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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Singrauli: When ambulance was not available, husband carried his wife on his shoulders and brought to hospital

Singrauli: बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, एंबुलेंस नहीं मिली तो पत्नी को कंधे पर लादकर 10 किमी दूर अस्पताल लाया पति

Thu, 11 Apr 2024 09:32 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सिंगरौली
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सिंगरौली Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 11 Apr 2024 09:32 PM IST
सार

सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र के बिलवानी गांव में आदिवासी युवक की पत्नी की तबीयत अचानक खराब हो गई। तमाम कोशिशों के बाद जब एम्बुलेंस नहीं मिली तो पत्नी को कंधे पर लादकर पैदल चल दिया। 

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Singrauli: When ambulance was not available, husband carried his wife on his shoulders and brought to hospital
सिंगरौली में एंबुलेंस नहीं मिली तो पत्नी को कंधे पर लादकर अस्पताल पहुंचा पति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के ऊर्जाधानी जिले सिंगरौली से स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी पत्नी को इलाज कराने के लिए करीब 10 किलोमीटर तक कंधे पर लादकर चलना पड़ा। सरकारी एम्बुलेंस के लिए उसने कई बार प्रयास किया लेकिन नही मिली। इसके बाद उसे यह कदम उठाना पड़ा। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी होने लगी है। 
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क्या है पूरा मामला 
दरअसल सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र के बिलवानी गांव में आदिवासी युवक की पत्नी की तबीयत अचानक खराब हो गई। तमाम कोशिशों के बाद जब एम्बुलेंस नहीं मिली तो पत्नी को कंधे पर लादकर पैदल चल दिया। 10 किलोमीटर दूर सरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने इलाज किया। पत्नी की हालत तो अब सुधर गई, पर बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की ये तस्वीर कब सुधरेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। 
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घटना का वीडियो आया सामने 
इस घटना को जिसने भी देखा दंग रह गया। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। घटना गुरुवार की है। मामले में जब अमर उजाला की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करना चाहा तो कई बार कॉल करने के बाद फ़ोन रिसीव नही किया गया। बहरहाल इस तरह की शर्मनाक तस्वीर से एक बार फिर स्वास्थ्य की किरकिरी शुरू हो गई है।
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खास बात यह है कि ऐसी स्थिति के लिए सरकारी एम्बुलेंस की सुविधा फ़ोन के जरिये मिल जाती है, इसके लिए कॉल सेंटर भी बनाया गया है। जहां पीड़ित कॉल करके सरकारी एम्बुलेंस की सुविधा प्राप्त कर सकता है, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी आदिवासी युवक को सरकारी एम्बुलेंस नहीं मिली, थक-हारकर पत्नी को इलाज के लिए कंधे पर लादकर पैदल ही चल दिया। 
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