शाजापुर: ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर शाजापुर बना आत्मनिर्भर, तीन प्लांट से मिल रही 1360 एलपीएम ऑक्सीजन
शाजापुर जिले में कोरोना संक्रमण को प्रभाव पिछले छह महीने से नहीं है, बावजूद कोरोना संक्रमण से जंग के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। जिला ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो गया है। ऑक्सीजन उत्पादन के लिए तीन प्लांट काम कर रहे हैं।
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शाजापुर जिले में कोरोना संक्रमण को प्रभाव पिछले छह महीने से नहीं है, बावजूद कोरोना संक्रमण से जंग के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान सबसे ज्यादा समस्या ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर सामने आई थी। इससे सबक लेकर जिला ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर हो गया है। ऑक्सीजन उत्पादन के लिए तीन प्लांट लगाए गए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी जुटा लिए गए हैं।
कुछ दिनों पहले हुई जिला आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में तीसरी लहर से निपटने के इंतजामों की समीक्षा की गई थी। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री ब्रजेंद्रसिंह यादव भी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि अब जिला ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर है। जिला मुख्यालय पर दो और शुजालपुर में एक ऑक्सीजन प्लांट संचालित होने के साथ सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं। यह दूसरी लहर के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। कुछ कंसंट्रेटर स्वास्थ्य विभाग ने खरीदे थे, वहीं बड़ी संख्या में कंसंट्रेटर दूसरी लहर के बाद पीएम केयर फंड से भी प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा दूसरी लहर की तुलना में अब स्वास्थ्य विभाग के पास ऑक्सीजन के सिलेंडर भी ज्यादा संख्या और क्षमता में उपलब्ध हैं।
पुलिस सुरक्षा में रखना पड़े थे ऑक्सीजन सिलेंडर
दूसरी लहर के दौरान कोरोना मरीजों के स्वजन ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए इतने परेशान थे कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता था। जिला अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन लूट कांड के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर की सुरक्षा के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी थी। स्थिति यह तक बनी कि ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आई गाड़ी को पुलिस सुरक्षा में ट्रामा सेंटर परिसर में रखा गया।
कोरोना या श्वांस संबंधी मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में स्थापित किए गए तीन ऑक्सीजन प्लांट से 1360 एलपीएम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। इसमें जिला मुख्यालय पर ट्रॉमा सेंटर परिसर में 960 और 200 एलपीएम के दो प्लांट लगाए गए हैं। वहीं एक प्लांट शुजालपुर के सरकारी अस्पताल परिसर में लगाया गया है। तीनों प्लांट वर्तमान में संचालित हैं और जिम्मेदारों के अनुसार इनसे ऑक्सीजन का उत्पादन भी बेहतर ढंग से हो रहा है। इसके अलावा ऑक्सीजन पूर्ति के लिए अलग-अलग क्षमता के 344 कंसंट्रेटर और 903 ऑक्सीजन सिलेंडर स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध हैं। इसके अलावा जिले के प्राइवेट अस्पतालों के पास भी ऑक्सीजन की उपलब्धता है। कलेक्टर दिनेश जैन ने बताया कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर व नए वैरिएंट ओम्रिकोन को लेकर पुख्ता तैयारियां हैं। ऑक्सीजन के मामले में जिले में दूसरी लहर की तुलना में काफी अच्छी व्यवस्था है।
