मोदी के सपने को पूरा नहीं कर रहा शिवराज का मध्यप्रदेश
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ब्रिटेन यात्रा के दौरान विम्बले स्टेडियम में संबोधित करते हुए कहा था कि भारत में अब हर जगह शौचालय है, लेकिन हकीकत उनके दावों के बिल्कुल उलट है।
यही नहीं हालात उस राज्य में खराब हैं जो भारतीय जनता पार्टी शासित है। पीएम मोदी मन की बात से लेकर चुनावी सभाओं तक स्वच्छ भारत अभियान का गुणगान करते नहीं थकते लेकिन हाल ही में मध्य प्रदेश में हुए एक सर्वे के अनुसार यहां के 10 में से 7 स्कूलों के शौचालय अनुपयोगी हैं और केवल 12 फीसदी शौचालयों में ही पानी की व्यवस्था है।
इस सर्वे के अंतर्गत 228 स्कूल शामिल किए गए थे, जिसमें 214 स्कूलों में शौचालय बने हैं, वहीं केवल 125 स्कूलों में ही लड़के और लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था है।
केवल 44 शौचालय साफ
शौचालयों में स्वच्छता की बात करें तो केवल 44 स्कूलों में ही साफ-सफाई दिखी। केवल 66 स्कूलों में ही शौचालय उपयोग में लाए जाते हैं जबिक 112 स्कूल ऐसे हैं जहां शौचालय जो उपयोग में नहीं लाए जा रहे हैं या फिर टूट गए हैं।
उपरोक्त 228 स्कूलों में 189 स्कूल ऐसे भी हैं जिनमें पानी की सुविधा ही नहीं और 19 ऐसे स्कूल हैं जहां शौचालय में ताला लगा है।
यह सर्वे एमपी लोक सहभागी साझा मंच ने कराया था जिसमें 12 जिलों के 228 स्कूल शामिल किए गए थे, जिसमें 10 जिलों के 189 स्कूल ग्रामीण इलाकों के थे वहीं बाकी के 39 स्कूल ग्वालियर और इंदौर जिले के शहरी इलाकों के स्कूल शामिल थे। ये सर्वे इसी साल जुलाई में कराए गए थे।
