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शिवुपरी: लोकायुक्त टीम ने पटवारी को 35 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा
Tue, 18 Jan 2022 04:19 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 18 Jan 2022 04:19 PM IST
सार
शिवपुरी में नामांतरण के नाम पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने एक पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा है। उसने 40 हजार रुपये की डिमांड की थी। बाद में 35 हजार रुपये में डील फाइनल हुई थी।
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शिवपुरी में रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार पटवारी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शिवपुरी में मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने एक पटवारी को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हा गिरफ्तार किया हैं। पटवारी भवन के नामांतरण के लिए 40 हजार की रिश्वत की डिमांड कर रहा था। बिना रिश्वत के भवन का नामांतरण नही कर रहा था। फरियादी ने परेशान होकर लोकायुक्त की शरण ली। शिवपुरी शहर का छावनी हल्के मे पदस्थ पटवारी अभिनव चतुर्वेदी को पटवारी के निवास स्थान आर्शीवाद हॉस्पिटल के पास फतेहपुर रोड पर 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथो पकडा हैं।
लोकायुक्त पुलिस को एक शिकायत में राजेंद्र जैन उर्फ रिंकू ने शिकायत की थी। फरियादी ने बताया कि उसका एक मकान गुरुद्वारे पर स्थित हैं। उसका नामांतरण कराना था। इसी सिलसिले में उसने पटवारी अभिनव चतुर्वेदी से मुलाकात की। पटवारी अभिनव टालता रहा। फिर 40 हजार रुपये की रिश्वत की डिमांड कर दी। जैन ने विरोध किया। उसने कहा कि इतने पैसे थोड़े ही लगते हैं। तब पटवारी ने कहा कि एसडीएम ऑफिस में सबको खिलाना पड़ता है। तब जाकर मामले की डील हुई और 35 हजार रुपये में काम करना तय किया गया। राजेन्द्र जैन ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस को शिकायत भी कर दी। कागजी कार्रवाई के बाद दोपहर 12 बजे रिश्वतखोर पटवारी को 35 हजार रुपए रिश्वत देना तय हुआ। फरियादी राजेन्द्र जैन ने पटवारी के घर गया। रिश्वत में 2 हजार के 17 नोट, 500 के 2 नोट दिए। जैसे ही राजेन्द्र ने यह नोट पटवारी के दिए और वह उसे गिनने लगा। राजेन्द्र जैन ने लोकायुक्त पुलिस को इशारा कर दिया।
कार्रवाई का विरोध किया तो बुलानी पड़ी पुलिसः
घर के बाहर खडी लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगे हाथ पकड लिया। अचानक से आई लोकायुक्त पुलिस की टीम को देख पटवारी अभिनव चतुर्वेदी चौक गया। कार्रवाई का विरोध भी किया। बताया जा रहा है कि पटवारी ने यह रिश्वत कुछ रसीद और अधिकारियों को देने के नाम पर मांगे थे। रिश्वतखोर पटवारी पर इस छापामार कार्यवाही में डीएसपी प्रद्युम्न पाराशर, टीआई आराधना डेविस, टीआई कविन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक देवेन्द्र पवैया, आरक्षक बलवीर सिंह, आरक्षक धीरज नायक, आरक्षक इंद्रभान सिंह शामिल थे।
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लोकायुक्त पुलिस को एक शिकायत में राजेंद्र जैन उर्फ रिंकू ने शिकायत की थी। फरियादी ने बताया कि उसका एक मकान गुरुद्वारे पर स्थित हैं। उसका नामांतरण कराना था। इसी सिलसिले में उसने पटवारी अभिनव चतुर्वेदी से मुलाकात की। पटवारी अभिनव टालता रहा। फिर 40 हजार रुपये की रिश्वत की डिमांड कर दी। जैन ने विरोध किया। उसने कहा कि इतने पैसे थोड़े ही लगते हैं। तब पटवारी ने कहा कि एसडीएम ऑफिस में सबको खिलाना पड़ता है। तब जाकर मामले की डील हुई और 35 हजार रुपये में काम करना तय किया गया। राजेन्द्र जैन ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस को शिकायत भी कर दी। कागजी कार्रवाई के बाद दोपहर 12 बजे रिश्वतखोर पटवारी को 35 हजार रुपए रिश्वत देना तय हुआ। फरियादी राजेन्द्र जैन ने पटवारी के घर गया। रिश्वत में 2 हजार के 17 नोट, 500 के 2 नोट दिए। जैसे ही राजेन्द्र ने यह नोट पटवारी के दिए और वह उसे गिनने लगा। राजेन्द्र जैन ने लोकायुक्त पुलिस को इशारा कर दिया।
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कार्रवाई का विरोध किया तो बुलानी पड़ी पुलिसः
घर के बाहर खडी लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को रंगे हाथ पकड लिया। अचानक से आई लोकायुक्त पुलिस की टीम को देख पटवारी अभिनव चतुर्वेदी चौक गया। कार्रवाई का विरोध भी किया। बताया जा रहा है कि पटवारी ने यह रिश्वत कुछ रसीद और अधिकारियों को देने के नाम पर मांगे थे। रिश्वतखोर पटवारी पर इस छापामार कार्यवाही में डीएसपी प्रद्युम्न पाराशर, टीआई आराधना डेविस, टीआई कविन्द्र सिंह चौहान, आरक्षक देवेन्द्र पवैया, आरक्षक बलवीर सिंह, आरक्षक धीरज नायक, आरक्षक इंद्रभान सिंह शामिल थे।
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