कैंपस में पोर्न देखने वाले छात्रों से परेशान यूनिवर्सिटी
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मध्यप्रदेश के भोपाल में स्थित बरकतुल्ला यूनिवर्सिटी को इन दिनों अजीब समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी के छात्र काफी संख्या में कैंपस के कम्प्यूटर से पोर्नोग्राफी मैटेरियल डाउनलोड कर रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी ने अब इसकी सफाई के लिए छात्रों की मदद से अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सुनने में यह बेशक अटपटा लगे लेकिन नेशनल इनर्फोमेशन सेंटर की इस सूचना के बाद यूनिवर्सिटी को यह कदम उठाना पड़ा है। एनआईसी ने सूचना दी थी कि यूनिवर्सिटी में अवैध रूप से कैंपस कम्प्यूटरों के द्वारा फिल्मों, सर्फिंग और आपत्तिजनक सामग्री को डाउनलोड किया जा रहा है।
इसका रहस्योद्घाटन होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों से छात्रों के लिए कम्प्यूटर में इंटरनेट चलाने पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों से इस बात की सूचना मांगते हुए फार्म भरवाया जा रहा है कि वह अवैध रूप से पोर्न सामग्री और फिल्में डाउनलोड करते हैं या नहीं।
छात्रों से फार्म भरवा रही यूनिवर्सिटी
हालांकि आश्चर्यजक रूप से विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को जो खुद इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं उन्हें इस फार्म को भरने की छूट दी गई है।
वहीं नाम न छापने की शर्त पर एक छात्र ने बाया कि उन्होंने हमसे तीन सवाल पूछे हैं। पहला, क्या हम इंटरनेट से किसी तरह की वीडियो डाउनलोड करने के लिए डाउनलोडर का इस्तेमाल करते हैं। जबकि बाकी दोनों सवाल इंटरनेट से फिल्में और पोर्न सामग्री डाउनलोड करने के बारे में पूछे गए हैं।
वो सवाल करते हैं कि, 'क्या कोई इसका जवाब हां में देगा।' ऐसे में फिर इस तरह के सवालों को पूछने का क्या मतलब है। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों से उन कम्प्यूटर्स का आईपी एड्रेस भी मांगा है जिसे वो कैंपस में इस्तेमाल करते हैं।
विवि ने किया इंटरनेट ठप, छात्र हुए परेशान
एक छात्र कहते हैं कि इसका मतलब ये है कि यदि मैं कोई डाक्यूमेंट्स लिंक या रिसर्च रिपोर्ट कम्प्यूटर में सेव करता हूं तो कोई भी इसे आसानी से देख सकता है। एक छात्र का कहना है कि कई दिनों से इंटरनेट बंद करने के कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
वो सवाल करते हैं कि छात्रों से इस तरह के सवाल करने के बजाय विश्वविद्यालय को इस तरह की सामग्री को रोकने के इंतजाम करने चाहिएं। निजी सवाल पूछकर कुछ होने वाला नहीं है लेकिन इससे निजता का उल्लंघन जरूर होगा।
वहीं जब इस संबंध में विश्वविद्यालय के कार्यकारी रजिस्ट्रार अनलि शर्मा से पूछा गया तो उनके पास इसका कोई जवाब नहीं था। उन्होंने कहा कि मैं इंटरनेट सिस्टम का इंचार्ज नहीं हूं। इस संबंध में आपको सही व्यक्ति से पूछना चाहिए।
संजय गुलाटी आईटी सेल के इंचार्ज हैं, लेकिन जब उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनके सहायक ने बताया कि वो छुट्टी पर हैं, वहीं काफी प्रयास के बाद भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।
