{"_id":"64a28827b1e3c36a430ceca5","slug":"shahdol-news-vomiting-diarrhea-and-smallpox-wreak-havoc-in-bel-patora-patients-increasing-continuously-2023-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol News: बेल पटौरा में उल्टी-दस्त और चेचक का कहर, स्वास्थ्य अमला बना मूक दर्शक, लगातार बढ़ रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol News: बेल पटौरा में उल्टी-दस्त और चेचक का कहर, स्वास्थ्य अमला बना मूक दर्शक, लगातार बढ़ रहे मरीज
Mon, 03 Jul 2023 02:04 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 03 Jul 2023 02:04 PM IST
सार
ग्राम पंचायत गोडिनबूडा के बेल पटौरा टोला में उल्टी दस्त और चेचक फैलने से दो दर्जन से अधिक ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीन्क बिजुरी में चिकित्सक न होने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
गोबिनबूडा में उल्टी दस्त और चेचक का कहर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शहडोल जिले के बुढ़ार विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोडिनबूडा के बेल पटौरा टोला में उल्टी दस्त और चेचक फैलने से दो दर्जन से अधिक ग्रामीण इसकी चपेट में आ गए हैं। गांव में किसी चिकित्सक के नहीं होने से उन्हें उपचार नहीं मिल पा रहा है। इससे मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार लगभग 20 दिन पहले गोडिनबूडा पंचायत की बेल पटौरा निवासी दादली बाई, भारती भरेवा, नीतेश, शिव प्रसाद, बसंती बैगा सहित कई घरों में अचानक एक एक करके लोग उल्टी-दस्त के साथ ही चेचक की चपेट में आते चले गए। इसके साथ ही इस बीमारी के फैलने का सिलसिला जारी रहा और अब तक मोहल्ले के दो दर्जन से अधिक लोग उल्टी-दस्त और चेचक जैसी बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। अब धीरे धीरे मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीन्क बिजुरी में पूर्व में जिस डॉक्टर की पदस्थापना थी, उनका स्थानांतरण यहां से जिला चिकित्सालय शहडोल के लिए कर दिया गया है। वहीं क्षेत्र में स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सीएचओ का भी ट्रांसफर हो चुका है। इसके अलावा गांव में जो एएनएम पदस्थ है वह भी कार्यस्थल तक नही पहुंच रही है। ऐसी स्थिति में उपचार के आभाव में बीमारी के और अधिक पांव पैसारने का खतरा है। पंचायत के सचिव द्वारा झींक बिजुरी अस्पताल जाकर लगभग 20 दिन पूर्व इस बीमारी के फैलने की जानकारी दी गयी थी। लेकिन आज तक इस ओर स्वास्थ्य विभाग ने कोई आवश्यक कदम नहीं उठाया है। अब ग्राम वासियों को डर सता रहा है कि कहीं यह बीमारी पूरे गांव में न फ़ैल जाए। इसलिए गांव में इसकी रोकथाम के लिए शिविर लगाए जाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीन्क बिजुरी में पूर्व में जिस डॉक्टर की पदस्थापना थी, उनका स्थानांतरण यहां से जिला चिकित्सालय शहडोल के लिए कर दिया गया है। वहीं क्षेत्र में स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ सीएचओ का भी ट्रांसफर हो चुका है। इसके अलावा गांव में जो एएनएम पदस्थ है वह भी कार्यस्थल तक नही पहुंच रही है। ऐसी स्थिति में उपचार के आभाव में बीमारी के और अधिक पांव पैसारने का खतरा है। पंचायत के सचिव द्वारा झींक बिजुरी अस्पताल जाकर लगभग 20 दिन पूर्व इस बीमारी के फैलने की जानकारी दी गयी थी। लेकिन आज तक इस ओर स्वास्थ्य विभाग ने कोई आवश्यक कदम नहीं उठाया है। अब ग्राम वासियों को डर सता रहा है कि कहीं यह बीमारी पूरे गांव में न फ़ैल जाए। इसलिए गांव में इसकी रोकथाम के लिए शिविर लगाए जाने की आवश्यकता है।
विज्ञापन
