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Ujjain Mahakaleshwar Temple: 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश बंद, पुजारी-पुरोहित और कर्मचारी ही जा सकेंगे
Tue, 28 Dec 2021 05:52 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 28 Dec 2021 05:52 PM IST
सार
उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक श्रद्धालु गर्भगृह में नहीं जा सकेंगे। दूर से ही दर्शन करने होंगे। साल के अंतिम दिनों और नए साल के शुरुआती दिनों में बढ़ने वाली भीड़ की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
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महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालु 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक नहीं जा सकेंगे। दूर से ही महाकाल के दर्शन करने होंगे। इस साल के अंतिम दिनों और नए साल के शुरुआती दिनों में बढ़ने वाली भीड़ की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इस दौरान पुजारी, पुरोहित और मंदिर के कर्मचारी ही गर्भगृह में जा सकेंगे।
दरअसल महाकालेश्वर के दर्शन के लिए साल के अंतिम दिनों और नए साल के शुरुआती दिनों में भारी भीड़ उमड़ती है। दूरदराज से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। सबका सपना होता है कि नए साल की शुरुआत महाकाल के दर्शन से हो, लेकिन इस बार कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की चिंता के चलते शासन-प्रशासन सख्ती में जुटा है। मप्र में नाइट कर्फ्यू लागू होते ही शयन आरती और भस्मारती में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। गर्भगृह में प्रवेश भी कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ था, लेकिन अब 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दर्शनार्थियों को नंदीमंडप के पीछे गणेश मंडप से दर्शन करने होंगे। दर्शन के लिए भी अब ये व्यवस्था की गई है कि दर्शनार्थियों को सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। गर्भगृह में दर्शन न करने के पीछे प्रशासन का तर्क है कि इस साल के अंत में व नए साल की शुरुआत में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है। ज्यादा भीड़ होने से दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती है और अव्यवस्थाएं भी होती हैं। इसके चलते दूर से ही दर्शन की व्यवस्था की गई है।
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दरअसल महाकालेश्वर के दर्शन के लिए साल के अंतिम दिनों और नए साल के शुरुआती दिनों में भारी भीड़ उमड़ती है। दूरदराज से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। सबका सपना होता है कि नए साल की शुरुआत महाकाल के दर्शन से हो, लेकिन इस बार कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की चिंता के चलते शासन-प्रशासन सख्ती में जुटा है। मप्र में नाइट कर्फ्यू लागू होते ही शयन आरती और भस्मारती में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। गर्भगृह में प्रवेश भी कुछ दिन पहले ही शुरू हुआ था, लेकिन अब 30 दिसंबर से 3 जनवरी तक गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दर्शनार्थियों को नंदीमंडप के पीछे गणेश मंडप से दर्शन करने होंगे। दर्शन के लिए भी अब ये व्यवस्था की गई है कि दर्शनार्थियों को सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। गर्भगृह में दर्शन न करने के पीछे प्रशासन का तर्क है कि इस साल के अंत में व नए साल की शुरुआत में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है। ज्यादा भीड़ होने से दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती है और अव्यवस्थाएं भी होती हैं। इसके चलते दूर से ही दर्शन की व्यवस्था की गई है।
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