां सरोजबाई की हत्या में जयराम की पत्नी शामिल थी। हत्या के बाद घर में रखे जेवरात, कुछ नकदी और चेक साथ ले गए थे। पुलिस ने उनसे चेक,जेवरात और नकदी बरामद की है।
