फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Step brother kept raping minor in Rajgarh, revealed after death of illegitimate child, sentenced to 20 years

Rajgarh: नाबालिग से लगातार दुष्कर्म करता रहा सौतेला भाई, अवैध संतान की मौत के बाद खुला राज, 20 साल की जेल

Fri, 12 May 2023 01:53 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 12 May 2023 01:53 PM IST
सार

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके सौतेले भाई ने उसके साथ लगातार कई दिनों तक जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। वह उसे किसी को बताने पर हमेशा जान से मारने की धमकी देता था। इस तरह वह लगातार दुष्कर्म करता रहा।

विज्ञापन
Step brother kept raping minor in Rajgarh, revealed after death of illegitimate child, sentenced to 20 years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिला न्यायालय ने जान से मारने की धमकी देकर नाबालिग से लगातार दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश अब्दुल कदीर मंसुरी ने भोजपुर थाने में दर्ज अपराध के मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की साश्रम कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

विज्ञापन


जिला लोक अभियोजक अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 28 अप्रैल 2020 को सुबह चार से पांच बजे के लगभग ग्राम सेमलापुरा में लावारिस हालत में अविकसित नवजात शिशु मिला था। इसकी जानकारी मिलने पर थाना भोजपुर में नवजात शिशु की मृत्यु होने के मामले में मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया गया। उन्होंने बताया कि जांच में यह पाया गया कि नवजात शिशु किसी की अवैध रूप से जन्मी संतान है। जन्म छुपाने के मकसद से उसे लावारिस अवस्था में छोड़ा गया है। उसके बाद भोजपुर थाने में धारा 317 IPC के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पाया गया कि अविकसित नवजात शिशु नाबालिग पीड़िता की अवैध रूप से जन्मी संतान है।
विज्ञापन


तब महिला पुलिस अधिकारी सरिता मिश्रा ने अभियोक्त्री से सूक्ष्मता से पूछताछ की। इस दौरान पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके सौतेले भाई ने उसके साथ लगातार कई दिनों तक जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। वह उसे किसी को बताने पर हमेशा जान से मारने की धमकी देता था। इस तरह वह लगातार दुष्कर्म करता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में धारा 376, 376(2)एन IPC और 5/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा किया गया। जांच के दौरान अभियोक्त्री की मेडिकल जांच करवाई गई। उसमें यह पाया गया कि उसने हाल ही में एक अविकसित नवजात शिशु को जन्म दिया है। तब अभियोक्त्री और उसके नवजात शिशु के शरीर से डीएनए जांच के लिए ब्लड लिया गया। साथ ही उसके सौतेले भाई का ब्लड भी लिया गया, जिसे डीएनए जांच के लिए विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डीएनए जांच सकारात्मक पाई गई। फिर मामले की पूरी जांच के बाद विचारण के लिए चालान जिला न्यायालय में पेश किया गया।


विचारण के दौरान न्यायालय के सामने अभियोजन की ओर से मामले के महत्वपूर्ण गवाहों के न्यायालय में कथन एवं पाजिटिव डीएनए जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही तर्क प्रस्तुत किए गए। विचारण के बाद न्यायालय ने आरोपी सौतेले भाई को अपनी बहन के साथ दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देकर बार-बार दुष्कर्म करने के अपराध में दोषी पाया। फिर अदालत ने उसे धारा 376, 376(2)एन IPC और 5/6 पॉक्सो एक्ट में बीस साल के सश्रम कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed