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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   High Court grants relief to removed Tikamgarh Municipal Council President Pappu Malik.

टीकमगढ़ नपा अध्यक्ष को राहत: पप्पू मलिक पद पर बने रहेंगे, हाईकोर्ट ने हटाने के आदेश पर लगाई रोक

Tue, 08 Sep 2026 03:26 PM IST
टीकमगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़ Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 08 Sep 2026 03:26 PM IST
सार

टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार उर्फ पप्पू मलिक को हाईकोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने हटाने के आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए उन्हें अध्यक्ष पद पर कार्य करने की अनुमति दी।

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High Court grants relief to removed Tikamgarh Municipal Council President Pappu Malik.
पप्पू मलिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार उर्फ पप्पू मलिक को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने संबंधी आदेश के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही राज्य शासन और संबंधित प्रतिवादियों को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक पप्पू मलिक को नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर कार्य करने दिया जाए।

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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका क्रमांक WP-14228-2026 पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि को पद से हटाने को गंभीर और असाधारण कदम बताया। कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुने गए किसी जनप्रतिनिधि को पद से हटाने की कार्रवाई केवल गंभीर और विशेष परिस्थितियों में ही की जानी चाहिए। मामूली अनियमितताओं या सामान्य आरोपों के आधार पर निर्वाचित पदाधिकारी को हटाना उचित नहीं है।
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न्यायालय ने कहा कि ऐसे मामलों में जनहित, नगर परिषद के हित और संबंधित पदाधिकारी द्वारा पद के कथित दुरुपयोग की गंभीरता समेत सभी तथ्यों पर समग्र रूप से विचार किया जाना जरूरी है। यदि निर्वाचित अध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया गया है तो मामले की गहन और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।


सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूर्व में आए नेहा जैन मामले में दिए गए न्यायिक सिद्धांतों का भी उल्लेख किया। न्यायालय ने माना कि निर्वाचित प्रतिनिधि को पद से हटाने का निर्णय अंतिम विकल्प के तौर पर ही लिया जाना चाहिए और इसके लिए ठोस एवं गंभीर आधार होना जरूरी है। वर्तमान मामले में हाईकोर्ट ने चुनौती दिए गए आदेश के प्रभाव और संचालन को अगली सुनवाई तक स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार से मामले में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है। तब तक पप्पू मलिक के नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में कार्य करने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद टीकमगढ़ की स्थानीय राजनीति में नगर पालिका अध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब मामले की अगली दिशा राज्य शासन के जवाब और आगामी सुनवाई में होने वाले निर्णय से स्पष्ट होगी।

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