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MP Crime News: सीहोर में एटीएम से धोखाधड़ी के दो आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार, तीन साल पुरानी घटना में थे वांछित
Wed, 25 Jan 2023 09:13 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 25 Jan 2023 09:13 PM IST
सार
दो नवंबर 2020 को पीड़ित जगन्नाथ धनगर आष्टा इलाके में एसबीआई के एटीएम से रुपये निकालने गए थे। वहां एक आरोपी उनके पास आया और कहा कि आपको देर लगेगी इसलिए मैं जल्दी रुपये निकालकर दे देता हूं। इसी दौरान धोखे से आरोपी ने एटीएम कार्ड का पिन जान लिया और एटीएम फ्रॉड को अंजाम दिया।
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आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली आष्टा थाने की पुलिस टीम
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सीहोर में थाना आष्टा पुलिस ने साल 2020 में हुई एटीएम फ्रॉड के दो आरोपियों को राजस्थान के अलवर जिले से गिरफ्तार किया है। दोनों शातिर आरोपियों ने यू-ट्यूब देखकर धोखाधड़ी करना सीखा था। दोनों ट्रक चलाते हुए घूम-घूम कर वारदात को अंजाम देते थे।
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ये है पूरा मामला...
आष्टा पुलिस के अनुसार, दो नवंबर 2020 को नानकपुर निवासी और पीड़ित जगन्नाथ धनगर आष्टा इलाके में एसबीआई बैंक के एटीएम से रुपये निकालने आए थे। वहां एक आरोपी उनके पास आया और कहा कि आपको देर लगेगी इसलिए मैं जल्दी रुपये निकालकर दे देता हूं। इस तरह से धोखे से आरोपी ने एटीएम कार्ड का पिन भी जान लिया।
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उसके बाद आरोपी ने पीड़ित जगन्नाथ धनगर को बातों में उलझाया और उसका एटीएम कार्ड सोनकच्छ की एक महिला के कार्ड से बदलकर दे दिया। फिर उसने पीड़ित के एटीएम कार्ड से इंदौर में रुपये निकाले और अन्य जगहों पर भी एटीएम कार्ड का प्रयोग किया। जब तक पीड़ित को इस बात का पता चलता तब तक आरोपी उसके खाते से कुल 38 हजार 450 रुपये निकाल चुका था।
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इसके बाद पीड़ित ने आष्टा थाने में मामला दर्ज करवाया। मामले में थाना आष्टा में जांच के दौरान तकनीकी सबूत इकट्ठे किए गए। उसके बाद घटना स्थल के आसपास की सबूतों के आधार पर जानकारी मिली कि इस मामले में दो आरोपी शामिल थे। उनमें से एक एटीएम के अंदर था और दूसरा एटीएम के बाहर से आने जाने वाले पर नजर रखे हुए था।
आष्टा थाना पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। 20 जनवरी को एक पुलिस टीम जिला अलवर राजस्थान भेजी गई। उसका नेतृत्व उप निरीक्षक सीएल रैकवार द्वारा किया गया। उन्होंने अपराध में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने आरोपियों द्वारा चोरी के रुपयों से खरीदा गया सामान भी बरामद किया।
आरोपियों ने यू-ट्यूब से सीखा धोखाधड़ी का तरीका
दोनों आरोपियों से पूछताछ करने पर पता चला कि वे ट्रक चलाने का काम करते हैं और विभिन्न स्थानों पर जाने के दौरान ही वारदात को अंजाम देते थे। ट्रक ड्राइवर होने की वजह से उन पर कोई शक भी नहीं करता था और वे आसानी से घटना को अंजाम देकर रफूचक्कर हो जाते थे। आरोपियों ने यह तरीका यू-ट्यूब के जरिए सीखा था। दोनों सोनकच्छ जिला देवास में भी ऐसी ही एक घटना को अंजाम दे चुके हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपी राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले हैं।
दोनों पर राजस्थान में दर्ज हैं कई मामले
राजस्थान में दोनों आरोपियों पर आयुध अधिनियम (आर्म्स एक्ट), मारपीट, छेड़छाड़, रास्ता रोककर मारपीट, गाली गलौज और गबन जैसी गंभीर धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी में आष्टा थाना प्रभारी और निरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौर, उप निरीक्षक सीएल रैकवार, प्रधान आरक्षक दिनेश सिसौदिया एवं सायबर सेल सीहोर के प्रधान आरक्षक योगेश भावसार की भूमिका रही। उन्हें एसपी मयंक अवस्थी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
