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ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: गहरी नींद में सो रहे परिवार पर गिर गई घर की छत, दबने से मां-बेटी ने दम तोड़ा, दो लोग घायल
Thu, 27 Jan 2022 03:15 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 27 Jan 2022 03:15 PM IST
सार
ग्वालियर के कृष्णा नगर में बीती रात एक मकान की छत गिर गई। अंदर सो रह परिवार चपेट में आ गया। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं।
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Gwalior: इस कमरे की छत गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ग्वालियर के कृष्णा नगर में बीती रात एक मकान की छत गिर गई। अंदर सो रह परिवार चपेट में आ गया। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार पुरानी छावनी इलाके के कृष्णा नगर पहाड़ी में बुधवार रात लगभग 11 बजे ट्रक चालक राकेश शाक्य का पूरा परिवार खाना खाकर घर के आगे वाले कमरे में सोया था। घर में राकेश की पत्नी ऊषा शाक्य (38), बेटी राधा (21), छोटी बेटी रिद्धिमा (13), बड़ा बेटा आनंद (22), छोटा बेटा सचिन (18) और मामा संजय थे। लगभग तीन बजे कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई। पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
सूचना के बाद तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच गई। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 38 साल की उषा शाक्य और उसकी 21 वर्षीय बेटी राधा को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घायल रिद्धिमा और आनंद का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है हादसे के वक्त घर के एक ही कमरे में 6 सदस्य सो रहे थे। पुलिस ने शवों को निगरानी में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया है। साथ ही मामला दर्ज कर लिया है।
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भाई ने लगाए एम्बुलेंस देरी से आने के आरोप
छोटा बेटे सचिन ने बताया कि जब उसने राधा को बाहर निकाला तो वह जिंदा थी। उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों ने एम्बुलेंस को कॉल किया। एम्बुलेंस वाले करीब आधा घंटा देरी से आए तब तक मेरी बहन की सांसें थम गईं। मां को भी हम नहीं बचा सके। घटना की सूचना सचिन ने पिता राकेश को दे दी।
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जानकारी के अनुसार पुरानी छावनी इलाके के कृष्णा नगर पहाड़ी में बुधवार रात लगभग 11 बजे ट्रक चालक राकेश शाक्य का पूरा परिवार खाना खाकर घर के आगे वाले कमरे में सोया था। घर में राकेश की पत्नी ऊषा शाक्य (38), बेटी राधा (21), छोटी बेटी रिद्धिमा (13), बड़ा बेटा आनंद (22), छोटा बेटा सचिन (18) और मामा संजय थे। लगभग तीन बजे कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई। पूरा परिवार मलबे में दब गया। चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
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सूचना के बाद तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच गई। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 38 साल की उषा शाक्य और उसकी 21 वर्षीय बेटी राधा को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घायल रिद्धिमा और आनंद का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है हादसे के वक्त घर के एक ही कमरे में 6 सदस्य सो रहे थे। पुलिस ने शवों को निगरानी में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया है। साथ ही मामला दर्ज कर लिया है।
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भाई ने लगाए एम्बुलेंस देरी से आने के आरोप
छोटा बेटे सचिन ने बताया कि जब उसने राधा को बाहर निकाला तो वह जिंदा थी। उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों ने एम्बुलेंस को कॉल किया। एम्बुलेंस वाले करीब आधा घंटा देरी से आए तब तक मेरी बहन की सांसें थम गईं। मां को भी हम नहीं बचा सके। घटना की सूचना सचिन ने पिता राकेश को दे दी।
