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MP News: छोटे से गांव समसपुरा के सरकारी स्कूल के बच्चों की अंग्रेजी लिखावट दिल जीत लेगी

Fri, 17 Feb 2023 11:03 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 17 Feb 2023 11:03 PM IST
सार

महेश्वर जनपद पंचायत के गांव समसपुरा के सरकारी स्कूल के बच्चों की लिखावट शानदार है। स्कूल के एक नहीं बल्कि सभी 41 बच्चों की इंग्लिश राइटिंग एक दूसरे को मात देती है।

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The English handwriting of the children of government school of Samaspura village of Khargone will win hearts
खरगोन के समसपुरा गांव के बच्चों की अंग्रेजी लिखावट चर्चा में है। - फोटो : नरेंद्र चौधरी

विस्तार

मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के छोटे से गांव में पढ़ने वाले बच्चे अब चर्चा में हैं। उनकी अंग्रेजी की लिखावट देखने वाले को मोहित कर लेती है। कहा जाता है कि यहां के बच्चे शब्द लिखते नहीं, शब्द गढ़ते हैं। इस स्कूल के एक नहीं बल्कि सभी 41 बच्चों की इंग्लिश राइटिंग एक दूसरे को मात देती है।
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हम बात कर रहे हैं खरगोन जिले के महेश्वर जनपद पंचायत के छोटे से गांव समसपुरा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की। स्कूल में प्राचार्य सहित दो स्टाफ मेंबर हैं। स्कूल भले ही छोटा है लेकिन यहां के बच्चों की राइटिंग किसी का भी दिल जीत लेगी। वो भी इंग्लिश की कर्सिव राइटिंग, जो किसी भी प्राइवेट स्कूल के लिए भी चुनौती पेश कर सकते हैं।
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The English handwriting of the children of government school of Samaspura village of Khargone will win hearts
स्कूल के 41 बच्चों की ही लिखावट शानदार बताई गई है। - फोटो : अमर उजाला
हिंदी के शिक्षकों ने सिखाया
यह बात और आश्चर्यचकित कर देती है कि उनको सिखाने वाले शिक्षक खुद हिंदी माध्यम के हैं और हिंदी में एमए है। शिक्षक प्यार सिंह ठाकुर बताते हैं कि यह उपलब्धि उनकी नहीं बल्कि उनके बच्चों की ही है। क्योंकि उन्होंने ही इंग्लिश लिखावट सिखाने का अनुरोध किया था। बच्चों में पढ़ने आगे बढ़ने की लगन है। वे 35 वर्षों से इस स्कूल में पढ़ा रहे हैं। इस स्कूल के बच्चे जब आगे महेश्वर में पढ़ते हैं तो वहां के शिक्षक भी हैरान हो जाते हैं। वे उन्हें इंग्लिश मीडियम के बच्चे समझते हैं। अब तक इस स्कूल के करीब 200 छात्र शासकीय सर्विस में चयनित हो चुके हैं।

खेतीहर काश्तकार अनपढ़ माता-पिता के बच्चे चौथी में ही इंग्लिश पढ़ना सीखे
प्राथमिक विद्यालय समसपुरा के बच्चे कक्षा तीसरी और चौथी में हैं और फर्राटेदार इंग्लिश पढ़ लेते हैं। अंशुल नवल धारे और माता मनीषा धारे दोनों अनपढ़ हैं। दोनों खेतों में मजदूरी करते हैं, लेकिन बच्चा इंग्लिश पढ़ता है। विकास यात्रा के दौरान यात्रा के नोडल अधिकारी सावन चौहान ने इस स्कूल पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने बच्चों की राइटिंग देखकर आश्चर्य व्यक्त किया।
 
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