मध्यप्रदेश उपचुनाव: भाजपा ने वर्चुअल स्पेस को लेकर तैयार किया खास प्लान, आदिवासी बहुल सीटों पर फेसबुक, इंस्ट्राग्राम से प्रचार
जैसे-जैसे उपचुनाव की मतदान के दिन करीब आते जाते रहे हैं। वैसे-वैसे दोनों पार्टियों के हमले एक दूसरे पर तेज होते जा रहे हैं। भाजपा एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह चौहान की रैलियों का लाइव प्रसारण कर रही है और अपनी सरकार के कामों को गिना रही है...
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मध्यप्रदेश की चार विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी हैं। लेकिन इन उपचुनावों में युवा वोटर्स को रिझाने के लिए सोशल मीडिया का भी बखूबी उपयोग किया जा रहा है। भाजपा ने हर विधानसभा सीटों की नब्ज को ध्यान में रखते हुए उसी के मुताबिक सोशल मीडिया को लेकर एस खास प्लान तैयार किया है।
ऐसी आदिवासी बहुल ऐसी सीटें जहां पर टि्वटर के फॉलोअर कम हैं, वहां पर फेसबुक, इंस्ट्राग्राम और व्हाट्सएप को लेकर खास प्लान बनाया गया है। जबकि ऐसी सीटें जहां पर ट्विटर के फॉलोअर्स ठीक-ठाक हैं। वहां के लिए सोशल मीडिया टीम अलग से काम कर रही है।
भाजपा ने इन चुनावों में जीत हासिल करने के लिए एक तरफ जहां कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के दिग्गज नेताओं को मैदान में उतार रखा है। वहीं दूसरी तरफ वर्चुअल स्पेस के जरिए भी मतदाताओं को रिझाने के लिए रणनीति तैयार की है। इन चुनावों में पार्टी ने व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर अपनी टीम को एक्टिव कर दिया है। जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं वहां उन सभी जिलों में सोशल मीडिया सुपर इंचार्ज बनाए गए हैं।
वहीं, सभी विधानसभा सीट के प्रभारी और सह-प्रभारी अलग से बनाए गए हैं। इसके अलावा मंडल और बूथों के भी इंचार्ज और को-इंचार्ज भी बनाए गए हैं। पार्टी ने हर बूथ पर कार्यकर्ताओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है। जिस पर रोज की प्लानिंग और जानकारी शेयर की जा रही है। इनके कामकाज की निगरानी भोपाज स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठी टीम कर रही है।
भाजपा गिना रही काम, कांग्रेस कोरोना काल की खामियां
जैसे-जैसे उपचुनाव की मतदान के दिन करीब आते जाते रहे हैं। वैसे-वैसे दोनों पार्टियों के हमले एक दूसरे पर तेज होते जा रहे हैं। भाजपा एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर शिवराज सिंह चौहान की रैलियों का लाइव प्रसारण कर रही है। वहीं अपनी सरकार के कामों को भी गिना रही है। इसके अलावा उपचुनाव वाली सीटों के विकास का रोडमैप भी रख रही है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पूर्व सीएम कमलनाथ की रैलियां का प्रसारण कर रही है। फेसबुक, ट्वीटर के जरिए कोरोना काल में शिवराज सरकार की नाकामी को उजागर कर रही है। इसके अलावा कांग्रेस सरकार और भाजपा सरकार के कार्यों की तुलना कर भी जनता को बता रही है।
