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नेहरू पर संग्राम: दिग्विजय ने कहा- पैरों की धूल भी नहीं हैं शिवराज
Sun, 11 Aug 2019 08:07 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sun, 11 Aug 2019 08:07 PM IST
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दिग्विजय सिंह-शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : Amar Ujala
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भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को अपराधी कहने पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि चौहान जवाहरलाल नेहरू के पैर की धूल भी नहीं हैं। ऐसे बयान देते समय उन्हें शर्म आनी चाहिए।
चौहान द्वारा नेहरू को अपराधी कहे जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए दिग्विजय ने सीहोर में कहा कि नेहरू के पैरों की धूल भी नहीं हैं शिवराज। शर्म आनी चाहिए उनको। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्विटर पर लिखा, 'देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू जिन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है,जिन्होंने आज़ादी के लिये संघर्ष किया,जिनके किये गये कार्य व देश हित में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनको मृत्यु के 55 वर्ष पश्चात् आज अपराधी कह कर संबोधित करना,बेहद आपत्तिजनक व निंदनीय है।'
ओडिशा में शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज ने इसकी दो वजहें बताईं। चौहान ने कहा कि जब भारतीय फौज कश्मीर से पाकिस्तानी कबायलियों को खदेड़ते हुए आगे बढ़ रही थी, ठीक उसी वक्त नेहरू ने संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया। इस वजह से कश्मीर का एक-तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में रह गया। यदि कुछ दिन और संघर्षविराम की घोषणा नहीं होती, तो पूरा कश्मीर भारत का होता।
उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू का दूसरा अपराध अनुच्छेद 370 था। भला एक देश में कैसे दो निशान, दो विधान (संविधान) और दो प्रधान अस्तित्व में हो सकते हैं? यह केवल देश के साथ अन्याय नहीं बल्कि अपराध भी है।
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चौहान द्वारा नेहरू को अपराधी कहे जाने को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए दिग्विजय ने सीहोर में कहा कि नेहरू के पैरों की धूल भी नहीं हैं शिवराज। शर्म आनी चाहिए उनको। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्विटर पर लिखा, 'देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू जिन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है,जिन्होंने आज़ादी के लिये संघर्ष किया,जिनके किये गये कार्य व देश हित में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनको मृत्यु के 55 वर्ष पश्चात् आज अपराधी कह कर संबोधित करना,बेहद आपत्तिजनक व निंदनीय है।'
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देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू जिन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है,जिन्होंने आज़ादी के लिये संघर्ष किया,जिनके किये गये कार्य व देश हित में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
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उनको मृत्यु के 55 वर्ष पश्चात् आज अपराधी कह कर संबोधित करना,बेहद आपत्तिजनक व निंदनीय है। — Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) August 11, 2019
ओडिशा में शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज ने इसकी दो वजहें बताईं। चौहान ने कहा कि जब भारतीय फौज कश्मीर से पाकिस्तानी कबायलियों को खदेड़ते हुए आगे बढ़ रही थी, ठीक उसी वक्त नेहरू ने संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया। इस वजह से कश्मीर का एक-तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में रह गया। यदि कुछ दिन और संघर्षविराम की घोषणा नहीं होती, तो पूरा कश्मीर भारत का होता।
उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू का दूसरा अपराध अनुच्छेद 370 था। भला एक देश में कैसे दो निशान, दो विधान (संविधान) और दो प्रधान अस्तित्व में हो सकते हैं? यह केवल देश के साथ अन्याय नहीं बल्कि अपराध भी है।
