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Shivpuri News: आधी अधूरी जानकारी लेकर पहुंचे कर्मचारी, बाल आयोग की सदस्य ने जताई नाराजगी

Mon, 16 Jun 2025 07:15 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: शिवपुरी ब्यूरो Updated Mon, 16 Jun 2025 07:15 PM IST
सार

शिवपुरी में बाल आयोग सदस्य निवेदिता शर्मा ने समन्वय बैठक में विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताई। शिक्षा और पुलिस विभाग महत्वपूर्ण जानकारियाँ नहीं दे सके, जैसे स्कूलों की मान्यता, छात्रावास सूची व पॉक्सो प्रकरणों का डाटा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल्द जानकारी देने और पीड़ितों को सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

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shivpuri-Employees arrived with incomplete information, Child Commission member expressed displeasure
आयोग की सदस्य ने बैठक ली

विस्तार

शिवपुरी में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य निवेदिता शर्मा ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में पहुंचकर विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठक में भाग लिया। इस दौरान शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक

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में नहीं पहुंचे। बैठक में जो कर्मचारी पहुंचे थे, वह अपने विभाग से संबंधित आधी-अधूरी जानकारी के साथ आए। इस पर बाल आयोग की सदस्य निवेदिता शर्मा ने नाराजगी जाहिर की।
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बैठक में आयोग सदस्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह समय पर आयोग को जानकारी उपलब्ध कराएं। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर ममता शाक्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग डीएस जादौन, बाल कल्याण समिति सदस्य और किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यगण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
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स्कूलों और छात्रावासों की नहीं दे पाए जानकारी
बैठक में मौजूद शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी नहीं आए, जबकि उन्होंने अपने अधीनस्थ अमले के खेल अधिकारी और सर्व शिक्षा अभियान से राजोरिया को भेज दिया। बाल आयोग सदस्य निवेदिता शर्मा ने शिवपुरी जिले में मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची मांगी। इसके अलावा उन्होंने पूछा कि कितने ऐसे प्राइवेट छात्रावास हैं जो संचालित हो रहे हैं, लेकिन इसकी सूची विभाग के अधिकारी उपलब्ध नहीं कर पाए। आयोग की सदस्य ने जल्द यह जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिवपुरी के सेंट चार्ल्स स्कूल की मान्यता को लेकर भी आयोग की सदस्य ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में उन्होंने यहां इस स्कूल का निरीक्षण किया था तब मान्यता नहीं मिली थी। मान्यता नहीं होने के बाद क्या अधिकारियों द्वारा पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की गई। इसके बारे में जानकारी मांगी गई तो शिक्षा विभाग के अधिकारी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कर पाए। शिक्षा विभाग की ओर से मौजूद कर्मचारियों ने इतना कहा कि हाईकोर्ट से स्टे है। आयोग की सदस्य ने बदरवास में मदरसा छात्रावास बिना मान्यता के चलने पर भी सवाल उठाए और इसकी जानकारी भी अभी तक आयोग की उपलब्ध न करने पर नाराजगी जाहिर की।


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पॉक्सो एक्ट के तहत के प्रकरणों का डाटा उपलब्ध नहीं करा पाए
आयोग की सदस्य ने पुलिस विभाग की ओर से मौजूद विशेष किशोर पुलिस ईकाई (एसजेपीयू) के पुलिस कर्मचारियों से पूछा कि बीते साल पॉक्सो एक्ट के तहत कितने प्रकरण दर्ज किए गए। बैठक में आए कर्मचारी जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए। आयोग सदस्य ने कहा कि वह पूरी जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। आयोग सदस्य ने सभी स्टेकहोल्डर को निर्देश दिए कि पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़ितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की पहल करें।

सीडब्ल्यूसी से कहा कि पीड़ितों को सपोर्ट पर्सन उपलब्ध कराएं
आयोग की सदस्य निवेदिता शर्मा ने बाल कल्याण समिति सीडब्ल्यूसी के सदस्यों से चर्चा करते हुए कहा कि वह पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज होने वाले प्रकरणों एवं जेजे एक्ट के तहत अन्य प्रकरणों में पीड़ितों को सपोर्ट पर्सन उपलब्ध कराएं जिससे उनकी मदद हो सके।

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