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शिवपुरी: करैरा में 14 साल की लड़की और खनियांधाना में 18 वर्षीय लड़के की शादी रुकवाई, घंटों समझाइश के बाद माने परिजन
Mon, 09 May 2022 06:04 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 09 May 2022 06:04 PM IST
सार
शिवपुरी जिले में होने जा रहे दो बाल विवाह विभाग की सतर्कता से रोके गए हैं। करैरा में 14 साल की बेटी के विवाह की तैयारी हो रही थी, वहीं खनियांधाना थाना क्षेत्र के गांव पुरा में 18 वर्षीय लड़के की शादी हो रही थी। विभाग की समझाइश के बाद परिजन शादी नहीं करने के लिए माने।
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सही उम्र में शादी करने की समझाइश देती विभाग की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिवपुरी प्रशासन ने दो बाल विवाह होने से रोके हैं। समय पर सूचना मिलने और विभाग की समझाइश के बाद दो ऐसी शादियां टल गईं। करैरा में 14 साल की बेटी के विवाह की तैयारी हो रही थी, वहीं खनियांधाना थाना क्षेत्र के गांव पुरा में 18 वर्षीय लड़के की शादी हो रही थी। विभाग की समझाइश के बाद परिजन शादी नहीं करने के लिए माने।
जानकारी के अनुसार पहला मामला करैरा का था। करैरा परियोजना अधिकारी प्रियंका बुनकर को अमोला के मितलोनी में 14 वर्षीय लाड़ो के बाल विवाह की सूचना मिली थी। जिस पर वे सेक्टर सुपरवाइजर गीता जाटव के साथ मौके पर पहुंचीं। जहां स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सुषमा आर्य, उषा गौतम, सुधा गुप्ता, किरण पचौरी एवं आंगनवाड़ी सहायिका धनोवाई को साथ लिया और बालिका के परिजनों से उम्र के प्रमाण प्राप्त किए। जिनके अनुसार लड़की की उम्र 14 वर्ष होने से परिजनों को विवाह न करने के लिए समझाया।
परिजनों ने टीम के सामने तर्क रखा कि लड़की का पिता नहीं है, मां काम पर चली जाती है। घर पर कौन उसकी रखवाली करे। इसलिए उसका विवाह करना चाहते हैं। टीम ने समझाया कि अगर पिता नहीं है तो बेटी का पालन पोषण करना, उसे पढ़ा-लिखाकर जागरूक बनाना और सही उम्र में विवाह करना मां के साथ परिवार, समाज और रिश्तेदारों की जिम्मेदारी होती है। आज जैसे सभी रिश्तेदार और परिवार के लोग उसका कम उम्र में विवाह कर रहे हैं, वे विवाह तो बाद में भी कर देंगे। पहले उसे विवाह के काबिल तो बनाओ। उसे सक्षम और सजग बनाओ अपनी रखबाली वो खुद कर लेगी। टीम के 2 घंटे तक समझाने के बाद परिवार उम्र पूरी होने के बाद विवाह करने को राजी हुआ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और पंचायत सचिव को बालिका के परिवार की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
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परिजनों का आश्वासन- लड़का 21 का हो जाएगा तभी करेंगे विवाह
दूसरा मामला खनियांधाना थाना क्षेत्र के गांव पुरा का है। यहां 18 वर्षीय लड़के का विवाह रुकवाने टीम पहुंची थी। शादी बाद में करने को तो तैयार हो गए पर दादा का कहना था कि आप कहते हैं तो हम तीन साल बाद विवाह कर लेंगे। पर साहब खाना बन गया है, मेहमानों को खाना तो खिला दें। खाना खिलाकर उन्हें रवाना कर देंगे।
बता दें कि बीते रोज चाइल्ड लाइन नंबर पर पुरा गांव में नाबालिग लड़के के बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास की टीम मौके पर पहुंची थी। उम्र के प्रमाण देखने के बाद परिजनों को विवाह न करने के लिए समझाया। जब कानून में सजा की बात बताई तो परिजन उम्र पूरी होने के बाद विवाह करने को सहमत हुए। टीम में सेक्टर सुपरवाइजर शांति इक्का, सहायक ग्रेड 3 विकास नायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राजकुमारी यादव,पंचायत सचिव साहू एवं सरपंच कमलेश राजा बुंदेला मौजूद थे।
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जानकारी के अनुसार पहला मामला करैरा का था। करैरा परियोजना अधिकारी प्रियंका बुनकर को अमोला के मितलोनी में 14 वर्षीय लाड़ो के बाल विवाह की सूचना मिली थी। जिस पर वे सेक्टर सुपरवाइजर गीता जाटव के साथ मौके पर पहुंचीं। जहां स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सुषमा आर्य, उषा गौतम, सुधा गुप्ता, किरण पचौरी एवं आंगनवाड़ी सहायिका धनोवाई को साथ लिया और बालिका के परिजनों से उम्र के प्रमाण प्राप्त किए। जिनके अनुसार लड़की की उम्र 14 वर्ष होने से परिजनों को विवाह न करने के लिए समझाया।
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परिजनों ने टीम के सामने तर्क रखा कि लड़की का पिता नहीं है, मां काम पर चली जाती है। घर पर कौन उसकी रखवाली करे। इसलिए उसका विवाह करना चाहते हैं। टीम ने समझाया कि अगर पिता नहीं है तो बेटी का पालन पोषण करना, उसे पढ़ा-लिखाकर जागरूक बनाना और सही उम्र में विवाह करना मां के साथ परिवार, समाज और रिश्तेदारों की जिम्मेदारी होती है। आज जैसे सभी रिश्तेदार और परिवार के लोग उसका कम उम्र में विवाह कर रहे हैं, वे विवाह तो बाद में भी कर देंगे। पहले उसे विवाह के काबिल तो बनाओ। उसे सक्षम और सजग बनाओ अपनी रखबाली वो खुद कर लेगी। टीम के 2 घंटे तक समझाने के बाद परिवार उम्र पूरी होने के बाद विवाह करने को राजी हुआ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और पंचायत सचिव को बालिका के परिवार की निगरानी करने के लिए कहा गया है।
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परिजनों का आश्वासन- लड़का 21 का हो जाएगा तभी करेंगे विवाह
दूसरा मामला खनियांधाना थाना क्षेत्र के गांव पुरा का है। यहां 18 वर्षीय लड़के का विवाह रुकवाने टीम पहुंची थी। शादी बाद में करने को तो तैयार हो गए पर दादा का कहना था कि आप कहते हैं तो हम तीन साल बाद विवाह कर लेंगे। पर साहब खाना बन गया है, मेहमानों को खाना तो खिला दें। खाना खिलाकर उन्हें रवाना कर देंगे।
बता दें कि बीते रोज चाइल्ड लाइन नंबर पर पुरा गांव में नाबालिग लड़के के बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास की टीम मौके पर पहुंची थी। उम्र के प्रमाण देखने के बाद परिजनों को विवाह न करने के लिए समझाया। जब कानून में सजा की बात बताई तो परिजन उम्र पूरी होने के बाद विवाह करने को सहमत हुए। टीम में सेक्टर सुपरवाइजर शांति इक्का, सहायक ग्रेड 3 विकास नायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता राजकुमारी यादव,पंचायत सचिव साहू एवं सरपंच कमलेश राजा बुंदेला मौजूद थे।
